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कर्नाटकः बीजेपी नेता की हत्या, कार्यकर्ता नाराज़, भारी विरोध
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, बंगलुरु से
- पढ़ने का समय: 4 मिनट
प्रवीण नेत्तारू के घर श्रद्धांजलि देने पहुंचे कर्नाटक के बीजेपी प्रमुख को लेकर उत्तेजित हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है.
जिस गाड़ी में बीजेपी राज्य प्रमुख नवीन कुमार कटील बैठ कर आए, गुस्साए कार्यकर्ताओं ने उसे धक्का दे कर हिलाया, उस पर हेलमेट फेंकने लगे और यहां तक कि उसे पंचर पर भी कर दिया.
बीजेपी कार्यकर्ताओं के गुस्से की वजह यह बताई गई है कि वो बीजेपी युवा मोर्चा के नेता प्रवीण नेत्तारू के घर बीती रात नहीं आए थे.
मंगलवार की शाम कुछ बाइक सवारों ने प्रवीण नेत्तारू की चाकू मारकर हत्या कर दी. कर्नाटक बीजेपी प्रमुख प्रवीण के घर मंगलवार की रात नहीं आए और आज उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे.
एक पार्टी कार्यकर्ता ने टेलीविज़न कैमरे पर चिल्लाते हुए कहा, "अब तक उस मामले में कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है. दूसरों को लेकर भी कुछ नहीं किया गया है. हम सभी बीजेपी से हैं. यहां कोई दूसरा नहीं है जो विरोध प्रदर्शन कर रहा है. हमें ये विरोध प्रदर्शन कर के भी शर्म आ रही है कि हमें अपने ही नेता के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करना पड़ा."
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक में बीजेपी युवा मोर्चा नेता प्रवीण नेत्तारू की हत्या की जांच एनआईए से कराने की मांग उठाई है.
32 वर्षीय नेत्तारू कर्नाटक के बेल्लारे की सुलिया तालुका में बीजेपी युवा मोर्चा नेता के रूप में काम कर रहे थे. मंगलवार शाम दक्षिण कन्नड़ ज़िले में कुछ बाइक सवारों ने उनकी चाकू मारकर हत्या कर दी.
प्रवीण नेत्तारु की पत्नी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है, "मुझे नहीं पता कि उन्हें क्यों मारा गया. मैं हर रोज़ उनके साथ रहती थी, दुकान बंद कराकर दोनों घर आते थे, लेकिन कल मैं उनके साथ नहीं थी. अगर मैं उनके साथ होती तो ये नहीं होता."
इस हत्याकांड के बाद आशंका जताई जा रही है कि कहीं कर्नाटक में भी केरल की तरह आरएसएस-सीपीएम कार्यकर्ताओं के बीच एक दूसरे की हत्याएं करने का सिलसिला तो नहीं शुरू हो गया है.
पुलिस को शक है कि ये पिछले हफ़्ते बेल्लारे में मारे गए 19 वर्षीय कंस्ट्रक्शन मजदूर मसूद की हत्या का बदला हो सकती है.
मसूद केरल के कासरगोड ज़िले से अपनी दादी के घर रहने आए थे और यहां (कर्नाटक) उनका कुछ लोगों से झगड़ा हो गया जिसके बाद आठ लोगों ने कथित रूप से उनके साथ मारपीट की.
कर्नाटक के एडीजीपी (क़ानून व्यवस्था) आलोक कुमार ने बीबीसी को बताया है, "हम इस मामले को हर एंगल से देख रहे हैं. और पूछताछ के लिए आठ लोगों को हिरासत में लिया है."
इसके साथ ही उन्होंने एएनआई को बताया है कि शुक्रवार तक धारा 144 लगा दी गयी है. हम इस मामले की जांच कर रहे हैं. मेंगलौर और उडुपी की पुलिस भी जांच में शामिल है.
वहीं, केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा है कि "ये जगह केरल-कर्नाटक सीमा से सिर्फ़ कुछ किलोमीटर की दूरी पर है. मैं आज शाम इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी से करवाने के लिए गृहमंत्री अमित शाह जी से मिलूंगी. प्रवीण काफ़ी सक्रिय शख़्स थे लेकिन उन्हें हिंसक गतिविधि में शामिल रहने वाले व्यक्ति के रूप में नहीं जाना जाता था."
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवाराज बोम्मई ने भी बताया है कि कर्नाटक के डीजीपी ने केरल में अपने समकक्ष और दक्षिण कन्नड़ के एसपी ने कासरगोड ज़िले में अपने समकक्ष से बात की है.
कासरगोड ज़िले की सीमा सुलिया तालुका से लगती है.
बोम्मई ने कहा है कि "केरल पुलिस इस मामले में हमारा सहयोग कर रही है, और इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आए हैं."
प्रवीण पर बेल्लारे में जब हमला हुआ था तो वह चिकन का मीट बेच रहे थे और बाइक सवार लोगों ने कथित रूप से चाकू मारकर उनकी हत्या कर दी.
प्रवीण की हत्या किए जाने की ख़बर फैलने से इलाके में तनाव फैल गया है और कई लोग पुलिस स्टेशन पर जमा हो गए हैं.
प्रवीण नेत्तारू की अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोग इकट्ठे हुए हैं और पुलिस ने किसी भी हालात से निपटने के लिए भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया है.
लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं के ऊर्जा और पर्यटन मंत्री सुनील कुमार की उस गाड़ी को, जिसमें राज्य बीजेपी प्रमुख नवीन कुमार कटील बैठे थे, ज़ोर ज़ोर से हिलाने के रवैये ने पार्टी के कई नेताओं को भी अचंभे में डाल दिया है.
पार्टी के एक कार्यकर्ता ने अपना नाम नहीं ज़ाहिर करने की शर्त पर कहा, "पार्टी कार्यकर्ताओं का इस तरह व्यवहार करना स्वाभाविक है. हमारे नेता को बीती रात ही वहां जाना चाहिए था. हमारे हिंदू युवा अपनी जान तक दे रहे हैं लेकिन हमारे नेता बीती रात वहां उनके परिवार और हमारे कार्यकर्ताओं के बीच जाने की ज़रूरत नहीं समझे."
एक अन्य नेता ने कहा, "सरकार ने केवल उन लोगों को गिरफ़्तार किया है जो शिवामोगा में हर्षा की हत्या में पकड़े गए हैं. बहुत सारे अन्य मामले हैं जिसमें सरकार ने कुछ भी नहीं किया."
हर्षा की हत्या के मामले में जिन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है वो बेंगलुरु केंद्रीय कारा के अंदर मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल करते हुए पकड़े गए हैं.
गुस्साए बीजेपी कार्यकर्या ने "जेल में बिरयानी" की बात इसी मामले के संदर्भ में कही.
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