You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
पीएम के गृहनगर में दलित ने की 'आत्महत्या'
- Author, रॉक्सी गागेदकर छारा
- पदनाम, बीबीसी गुजराती संवाददाता
गुजरात में वडनगर क्षेत्र के शेखपुर गांव में एक प्राथमिक स्कूल में मध्याह्न भोजन योजना (मिड डे मील) के प्रबंधक के रूप में काम करने वाले एक दलित व्यक्ति ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली है.
वडनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृहनगर है.
आरोप है कि स्कूल के तीन शिक्षकों के शोषण से परेशान होकर महेश भाई चावड़ा नाम के शख्स ने आत्महत्या की.
पुलिस ने छह फ़रवरी की शाम को शेखपुर गांव के एक कुएं से महेशभाई का शव निकाला.
पुलिस ने बताया कि आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए स्कूल के तीन शिक्षकों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया गया है.
पुलिस के मुताबिक इसी स्कूल में मृतक की पत्नी इला बेन मिड डे मील बनाने का काम करती हैं.
मेहसाणा के पुलिस अधीक्षक रविंद्र मांडलिक ने बीबीसी को बताया, "पुलिस उपाधीक्षक स्तर का अधिकारी इस मामले की जांच करेगा और इस मामले में जल्द से जल्द से कार्रवाई हो ये सुनिश्चित किया जाएगा."
महेश के छोटे भाई पीयूष व्यास ने कहा कि उन्होंने प्रशासन के सामने तीन मांगें रखी हैं जिन्हें ज़िला प्रशासन ने मान लिया है. इन मांगों में 35 साल की इला को सरकारी नौकरी देने और परिवार को तुरंत आर्थिक मदद देना शामिल है.
पुलिस के मुताबिक मृतक के बेटी के स्कूल बैग से सुसाइड नोट मिला है.
सुसाइड नोट के मुताबिक बीते एक-डेढ़ साल से स्कूल के तीन टीचर महेश को लगातार परेशान कर रहे थे. पुलिस ने स्कूल अध्यापकों मोमिन हुसैन अब्बास भाई, अमाजी अनारजी ठाकोर और प्रजापति विनोदभाई के ख़िलाफ़ आत्महत्या के लिए उकसाने और दलित उत्पीड़न का मामला दर्ज़ गया है.
आरोप लगाया गया है कि ये अध्यापक महेश के साथ भेदभाव करते थे, नाश्ता लेने के लिए भेजते थे और पैसा नहीं देते थे. यही नहीं, नाश्ता नहीं लाने पर उन्हें परेशान भी किया जाता था.
महेश भाई की तनख्वाह 1600 रुपये प्रतिमाह थी, जबकि उनकी पत्नी को 1400 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)