भारतीय अर्थव्यवस्था बेहद कमजोर लेकिन चीन से आगेः IMF -पांच बड़ी ख़बरें

International Monetary Fund,

इमेज स्रोत, Reuters

पढ़ने का समय: 3 मिनट

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) ने गुरुवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बढ़ने की दर अनुमान से काफी कम है.

हालांकि, इसके साथ ही आईएमएफ़ ने ये भी कहा कि कम विकास दर के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था चीन से कहीं आगे रहेगी और साथ ही दुनिया की सबसे तेज़ी से विकास करने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बनी रहेगी.

आईएमएफ़ के प्रवक्ता गैरी राइस ने कहा, "हम नए आंकड़े पेश करेंगे लेकिन कॉरपोरेट एवं पर्यावरणीय नियामक की अनिश्चितता एवं कुछ गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफ़सी) की कमजोरियों के कारण भारत में हालिया आर्थिक वृद्धि उम्मीद से काफी कमजोर है."

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत की विकास दर बीते सात सालों में सबसे कम 5 फ़ीसदी रही है. बीते वर्ष इसी दौरान विकास दर 8 फ़ीसदी थी.

आईएमएफ़ की रिपोर्ट में भारत की विकास दर को पहले 7.5 फ़ीसदी आंका गया था लेकिन अब इसमें 0.3 फ़ीसदी और कटौती कर दी गई है. यानी आईएमएफ़ की नज़र में विकास दर 7.2 फ़ीसदी रहेगी.

इसकी वजह आईएमएफ़ ने घरेलू मांग में कमी को बताया है.

भारत सरकार ने जो आंकड़े जारी किए थे उसके मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग और कृषि सेक्टर में गिरावट के कारण विकास दर में गिरावट आई है.

सुप्रीम कोर्ट, यूनिफॉर्म सिविल कोड

इमेज स्रोत, PTI

यूनिफॉर्म सिविल कोड लाने का ठोस प्रयास नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर यूनिफॉर्म सिविल कोड को तैयार किए जाने पर जोर दिया.

सुप्रीम कोर्ट के कहा कि हमने खुद यूनिफॉर्म सिविल कोड बनाने को कहा था, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है.

शुक्रवार को कोर्ट ने यह अफसोस जताया कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रोत्साहन के बावजूद इस मकसद को हासिल करने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया.

कोर्ट ने इस दौरान गोवा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां समान नागरिक संहिता लागू है.

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जोसे पौलो कूटिन्हो बनाम मारिया लुइजा वैलेंटाइन पेरेइरा मामले में फ़ैसला सुनाते हुए यह टिप्पणी की.

दिवाकर रावते

इमेज स्रोत, Twitter @DRaote

महाराष्ट्र: मोटर व्हीकल एक्ट को लागू नहीं होगा

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने फिर दुहराया है कि राज्य में नए मोटर व्हीकल एक्ट को लागू नहीं किया जाएगा.

मुंबई में रावते ने पत्रकारों को बताया कि केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का अब तक कोई जवाब नहीं मिला यही कारण है कि राज्य में नए यातायात नियमों को लागू नहीं किया जा सकता.

रावते ने कहा कि नए नियमों में खामियां हैं और इससे लोगों को परेशानी हो सकती है, लिहाजा इसे महाराष्ट्र में लागू नहीं कर रहे हैं.

दिल्ली छात्र संघ चुनाव, DUSU Election

इमेज स्रोत, TWITTER @ABVP

दिल्ली छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी को तीन सीटें

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को तीन जबकि एनएसयूआई को एक पद मिला है.

एबीवीपी ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव समेत तीन पदों पर जीत हासिल की है, जबकि सचिव पद पर अखिल भारतीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) का प्रत्याशी जीता है.

अध्यक्ष पद पर अक्षित दहिया, उपाध्यक्ष पद पर प्रदीप तंवर और संयुक्त सचिव पद पर शिवांगी खरवाल और सचिव पद पर आशीष लांबा की जीत हुई है.

पिछले साल भी तीन पदों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और एक पर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने जीत दर्ज की थी.

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

अमेज़न की आग

इमेज स्रोत, EPA

अमेज़न में आर्थिक विकास की योजना

अमरीका और ब्राज़ील ने अमेज़न में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई है.

ब्राज़ील के विदेश मंत्री एरनेस्टो अराऊज़ू ने अमरीका में कहा कि अमेज़न में नई नौकरियां पैदा करके और वाणिज्यिक पहलों से उसे बचाया जा सकता है.

उन्होंने ये भी कहा कि ब्राज़ील की क्षमताओं पर सवाल उठ रहे हैं लेकिन देश अपनी समस्याओं से निपटने में सक्षम है.

उन्होंने कहा, "दुनियाभर में अमेज़न के लिए सवाल उठाए जा रहे हैं कि हम पर्यावरण संबंधी समस्याओं से निपटने में सक्षम नहीं हैं. लेकिन, ये सच नहीं है. अमरीका में मौजूद हमारे दोस्तों को ये पता है कि ये सच नहीं है. हमें नई पहलों, नई नौकरियों की ज़रूरत है ताकि अमेज़न के लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर की जा सके."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो सकते हैं.)