टीम अन्ना ने मनमोहन सिंह पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर पहली बार लगे भ्रष्टाचार के आरोप

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टीम अन्ना ने शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ 13 अन्य कैबिनेट मंत्रियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगाए जिसे कांग्रेस ने ये कहकर खारिज कर दिया कि ये आरोप बेबुनियाद हैं और इनका जवाब दिए जाने की कोई जरूरत नहीं है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रही टीम अन्ना ने 25 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जाने की धमकी दी है.

शनिवार को किए गए संवाददाता सम्मेलन में टीम अन्ना के सदस्य प्रशांत भूषण, अरविंद केजरीवाल, शांति भूषण और किरण बेदी ने नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट के मसौदे के कुछ हिस्से के आधार पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जबकि कोयला मंत्रालय उनके पास हुआ करता था.

इससे पहले टीम अन्ना ने प्रधानमंत्री के खिलाफ कभी कोई आरोप नहीं लगाया था.

कैबिनेट मंत्री

प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के अलावा टीम अन्ना ने जिन कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ स्वतंत्र विशेष जांच टीम से तहकीकात करवाने की मांग की है उनमें पी चिदंबरम, शरद पवार, एस एम कृष्णा, कमल नाथ, प्रफुल्ल पटेल, विलासराव देशमुख, वीरभद्र सिंह, कपिल सिब्बल, सलमान खुर्शीद, जी के वासन, फारुक अब्दुल्ला, एम अझागिरी और सुशील कुमार शिंदे के नाम शामिल हैं.

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने टीम अन्ना के सदस्यों द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा, ''मुझे बिना किसी तथ्य के लगाए गए इन आरोपों का जवाब देने की कोई जरूरत नहीं है.''

उन्होंने कहा कि ये कोई पहली बार नहीं है जब ऐसे आरोप लगाए गए हैं और उनका जवाब दिया गया है.

मनीष तिवारी ने टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी द्वारा एक अखबार में प्रकाशित उस खबर का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने अरविंद केजरीवाल के एनजीओ में कोष के सही इस्तेमाल न करने को लेकर अन्ना हजारे को चिट्ठी लिखी थी.

हालांकि टीम अन्ना ने कुछ सदस्यों पर लगी वित्तीय धांधली की खबर का खंडन किया था.

जजों का पैनल

अन्ना हजारे और उनके निकट सहयोगियों ने प्रधानमंत्री को एक चिट्ठी भेजी है जिसमें तीन अवकाशप्राप्त जजों की सदस्यता वाली एक स्वतंत्र विशेष जांच टीम गठित करने की मांग की गई है.

उन्होंने ये सुझाव भी दिया है कि सरकार छह जजों के एक पैनल से तीन जजों का चुनाव भी कर सकती है जिनमें जस्टिस सुदर्शन रेड्डी, ए के गांगुली, ए पी शाह, कुलदीप सिंह, जे एस वर्मा और एम एन वेंकटचिल्लैया शामिल हैं.

टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, किरण बेदी और प्रशांत भूषण

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प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी में कहा गया है कि विशेष जांच टीम 15 'भ्रष्ट' कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ़ तो जांच करे ही साथ ही बहुजन समाजपार्टी प्रमुख मायावती, समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव, आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और एआईएडीएमके प्रमुख जयललिता के खिलाफ लगे आरोपों की भी जांच करे. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि विशेष जांच दल टीम अन्ना पर लगे आरोपों की जांच भी कर सकती है.

टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, ''हम 24 जुलाई तक इंतज़ार करेंगे और अगर सरकार तब तक विशेष जांच दल के गठन की दिशा में कदम नहीं उठाएगी तो 25 जुलाई से हम अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल शुरू कर देंगे.''

टीम अन्ना की सदस्य किरन बेदी ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि, ''जब प्रशांत भूषण, अरविंद केजरीवाल और कई सहयोगियों ने छानबीन की तो ये पाया कि सीएजी की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जिन सालों में कोयला मंत्रालय संभाल रहे थे तो उस दौरान मंत्रालय ने जो खनन के लिए लाइसेंस, परमिट या जगह दी वो बहुत कम दामों पर दी गई. इससे लाखों करोड़ों का नुकसान हुआ.''

किरन बेदी ने ये भी कहा कि सीएजी की ये रिपोर्ट अभी कुछ दिनों पहले ही आई है और सदन में रखी नहीं गई है.