पाक पर मिसाइल में परिवर्तन का आरोप

पाकिस्तान ने इन आरोपों का खंडन किया है कि उसने अवैध तरीके से अमरीका निर्मित एंटी शिप यानि समुद्री जहाज प्रतिरोधी मिसाइल की क्षमता बढ़ाने के लिए उनमें परिवर्तन किए हैं.
उस आरोप है कि ये परिवर्तन इसलिए किए हैं ताकि वो जमीनी लक्ष्य को भेद सकें और ये परिवर्तन भारत के मद्देनज़र किए गए हैं.
पाकिस्तान के अमरीका में राजदूत हुसैन हक़्क़ानी का कहना था कि ये आरोप ख़राब गुप्तचर सूचना का नतीजा है.
इस पर पाकिस्तान के राजदूत का कहना था कि अमरीकी मीडिया को पाकिस्तान की मदद करनी चाहिए क्योंकि वो तालेबान के ख़िलाफ़ संघर्ष में अमरीका का प्रमुख सहयोगी देश है.
दरअसल न्यूयॉर्क टाइम्स ने ख़बर छापी थी कि अमरीकी गुप्तचर अधिकारियों को अप्रैल में पाकिस्तान के एक संदेहास्पद मिसाइल परीक्षण का पता चला था.
अख़बार का कहना है कि अमरीका ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सामने कूटनीतिक माध्यमों से ये मुद्दा उठाया था.
ग़ौरतलब है कि ये आरोप हारपून एंटी शिप मिसाइल को लेकर लगाए गए थे जिन्हें 1980 में रीगन प्रशासन के दौरान पाकिस्तान को बेचा गया था.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी रविवार को एक बयान जारी कहा है कि वो न्यूयॉर्क टाइम्स के लेख का पूरी तरह खंडन करता है.
































