यहां नाले में बहती शराब बनी परेशानी का सबब

शराबबंदी

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    • Author, मनीष शांडिल्य
    • पदनाम, पटना से, बीबीसी हिंदी के लिए

बिहार में शराबबंदी के बावजूद लगभग हर रोज़ बड़े पैमाने पर शराब ज़ब्त हो रही है.

इस साल अप्रैल से अगस्त के बीच क़रीब एक लाख 57 हजार लीटर विदेशी और क़रीब 87 हजार लीटर देसी शराब ज़ब्त की गई है.

प्रशासन ज़ब्त शराब को समय-समय पर नष्ट करता रहता है, लेकिन ये कार्रवाई हाल के दिनों में बिहार के कुछ इलाकों में आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनके समाने आई है.

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शराब की बदबू

बक्सर शहर के चरित्रवन इलाके में सोमवार को बिहार स्टेट बीवरेजेज़ कॉरपोरेशन यानी बीएसबीसीएल के अहाते में शराब नष्ट की गई. नष्ट शराब अहाते से निकलकर सड़क पर भी बहने लगी. यह शहर का घनी आबादी वाला इलाका है. यहां रहने वाले रोहित के मुताबिक क़रीब एक सप्ताह के बाद भी इलाके में परेशान करने वाली शराब की गंध फैली हुई है.

वे बताते हैं, ''जिस दिन शराब नष्ट की गई उस दिन तेज़ दुर्गंध आ रही थी और मन कर रहा था कि मोहल्ला ही छोड़ दें. बदबू के कारण खाने तक में परेशानी हो रही थी. घर में रहने का मन ही नहीं कर रहा था.''

चरित्रवन जैसी ही परेशनी से पटना ज़िले के खगौल इलाके के लखनीबिगहा के लोग भी रुबरु हुए. यहां भी बीएसबीसीएल का गोदाम है. लखनीबिगहा के लोगों ने तो बीते मंगलवार को गोदाम के बाहर प्रदर्शन भी किया.

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इलाके के पूर्व निगम पार्षद अशोक शर्मा बताते हैं, ''गोदाम के बाहर चारों तरफ पानी जमा हुआ है. नष्ट शराब इस पानी में आकर मिल गई और इससे काफी दुर्गंध फैल गई. इसके कारण आस-पास के स्कूलों में कुछ दिनों तक बच्चे कम आए. महक से घर में रहना मुश्किल हो गया. शराब अब भी महकता है.''

इस संबंध में लखनीबिगहा स्थित बीएसबीसीएल डिपो के विदेशी शराब प्रबंधक परशुराम सिंह ने बताया, ''शराब की दुर्गंध को कम करने के लिए इलाके में ब्लीचिंग पाउडर और कैरोसिन तेल का छिड़काव किया गया है.''

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परेशानी से निपटने के लिए विभाग की योजना?

परशुराम के मुताबिक भविष्य में इलाके के लोग ऐसी परेशानी का सामना नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, ''विभाग से आदेश मिला है कि गोदाम में अब शराब नष्ट करने का काम नहीं किया जाएगा. बची हुई बीयर को वापस फ़ैक्ट्री में भेजा जाएगा और वहीं उसे ड्रेन आउट किया जाएगा.''

वहीं खबरों के मुताबिक, वैशाली के भगवानपुर इलाके में एक शराब फ़ैक्ट्री में नष्ट की गई शराब के बहने से आसपास के कुछ खेतों में लगी धान की फ़सल को नुकसान पहुंचा है.

ऐसी परेशानी सूबे के दूसरे ज़िलों के लोगों को नहीं उठनी पड़े इसके लिए विभाग की क्या योजना है? इस सवाल पर संबंधित उत्पाद और मद्य निषेध विभाग के एक अधिकारी ने बताया, ''अभी हमें ज़िलों से ऐसी शिकायतें नहीं मिली हैं. शिकायतें मिलने पर विभाग इस संबंध में उचित कार्रवाई करेगा.''

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