अयोध्या पर कांग्रेस-बीजेपी में तकरार

अयोध्या मामले पर आए हाई कोर्ट के फ़ैसले को अपने अपने ढंग से पेश करने की कोशिश में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में एक बार फिर ठन गई है.
मंगलवार के दिन दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की एक बैठक के बाद पार्टी ने कहा कि हाईकोर्ट का फ़ैसला किसी भी तरह बाबरी मस्जिद विध्वंस की अनदेखी नहीं करता.
पार्टी ने कहा कि छह दिसम्बर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाए जाने की घटना एक शर्मनाक और आपराधिक कृत्य था जिसे करने वालों को उसकी सज़ा मिलनी चाहिए.
कुछ दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदम्बरम ने भी कुछ इसी तरह का बयान दिया था.
इन बयानों से समझा जाता है कि कांग्रेस इस बात को लेकर चिंतित है कि कहीं उच्च न्यायालय के फ़ैसले को लेकर मुसलमानों में कोई गलत संदेश न जाए.
कांग्रेस के भीतर मुस्लिम समुदाय की ख़ामोशी और भाजपा के फैसले का संभावित फायदा उठाए जाने को लेकर भी चिंता है.
समिति की बैठक के बाद कांग्रेस प्रवकता जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि पार्टी इस मामले से जुडे़ पक्षों के बीच किसी भी शांतिपूर्ण समझौते का स्वागत करेगी.
भाजपा की प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने बाबरी मस्जिद के विध्वंस का जि़क्र किया तो भाजपा ने इसपर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हाई कोर्ट के फ़ैसले के साथ बार-बार बाबरी मस्जिद विध्वंस का ज़िक्र जायज़ नहीं क्योंकि इस मामले पर एक अलग केस अदालत में चल रहा है.
उधर सीपीएम की पोलित ब्यूरो की दिल्ली में हुई दो दिनों की बैठक के बाद पार्टी महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि इस बात का डर है कि इस फ़ैसले का इस्तेमाल बाद में मस्जिद ढहाने को सही ठहराने के लिए किया जा सकता है.
वामपंथी विचारधारा की दूसरी पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि धार्मिक भावनाओं के आधार पर लिए गए इस फ़ैसले ने कानून की र्सवोपरिता और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
































