वाजपेयी का आशीर्वाद मेरे साथ:जसवंत
मोहम्मद अली जिन्ना पर किताब लिखने के मामले में भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मुलाक़ात की है.

राजनीतिक हलकों में इस मुलाक़ात के कई मायने निकाले जा रहे हैं. जानकारों का मानना है कि पार्टी से निकाले जाने के बाद जसवंत सिंह का अटल बिहारी वाजपेयी से मिलना कई नेताओं के गले नहीं उतर रहा है.
हालाँकि पार्टी के कई नेता ये भी दावा कर रहे हैं कि इस मुलाक़ात का कोई मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए.
दूसरी ओर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मुलाक़ात के बाद जसवंत सिंह ने पत्रकारों का बताया कि वरिष्ठ नेता ने उन्हें आशीर्वाद दिया है.
आशीर्वाद
जसवंत सिंह ने कहा, "शिमला से आने के बाद मैंने पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी जी से मुलाक़ात की. मैं उन्हें गणेश चतुर्थी की बधाई देने, उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछने और उनसे आशीर्वाद मांग. अब उनका आशीर्वाद मेरे साथ है."
जसवंत सिंह को अटल बिहारी वाजपेयी का क़रीबी माना जाता है. जसवंत सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी से मुलाक़ात के बारे में ज़्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया.
हालाँकि उन्होंने इतना ज़रूर कहा कि वाजपेयी जी नियमित रूप से टीवी देखते हैं और राजनीतिक गतिविधियों पर उनकी पूरी नज़र है.
85 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी इस समय ख़राब स्वास्थ्य के कारण सक्रिय राजनीति से अलग हैं.
शनिवार को जसवंत सिंह ने जनता दल (यूनाइटेड) के नेता जॉर्ज फ़र्नांडीस से भी मुलाक़ात की थी.
































