'अप्रिय' सामग्री को हटाया गूगल और फेसबुक ने

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फेसबुक और गूगल ने कहा है कि उन्होंने भारत की एक अदालत के आदेश का पालन करते हुए अपनी साइटों से आपत्तिजनक सामग्री को हटा लिया है.
यह दोनों याहू और ओरकुट सहित उन 21 वेब कंपनियों में से हैं जिनपर दिल्ली की एक अदालत में मुकदमा चल रहा है. इन पर आरोप है कि यह अपनी वेबसाइटों पर अशांति फैलाने वाली सामग्री चलाते हैं.
इसी तरह के आरोपों पर आधारित एक आपराधिक मुकदमे पर सुनवाई अगले महीने होनी है.
जजों ने चेतावनी दी है कि उन साइटों को बंद किया जा सकता है जो आपत्तिजनक सामग्री को हटाने में नाकाम रहेंगी. लेकिन कुछ कंपनियों का कहना है कि इस तरह से सामग्री को रोक पाना नामुमकिन है.
पिछले साल संचार मंत्री कपिल सिब्बल गूगल, फेसबुक और अन्य वेबसाइटों के अधिकारियों से मिले थे और कहा था कि सरकार 'ईशनिन्दात्मक सामग्री' को इंटरनेट पर रोकने के लिए दिशा-निदेश जारी करेगी.
दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले महीने फेसबुक और गूगल इंडिया को आदेश दिया था कि वे इस तरह की व्यवस्था करें जिससे आपत्तिजनक सामग्री को उनके वेब-पेज से हटाया जा सके नहीं तो चीन की तरह इस तरह की सभी वेबसाइटों को रोका जाएगा.
'बर्दाशत से बाहर'
सोमवार को दिल्ली में जिस याचिका की सुनवाई हुई उसे मुफ्ती आएज़ा़ अरशद काज़मी ने दायर किया है. उनका कहना है कि कंपनियां ऐसी सामग्री का इस्तेमाल कर रही हैं जो धार्मिक भावों के लिए बर्दाशत से बाहर हैं.
गूगल और फेसबुक ने अदालत को बताया कि उन्होंने दिल्ली की ज़िला अदालत के पिछले आदेशों का पालन करते हुए काफी सामग्री को हटा लिया है.
फेसबुक, गूगल, याहू, माइक्रोसॉफ्ट और अन्य कंपनियों ने कहा कि उन पर कोई कार्रवाई न की जाए.
लेकिन न्यायधीश ने कहा कि सभी 22 कंपनियां अगले 15 दिनों में अपना लिखित जवाब देंगी कि उन्होंने किस तरह की सामग्री हटाई है.












