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नूपुर शर्मा को समन देने आई मुंबई पुलिस को निराशा, नहीं मिलीं बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता - प्रेस रिव्यू
मुंबई पुलिस की एक टीम बीते चार दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए बैठी है. टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से लिखा है कि वे चार दिन से दिल्ली में हैं.
वे बीजेपी से निलंबित और पूर्व प्रवक्ता रहीं नूपुर शर्मा को समन देने के लिए आए थे लेकिन अभी तक नूपुर शर्मा मिली नहीं हैं. उन्हें तलाश करने की कोशिश की जा रही है लेकिन वह अभी तक मिली नहीं हैं.
उन्होंने बताया कि नूपुर शर्मा के नहीं मिलने की वजह से मुंबई पुलिस ने अब ई-मेल के माध्यम से ही उन्हें समन भेज दिया है. नूपुर शर्मा ने एक टीवी चैनल पर डिबेट के दौरान पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद उनके ख़िलाफ़ मुंबई में एफ़आईआर दर्ज हुई थी. इस एफ़आईआर से जुड़े समन देने के लिए ही मुंबई पुलिस दिल्ली आई हुई है.
हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के अनुसार, मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को बीते चार दिन में मुंबई पुलिस तलाश नहीं पाई है. 11 जून को मुंबई के पाइधोनी पुलिस स्टेशन ने नूपुर को 25 जून से पहले पेश होने के लिए समन जारी किया था ताकि वो आकर अपना बयान दर्ज करवा सकें.
मुंबई के पाइधोनी पुलिस स्टेशन में रज़ा अकादमी के मुंबई विंग के ज्वाइंट सेक्रेटरी इरफ़ान शेख़ ने शिकायत दर्ज करवाई थी. उनकी शिकायत के आधार पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने और सार्वजनिक अशांति को भंग करने के मामले में एफ़आईआर दर्ज की गई थी. यह एफ़आईआर 10 जून को दर्ज की गई थी, जिस दिन जुमे की नमाज़ के बाद देश के कई हिस्सों में हिंसा भड़क गई थी.
टेलीग्राफ़ ने इस ख़बर को आगे बढ़ाते हुए लिखा है कि मुंबई से आई पुलिस की टीम को दिल्ली पुलिस से बहुत अधिक सहयोग नहीं मिला.
हालांकि चार दिन के इंतज़ार के बाद मुंबई पुलिस ने नूपुर को ईमेल से समन भेज दिया है. नूपुर शर्मा को 25 जून तक सुबह 11 बजे से पहले मुंबई में हाज़िर होने के लिए कहा गया है.
NCERT की किताबों में अब नहीं मिलेगा 'गुजरात दंगों का अध्याय'
द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, साल 2014 से जब से एनडीए की सरकार आई है, तब से पाठ्यक्रम में कई तरह के बदलाव समय-समय पर किए गए हैं. इन बदलावों के तहत कुछ अंशों को एनसीईआरटी की किताबों से हटा दिया गया है और कुछ प्रस्तावित हैं.
जो अंश हटाए जाएंगे उनमें मुख्य तौर पर गुजरात दंगों वाला संदर्भ, इमरजेंसी की कठोरता का लोगों और संस्थानों पर पड़ा असर, प्रदर्शनों और सामाजिक आंदोलनों से जुड़े चैप्टर, साथ ही नर्मदा बचाओ आंदोलन के दौरान हुए प्रदर्शन, दलित पैंथर्स और भारतीय किसान यूनियन के प्रदर्शनों और आंदोलनों के रेफ़रेंस वाले हिस्से शामिल हैं
ये सभी बदलाव छह महीने पहले एनसीईआरटी के एक 'टेक्स्ट बुक रैशनलाइज़ेशन' मुहिम के तहत हैं.
इंडियन एक्सप्रेस ने कक्षा छह से लेकर कक्षा 12 तक की मौजूदा इतिहास, राजनीति विज्ञान और समाज शास्त्र की किताबों की पड़ताल की है और प्रस्तावित परिवर्तनों से उनकी तुलना की गई है.
साल 2014 के बाद से यह तीसरा मौक़ा है जब टेक्स्ट बुक रिव्यू किया जा रहा है. सबसे पहले साल 2017 में बदलाव किया गया था. इसके तहत एनसीईआरटी ने 1334 बदलाव किये थे. जिसमें कुछ नए चैप्टर्स को जोड़ना, सुधार करना और डेटा अपडेट करना जैसे बदलाव शामिल थे.
इसके बाद दूसरा बदलाव साल 2019 में किया गया. उस दौरान तत्कालीन शिक्षा मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि इस बदलाव का उद्देश्य बच्चों पर से किताबों का बोझ कम करना है.
इस बार जो बदलाव किया गया है उसके तहत अधिकारियों का दावा है कि इसका उद्देश्य कोरोना के कारण बच्चों का जो नुकसान हुआ है उसकी स्पीडी रिकवरी करने के उद्देश्य से किया जा रहा है.
अग्निवीरों की भर्ती के लिए दो दिन में अधिसूचना जारी होगी
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के ख़िलाफ़ भड़की हिंसा 16 राज्यों को अपनी चपेट में ले चुकी है. इन राज्यों के अलग-अलग ज़िलों में हिंसा देखने को मिली.
बिहार, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में 20 से अधिक ट्रेनों को आग लगा दी गई है. तेलंगाना में प्रदर्शन के दौरान एक शख़्स की मौत भी हुई है. पुलिस ने सैकड़ों की संख्या में लोगों को गिरफ़्तार किया है. वहीं अलग-अलग राज्यों के कई ज़िलों में इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी गई है.
उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले में तो पूरे दो महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है.
हिदुस्तान अख़बार की ख़बर के अनुसार,इस बीच तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने शुक्रवार को घोषणा की कि अग्निवीरों की भर्ती की प्रक्रिया अगले सप्ताह से शुरू हो जाएगी. थलसेना प्रमुख मनोज पांडे ने कहा है कि दो दिनों मे अधिसूचना जारी कर दी जाएगी. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ़ मार्शल वीआर चौधरी ने कहा कि वायुसेना 24 जून से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रही है.
वहीं नौसेना भी जल्दी ही इसका ऐलान कर सकती है.
असम, मेघालय में बारिश का कहर, अब तक 88 लोगों की मौत
द हिंदू की ख़बर के अनुसार, मेघालय के तीन ज़िलों में शुक्रवार को हुए भूस्खलन में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है. जबकि असम में बाढ़ के कारण सात लोगों की मौत हो गई.
इसके साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के कहर अब तक कुल 88 लोगों के मौत की पुष्टि हो चुकी है.
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने मरने वालों के प्रति शोक ज़ाहिर किया है.
वहीं असम में भी बारिश का कहर जारी है. जहां 22 ज़िले बाढ़ की चपेट में हैं और क़रीब 11.05 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ के कारण शुक्रवार को सात लोगों की मौत हो गई.
बीजेपी ने 2020-21 में 752.33 करोड़ रुपये की आय घोषित की
आठ राष्ट्रीय दलों ने वित्त वर्ष 2020-21 में कुल 1,373.78 करोड़ आय घोषित की है. जिसमें बीजेपी की हिस्सेदारी क़रीब 55 फ़ीसद है.
जनसत्ता की ख़बर के अनुसार, चुनाव सुधारों के लिए काम करने वाले संगठन एडीआर ने शुक्रवार को आंकड़े जारी किए जिसके मुताबिक़, बीजेपी ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 752.33 करोड़ रुपये की आय की घोषणा की है.
दूसरे स्थान पर कांग्रेस है जिसने 285.76 करोड़ रुपये की आय घोषित की है.
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