राजा समेत नौ के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाख़िल

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शनिवार को जब पूरा देश भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे विश्व कप क्रिकेट मैच का मज़ा ले रहा था तभी ख़बर आई की सीबीआई ने 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में पूर्व संचार मंत्री ए राजा समेत कुल नौ लोगों के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाख़िल कर दिया.
आरोप पत्र में तीन कंपनियों के नाम भी शामिल हैं. ये कंपनियां हैं यूनिटेक, रिलायंस कम्युनिकेशंस और स्वान टेलीकॉम.
पहले ये आरोप पत्र 31 मार्च को दाख़िल किया जाना था लेकिन कुछ नामालूम कारणों से सीबीआई ने दो मार्च शानिवार को दिल्ली स्थित पटियाला हाउस अदालत में विशेष न्यायाधीश ओ. पी. सैनी की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाख़िल किया.
सीबीआई की प्रवक्ता धारिणी मिश्रा ने शानिवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान इसकी जानकारी दी.
80 हज़ार पन्ने
प्रवक्ता के अनुसार 80 हज़ार पन्नों के आरोप पत्र में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, उनके निजी सचिव आर के चंदोलिया, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा और स्वान टेलीकॉम के प्रचारक शाहिद बलवा का नाम शामिल है.
इनके अलावा रिलायंस कम्युनिकेशंस के अधिकारियों गौतम दोषी, वीरेंद्र तितारा और हरि नायर का नाम भी आरोपपत्र में शामिल है.
आरोपपत्र में 125 गवाहों के नाम और 654 दस्तावेज़ शामिल किए गए.
80 हज़ार पन्नों पर आधारित आरोपपत्र को अदालत तक लाने के लिए सात ट्रंकों का इस्तेमाल किया गया.
पूर्व संचार मंत्री ए राजा को भी अदालत लाया गया.
आरोपपत्र में स्वान टेलीकॉम के निदेशक विनोद गोयनका और यूनिटेक वायरलेस के निदेशक संजय चंद्रा का नाम भी शामिल है.
आरोपपत्र में नौ व्यक्तियों और तीन कंपनियों पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत धोखाधड़ी, जालसाज़ी और आपराधिक साज़िश का आरोप है.
सीबीआई ने अदालत को बताया कि 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले से राजकोष को 30,984.56 करोड़ रुपए का नुक़सान हुआ है और घोटाले से सबसे ज़्यादा लाभ यूनिटेक वायरलेस को मिला है.
राजा पर आपराधिक साज़िश, धोखाधड़ी, जालसाज़ी और भ्रष्टाचार का आरोप है.
राजा और उनके कई सहयोगियों पर कथित तौर पर राजकोष को नुक़सान पहुंचाने और टेलीकॉम लाइसेंस पाने के लिए आपराधिक साज़िश रचने का आरोप है.
सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय को बताया है कि राजा के कार्यकाल के दौरान स्थापित दूरसंचार कंपनियों ने अवैध रूप से 2-जी स्पेक्ट्रम पाने के लिए स्वान टेलीकॉम और लूप टेलीकॉम दूरसंचार कंपनियों का मुखौटे की तरह इस्तेमाल किया.
































