'आशाएँ' कहती है ज़िंदगी अभी जियो: नागेश

निर्देशक नागेश कुकुनूर कहते हैं कि उनकी नई फ़िल्म 'आशाएँ' लोगों को ज़िंदगी जीने की सीख देती है.
रिलीज़ के लिए तैयार इस फ़िल्म के बारे में नागेश कहते हैं, "फ़िल्म में दिखाया गया है कि ज़िंदगी अभी (इसी पल में) जीना बहुत ज़रूरी है."
फ़िल्म में जॉन अब्राहम एक अहम भूमिका निभा रहे हैं और नागेश का कहना है कि वो दर्शकों को एक नए रूप में दिखेंगे.
"इस फ़िल्म को देखने के बाद दर्शकों का जॉन के प्रति नज़रिया ही बदल जाएगा. अभी उनकी छवि ऐसी है कि वो बस एक अच्छे दिखने वाले और अच्छे कपड़े पहनने वाले नौजवान हैं. लेकिन इस फ़िल्म में उनके अंदर की प्रतिभा खुल कर बाहर आई है. अगर जॉन को मौक़ा मिले तो वो बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं."
इस फ़िल्म को बनने में क़रीब में 2 साल लगे. अभिनेता जॉन अब्राहम कहते हैं कि उन्होंने इस फ़िल्म की शूटिंग 'न्यूयॉर्क' और 'दोस्ताना' से भी पहले शुरु कर दी थीं.
जॉन का कहना है, "मैं खु़श हूं कि ये फ़िल्म आज की तारीख़ में रिलीज़ हो रही है. 2 साल पहले इस फ़िल्म को शायद उस तरह के दर्शक नहीं मिलते जिस तरह के आज मिल सकते हैं. आजकल 'उड़ान' और 'तेरे बिद लादेन' जैसी छोटी फ़िल्मों को भी सराहा जा रहा है."
कहा जा रहा है कि जॉन अब्राहम ने इस फ़िल्म के लिए कोई पैसा नहीं लिया.
जॉन कहते हैं, "मुझे इस फ़िल्म की स्क्रिप्ट बहुत उम्दा लगी लेकिन मुझे बताया गया था कि फ़िल्म का बजट बहुत सीमित है इसलिए मैंने ये फ़िल्म मुफ़्त में की. मुझे इस फ़िल्म का संदेश बहुत प्यारा लगा."
"मेरे किरदार का नाम राहुल शर्मा है जो कि जुआ खेलने का आदि है. एक दिन उसे पता चलता है कि उसके पास जीने के लिए सिर्फ़ 90 दिन बाक़ि हैं. फिर वो अपनी जीती हुई राशि से कैसे कुछ लोगों की ज़िंदगी बदलता है, फ़िल्म में यही दिखाया गया है."
फ़िल्म में जॉन के साथ दिखाई देंगे सोनल सहगल, गिरीश कर्नाड, फ़रीदा जलाल और अनाहिता नायर.
































