You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

लाइव, ईरान ने दुबई के बैंक और वित्तीय इलाक़े पर ड्रोन से किया हमला

ईरान ने अब दुबई के बैंक और वित्तीय ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. गुरुवार को एक ड्रोन से फ़ाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट पर हमला किया गया.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली, सुमंत सिंह

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  2. ईरान ने दुबई के बैंक और वित्तीय इलाक़े पर ड्रोन से किया हमला, निक बीक, यूरोप संवाददाता, दुबई से रिपोर्ट

    ईरान ने अब दुबई के बैंक और वित्तीय ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. गुरुवार को एक ड्रोन से फ़ाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट पर हमला किया गया.

    गुरुवार को इस इलाक़े में एक ड्रोन गिरा हालांकि इसमें कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन यह इस बात का संकेत है कि युद्ध का असर दुबई के कारोबार और बैंकिंग पर भी पड़ रहा है.

    ईरान का कहना है कि अमेरिका और इसराइल के हमलों के जवाब में वह पश्चिमी बैंकों को निशाना बनाएगा.

    सिटीबैंक ने कहा है कि वह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अपनी ज़्यादातर शाखाओं को अस्थायी रूप से बंद कर रहा है और कर्मचारी अब दूर से काम कर रहे हैं.

    क्षेत्र में कई अन्य बैंक और कारोबार भी इसी तरह के क़दम उठा चुके हैं.

    गुरुवार सुबह जब ड्रोन दुबई के ऊपर से गुज़रा तो कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ. इससे यह संकेत मिलता है कि ईरान की मिसाइलें या ड्रोन रडार की पकड़ से बच सकती हैं.

    डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दावा कर चुके हैं कि जीत क़रीब है. लेकिन ईरान अमेरिका और उसके खाड़ी सहयोगियों को आर्थिक और अन्य तरीक़ों से नुक़सान पहुंचा रहा है. ये देश अब उस युद्ध में घिर गए हैं जिसकी शुरुआत ट्रंप ने की.

    ईरान कई दिशाओं में हमले कर रहा है ताकि पश्चिम के अहम सेक्टरों को नुक़सान पहुंचाया जा सके.

    इसके तहत तेल, शिपिंग और बैंकिंग सेक्टर को निशाना बनाया जा रहा है. दुबई भी उन जगहों में शामिल है जो इन हमलों की जद में हैं.

  3. कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता आपस में क्यों भिड़े? अय्यर के पत्र का थरूर ने दिया यह जवाब

    कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता भारत की विदेश नीति के मामले में अपने रुख़ को लेकर एक-दूसरे से भिड़ गए हैं.

    दरअसल, कांग्रेस नेता और पूर्व राजनयिक मणिशंकर अय्यर ने शशि थरूर के नाम एक खुला पत्र लिखकर उन पर कई तरह के आरोप लगाए हैं. गुरुवार को थरूर ने इस पत्र का जवाब दिया है.

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर, संसद में विदेश मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष भी हैं.

    मंगलवार को अय्यर का खुला पत्र अंग्रेज़ी पत्रिका फ़्रंटलाइन में छपा. इसमें उन्होंने मध्य-पूर्व संघर्ष, विदेश मंत्री एस जयशंकर का अमेरिका को लेकर रुख़, नेहरू की विदेश नीति, सबरीमाला मुद्दा, 'ऑपरेशन सिंदूर' और अन्य मुद्दों पर थरूर के रुख़ की आलोचना की.

    थरूर ने अब अय्यर के इस पत्र का जवाब दिया है.

    उन्होंने कहा, "असहमति होना ग़लत नहीं है. लेकिन सिर्फ़ इसलिए कि कोई विदेश नीति को थोड़ा अलग तरीक़े से देखता है, उसकी नीयत या देशभक्ति पर सवाल उठाना ठीक नहीं है. आपने मेरे विचारों और मेरे चरित्र के बारे में जो सार्वजनिक टिप्पणी की है, उसका जवाब देना ज़रूरी हो गया है."

    थरूर ने कहा, "मैंने हमेशा अंतरराष्ट्रीय मामलों को भारत के राष्ट्रीय हित के नज़रिए से देखा है. मेरे लिए भारत की सुरक्षा, भारत की अर्थव्यवस्था और दुनिया में भारत की इज़्ज़त सबसे ऊपर है. दुनिया की राजनीतिक हक़ीकत को समझना और भारत के हितों को ध्यान में रखकर फ़ैसला लेना कोई 'मोरल सरेंडर' नहीं है. यह ज़िम्मेदार स्टेटक्राफ्ट है."

    शशि थरूर ने कहा कि इतिहास में पहले भी भारत ने कई बार ऐसा किया है कि किसी देश की ग़लत कार्रवाई को तुरंत सार्वजनिक रूप से नहीं 'ललकारा', क्योंकि भारत के हित उससे जुड़े हुए थे.

    उन्होंने कहा, "उदाहरण के लिए, सोवियत यूनियन के साथ हमारे रिश्ते इतने महत्वपूर्ण थे कि हंगरी, चेकोस्लोवाकिया और अफ़ग़ानिस्तान के मामलों में भी भारत ने बहुत संतुलित रुख़ अपनाया."

  4. सिद्धू मूसेवाला हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दो अभियुक्तों को ज़मानत दी

    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को ज़मानत दे दी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने लॉरेंस बिश्नोई के कथित सहयोगी पवन बिश्नोई और जगतार सिंह को राहत दी है.

    जगतार सिंह मूसेवाला के पड़ोसी हैं और उन पर शक है कि उन्होंने मूसेवाला के बारे में जानकारी बिश्नोई गैंग तक पहुंचाई थी.

    साल 2022 में पंजाब के मानसा में मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

    पुलिस का कहना है कि इस हत्या को बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों ने अंजाम दिया. कनाडा में मौजूद गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने इस हत्या की ज़िम्मेदारी ली थी.

    गोल्डी बराड़ को लॉरेंस बिश्नोई का क़रीबी माना जाता है.

  5. ईरान ने खाड़ी में एक अमेरिकी जहाज़ पर हमला किया, सरकारी मीडिया ने क्या बताया

    ईरानी न्यूज़ एजेंसी फ़ार्स के मुताबिक़, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने गुरुवार सुबह खाड़ी में एक अमेरिकी जहाज़ पर हमला किया.

    फ़ार्स का कहना है कि अमेरिकी जहाज़ को आज सुबह खाड़ी के उत्तरी हिस्से में निशाना बनाया गया.

    एजेंसी ने यह भी कहा कि जहाज़ ने आईआरजीसी की चेतावनियों का 'पालन नहीं किया'.

    इराक़ के जलक्षेत्र में बसरा के पास दो तेल टैंकरों पर हमला हुआ. इनमें से एक सेफ़सी विष्णु नाम का जहाज़ अमेरिका का है और इसमें मार्शल आइलैंड्स का झंडा लगा होता है.

    फ़ार्स ने एक वीडियो भी साझा किया है, जिसके बारे में उसका कहना है कि इसमें सेफ़सी विष्णु पर हमले का पल दिखाया गया है. वीडियो में रात के समय पानी में मौजूद एक जहाज़ पर बड़ा विस्फोट होता दिखाई देता है.

    इससे पहले भारतीय अधिकारियों ने कहा था कि सेफ़सी विष्णु को 'सफ़ेद रंग की स्पीड बोट ने टक्कर मारी थी और इसमें विस्फोटक थे', जिससे जहाज़ में भीषण आग लग गई.

    इस घटना में एक भारतीय की मौत हो गई और बाकी चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई ने कहा - आगे भी होर्मुज़ स्ट्रेट को निशाना बनाते रहेंगे

    ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई ने कहा है कि ईरान को होर्मुज़ स्ट्रेट को निशाना बनाना जारी रखना चाहिए. उनका यह बयान ईरान के सरकारी टेलीविजन पर पढ़ा गया.

    यह पहली बार है जब देश का नया सुप्रीम लीडर बनने के बाद उनकी ओर से कोई बयान सामने आया है.

    बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ख़ामेनेई ने कहा है कि ईरान को 'होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद करने के विकल्प' का इस्तेमाल जारी रखना चाहिए.

    उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ ईरान की नीति 'दोस्ती' की है. इसके साथ ही उन्होंने इन देशों को अमेरिकी ठिकानों को बंद करने की सलाह दी.

    मोजतबा ख़ामेनेई का कहना है कि ईरान इन ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा.

    इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि ईरान मारे गए अपने लोगों का 'बदला लेने' से नहीं हिचकिचाएगा.

    उन्होंने कहा कि यह बात विशेष रूप से मीनाब की घटना पर लागू होती है, जहां एक स्कूल के पास हुए अमेरिकी हमले में 168 लोग मारे गए. इनमें लगभग 110 बच्चे शामिल थे.

    ईरान का कहना है कि स्कूल को अमेरिकी मिसाइल ने निशाना बनाया था, लेकिन अमेरिका ने इसकी ज़िम्मेदारी से इनकार किया है और कहा है कि वह मामले की जांच कर रहा है.

  7. कीनिया: दो हज़ार क्वीन एंट्स की तस्करी की कोशिश में चीनी नागरिक गिरफ़्तार, वाइक्लिफ़ मूया, नैरोबी

    कीनिया के मेन एयरपोर्ट पर एक चीनी नागरिक को गिरफ़्तार किया गया है. उस पर देश से दो हज़ार से ज़्यादा क्वीन गार्डन एंट्स की तस्करी की कोशिश का आरोप है.

    झांग केक़ुन को राजधानी नैरोबी के जोमो केन्याटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेकेआईए) पर सुरक्षा जांच के दौरान रोका गया. अधिकारियों को उनके सामान में बड़ी मात्रा में ज़िंदा चींटियां मिलीं, जिन्हें चीन ले जाया जा रहा था.

    बुधवार को एक सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि झांग ने कुछ चींटियों को टेस्ट ट्यूब में पैक किया था, जबकि कुछ को टिशू पेपर के रोल में छिपाकर सामान में रखा था.

    उन्होंने अभी तक इन आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया है, लेकिन जांचकर्ताओं ने अदालत में कहा कि उनका संबंध चींटियों की तस्करी करने वाले एक नेटवर्क से था, जिसके बारे में कीनिया में पिछले साल पता चला था.

    ये चींटियां अंतरराष्ट्रीय जैव-विविधता संधियों के तहत संरक्षित हैं और इनके व्यापार पर कड़े नियम लागू हैं.

    पिछले साल कीनिया वाइल्डलाइफ़ सर्विस (केडब्ल्यूएस) ने चेतावनी दी थी कि गार्डन चींटियों की मांग बढ़ रही है. इनका वैज्ञानिक नाम मेसोर सेफ़ालोटेस है. यूरोप और एशिया में इन्हें पालतू जानवर के रूप में रखा जाता है.

  8. अफ़ग़ानिस्तान के हमलों को लेकर पाकिस्तान के आरोपों पर भारत ने दिया यह जवाब

    अफ़ग़ानिस्तान की ओर से हुए हमले से जुड़े पाकिस्तान के आरोपों पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है.

    पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि 'भारत ने पाकिस्तान में हमलों के लिए अफ़ग़ानिस्तान की मदद' की थी.

    इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम ऐसे बेबुनियाद आरोपों को ख़ारिज करते हैं. यह पाकिस्तान का दूसरा नेचर बन गया है कि वह अपने कृत्यों का दोष भारत पर लगाता है."

    उन्होंने कहा, "सीमा पार आतंकवाद के मामले में पाकिस्तान की कोई विश्वसनीयता नहीं है. चाहे जितनी भी कहानियां गढ़ ली जाएं, यह सच्चाई नहीं बदलेगी और पाकिस्तान के ख़ुद को पीड़ित दिखाने से कोई भ्रमित नहीं होने वाला है."

    विदेश मंत्रालय ने मध्य-पूर्व संघर्ष की वजह से हवाई सेवाओं को लेकर पाकिस्तान से बातचीत से जुड़े सवाल का भी जवाब दिया है.

    मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "पाकिस्तान के साथ हवाई सेवाओं के संबंध में कोई बातचीत नहीं हुई है."

  9. कार्टून : सिलेंडर की प्रीमियम सर्विस

  10. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने एलपीजी और तेल की आपूर्ति पर संसद में क्या कुछ कहा

    केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में बताया कि कच्चे तेल की आपूर्ति के मामले में भारत की स्थिति 'सुरक्षित' है.

    उन्होंने कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट से भारत आने वाले कच्चे तेल की मात्रा से कहीं अधिक तेल संरक्षित कर लिया गया है.

    पुरी ने कहा, "भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति की स्थिति सुरक्षित है और तेल की जो मात्रा संरक्षित की गई है वह उससे भी ज़्यादा है जो होर्मुज़ से मिलती थी. संकट से पहले भारत का लगभग 45 फ़ीसदी कच्चे तेल का आयात होर्मुज़ स्ट्रेट के रास्ते होता था. भारत ने उतना कच्चा तेल संरक्षित कर लिया है, जो होर्मुज़ स्ट्रेट के बंद रहने के समय में मिलने वाले तेल से भी अधिक है."

    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एलपीजी के उत्पादन में 28 फ़ीसदी की बढ़ोतरी की गई है. उन्होंने कहा कि आगे की ख़रीद भी जारी है.

    उन्होंने सरकार की प्राथमिकता के बारे में भी बताया.

    पुरी ने कहा, "मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों, ख़ासकर ग़रीब और वंचित लोगों की रसोई में किसी तरह की कमी न हो. घरेलू आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और डिलीवरी पहले जैसी ही की जा रही है."

    उन्होंने बताया कि कई रिफ़ाइनरियां सौ फ़ीसदी से भी अधिक क्षमता से चल रही हैं और पेट्रोल, डीज़ल, केरोसीन, एटीएफ़ या फ़्यूल ऑयल की 'कोई कमी नहीं' है.

    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत अब 40 देशों से ऊर्जा आयात कर रहा है, जबकि 2006 और 2007 में आयात 27 देशों से ही हो रहा था.

    हरदीप पुरी ने यह भी कहा, "होर्मुज़ के अलावा दूसरे स्रोतों से कच्चे तेल की ख़रीद बढ़कर लगभग 70 फ़ीसदी हो गई है, जो संघर्ष शुरू होने से पहले 55 फ़ीसदी थी."

  11. ख़ामेनेई की मौत के पांच दिन बाद शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर को लेकर विदेश मंत्रालय क्या बोला

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत पर 'पांच दिन की देरी से' शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर करने के सवाल पर प्रतिक्रिया दी है.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा, "मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जिस दिन शोक पुस्तिका पहली बार खोली गई थी, उसी दिन पांच मार्च को विदेश सचिव ने भारत सरकार की ओर से ईरान दूतावास में इस पर हस्ताक्षर किए थे."

    उन्होंने यह भी कहा, "टिप्पणीकारों को महत्वपूर्ण मामलों पर सार्वजनिक रूप से बोलने से पहले ख़ुद को अपडेट कर लेना चाहिए और इस तरह की ग़लत जानकारी पर आधारित टिप्पणियों से बचना चाहिए."

    अली ख़ामेनेई के अमेरिका और इसराइल के हमले में मारे जाने के बाद भारत सरकार ने कोई बयान जारी नहीं किया था. पांच मार्च को विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए थे.

    उस वक़्त सरकार के इस रुख़ की काफ़ी आलोचना हुई थी.

  12. मध्य-पूर्व संघर्ष: राहुल गांधी ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए सरकार को दिया यह सुझाव

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष की वजह से पैदा हुए ऊर्जा संकट से निपटने के लिए सरकार को अपनी सोच बदलने की ज़रूरत है.

    उन्होंने यह भी कहा कि इस संकट के बारे में वह सदन में बोलना चाह रहे थे, लेकिन किसी 'नई प्रक्रिया' की वजह से वह नहीं बोल पाए.

    राहुल गांधी ने कहा, "देश में एलपीजी और तेल की जो स्थिति है, वो अभी शुरुआत है. इस बारे में मैं सदन में बोलना चाहता था, लेकिन कोई नई प्रक्रिया शुरू हुई है. इसमें मंत्री पहले तय करेंगे, फिर मैं बोलूंगा और फिर मंत्री उस पर जवाब देंगे."

    कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री और सरकार को तुरंत इस समस्या से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए. अगर तैयारी नहीं की गई तो करोड़ों लोगों का नुक़सान होगा.

    राहुल गांधी ने कहा, "हम एक अस्थिरता के दौर में जा रहे हैं. जब आप ऐसे दौर में जाते हैं, तो आपको अपनी सोच बदलनी पड़ती है. आप वही पुरानी सोच नहीं रख सकते. इसलिए मैं सरकार को यह सुझाव दे रहा हूं कि वे संभावनाओं पर गहराई से विचार करना शुरू करें और यह सोचें कि लोगों को परेशानियों से बचाने के लिए हमें क्या करना होगा."

    उन्होंने कहा, "मैं कोई राजनीतिक बयान नहीं दे रहा हूं. मैं सिर्फ़ यह कह रहा हूं कि मुझे आगे एक बड़ी समस्या आते हुए दिखाई दे रही है."

  13. मध्य-पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक कार्गो जहाज़ों पर इतने हमले हुए

    यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) के मुताबिक़, ईरान के साथ अमेरिका और इसराइल की जंग शुरू होने के बाद से अब तक जहाज़ों पर 16 हमलों की रिपोर्ट्स सामने आई हैं.

    इस जंग की शुरुआत 28 फ़रवरी को हुई, जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हवाई हमले शुरू किए. तब से होर्मुज़ स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी में कई जहाज़ों पर हमले हुए हैं.

    यूकेएमटीओ ने कहा है कि बुधवार और गुरुवार की रात इस क्षेत्र में तीन और कार्गो जहाज़ों पर हमले हुए.

    यूकेएमटीओ का यह भी कहना है कि संघर्ष के दौरान "संदिग्ध गतिविधि" की चार रिपोर्ट्स भी सामने आई हैं.

  14. मध्य पूर्व संघर्ष पर कांग्रेस नेता ने मोदी सरकार पर लगाए ये आरोप

    कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने कहा है कि विपक्ष संसद के दोनों सदनों में मध्य पूर्व की स्थिति और उसके भारत पर पड़ने वाले असर पर चर्चा की मांग कर रहा है.

    उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार इस मुद्दे पर बहस कराने से इनकार कर रही है.

    जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "सरकार साफ़ तौर पर इससे डर रही है. उसकी विदेश नीति पहले ही बुरी तरह उजागर हो चुकी है."

    अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर पिछले महीने की आख़िर में हमले शुरू किए थे, जिसके बाद संघर्ष जारी है.

    वहीं ईरान मध्य पूर्व के देशों में अमेरिका और इसराइल के ठिकानों को निशाना बना रहा है.

  15. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.

    अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  16. सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को ज़मानत दी

    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को 'आतंकी फंडिंग' मामले में ज़मानत दे दी है.

    इस मामले में उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 4 जून 2019 को गिरफ़्तार किया था.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि ज़मानत से जुड़ी कड़ी शर्तों के साथ विस्तार से आदेश बाद में जारी किया जाएगा.

    पीठ ने यह आदेश शब्बीर अहमद शाह की ओर से पेश किए गए जवाबी तर्कों को सुनने के बाद दिया.

    शाह की ओर से वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंसाल्वेस ने पैरवी की, जबकि एनआईए की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा अदालत में पेश हुए.

  17. फ़ारूक़ अब्दुल्लाह पर 'जानलेवा हमले' को लेकर क्या बोले खड़गे और नड्डा

    राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक़ अब्दुल्लाह पर बुधवार शाम हुए 'जानलेवा हमले' को लेकर सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं.

    उन्होंने कहा, "आपके (केंद्र सरकार) हाथ में कश्मीर के लोग सुरक्षित नहीं हैं. वहां राज्य सरकार बनेगी तभी वहां के लोग सुरक्षित रहेंगे."

    वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, "देश के वरिष्ठ नेता फारूक़ अब्दुल्लाह जी के साथ जो घटना कल रात घटी है, यह बहुत ही चिंता का विषय है. यह बहुत गंभीर मामला है."

    "मैं भारत सरकार की ओर से विश्वास दिलाता हूं कि जितनी भी जांच की ज़रूरत होगी, वह पूरी की जाएगी और जो दोषी है, जिसे पकड़ लिया गया है, उसके मंसूबों की भी गहराई से जानकारी ली जाएगी."

    ये भी पढ़ें:

  18. ईरान युद्ध के बीच तेल की क़ीमत बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल

    एशिया में गुरुवार को ब्रेंट कच्चे तेल की क़ीमत बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. इसमें लगभग 9 फ़ीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

    ब्रेंट क्रूड दुनिया में तेल की कीमत तय करने के सबसे बड़े मानकों में से एक हैं.

    अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देशों ने आपातकालीन तेल भंडार से रिकॉर्ड मात्रा में तेल निकालने की घोषणा की है, लेकिन इसके बावजूद क़ीमतों में गिरावट नहीं आई.

    इस बीच ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाज़ों को लेकर अपनी धमकियां भी जारी रखी हैं.

    यह समुद्री रास्ता दुनिया के क़रीब 20 फ़ीसदी तेल की आवाजाही के लिए काफ़ी अहम माना जाता है.

  19. अमेरिकी तेल टैंकर पर इराक़ में हमला, एक भारतीय की मौत

    इराक़ में भारत के दूतावास ने एक बयान में कहा है कि कच्चा तेल ले जा रहा अमेरिका का एक टैंकर इराक़ के बसरा के पास हमले का शिकार हुआ है.

    दूतावास के मुताबिक़, इस हमले में एक भारतीय की मौत हो गई.

    हालांकि दूतावास ने यह नहीं बताया कि यह हमला किसने किया.

    सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जारी बयान में दूतावास ने कहा, "11 मार्च, 2026 को इराक़ के बसरा के पास मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाले एक अमेरिकी कच्चे तेल के टैंकर 'सेफसी विष्णु' पर हमला किया गया."

    बयान में कहा गया है कि जहाज़ पर मौजूद बाक़ी 15 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है.

    बगदाद स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि वह इराक़ी अधिकारियों और बचाए गए भारतीय नाविकों के साथ लगातार संपर्क में है और हर संभव मदद मुहैया कराई जा रही है.

    दूतावास ने मृतक क्रू सदस्य के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई है.

  20. 'ईरान में स्कूल पर हमले के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार हो सकता है': पूर्व सीआईए डायरेक्टर

    अमेरिका की केंद्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी (सीआईए) के पूर्व निदेशक और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के पूर्व कमांडर जनरल डेविड पेट्रेयस ने ईरान में एक स्कूल पर हुए हमले को लेकर अमेरिका की संभावित भूमिका पर टिप्पणी की है.

    ईरानी अधिकारियों के मुताबिक़, युद्ध के पहले दिन हुए इस हमले में 168 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल थे.

    बीबीसी न्यूज़ चैनल से बातचीत में पेट्रेयस ने कहा कि उन्होंने जांच में देखे जा रहे सबूत सीधे तौर पर नहीं देखे हैं, लेकिन उनका मानना है कि 'यह हमला अमेरिका की ओर से हुआ हो सकता है, क्योंकि इस युद्ध में टॉमहॉक मिसाइलें केवल हमारे पास ही हैं.'

    उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि हमले के दौरान इस्तेमाल किए गए कुछ पुराने डेटा के आधार पर उस इमारत को निशाना बनाया गया हो.

    उनके मुताबिक़, कई साल पहले यह इमारत ईरानी नौसेना के एक बड़े सैन्य परिसर का हिस्सा हुआ करती थी.

    बीबीसी के अमेरिकी साझेदार सीबीएस न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका की शुरुआती जांच में यह संकेत मिला है कि इस हमले के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार हो सकता है.

    हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्कूल को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया था और संभव है कि वह ग़लती से निशाने पर आ गया हो.

Trending Now