You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
तस्वीरों में राजा पूमीपोन का जीवन
राजा पूमीपोन अदुन्यदेत नौ जून 1946 को राजगद्दी पर बैठे जब उनके बड़े भाई किंग आनंद माहिदोल (तस्वीरे में दाहिने) की रहस्यमयी परिस्थितियों में एक शूटिंग दुर्घटना में मौत हो गई थी. ये तस्वीर 1935 की है जब दोनों भाई स्कूल में थे.
पूमीपोन का जन्म अमरीका के कैंब्रिज़ इलाके में हुआ जहां उनके पिता हार्वर्ड में पढ़ाई कर रहे थे. पूमीपोन की पत्नी सिरिकित से उनकी मुलाकात यूरोप में हुई.
पूमीपोन और सिरिकित के चार बच्चे हुए लेकिन तस्वीर में सिर्फ प्रिंस वाजिरालोंगकोन और प्रिंसेस उबोल रतना दिख रहे हैं. यह तस्वीर 1955 में ली गई थी.
किंग पूमीपोन ने राजा बनने के बाद कई प्रांतों का दौरा किया और कई परियोजनाएं शूरू कीं जिनमें कृषि के विकास पर बहुत अधिक ध्यान दिया गया. यहां अमरीकी राष्ट्रपति ड्वाइलाइट आईज़ेंनहावर के साथ.
किंग पूमीपोन थाईलैंड में लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे और उन्हें कमोबेश भगवान का दर्जा प्राप्त था.
थाईलैंड की राजनीति में सार्वजनिक रूप से राजा पूमीपोन ने 1973 में हस्तक्षेप किया था जब लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों पर सैनिकों ने गोली चलाई थी. राजा ने प्रदर्शनकारियों को अपने महल में रहने की जगह दी जिसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री की सरकार गिर गई.
1981 में राजा उन सैन्य अधिकारियों के खिलाफ़़ खड़े हुए जिन्होंने उनके मित्र और जनरल प्रेम तिनसुलानोंद के खिलाफ विद्रोह किया. इस तस्वीर में वो जनरल तिनसुलानोंद के साथ हैं.
राजा पूमीपोन को संगीत बेहद पसंद था और वो भी सैक्सोफोन बजाते थे और गीत लिखते थे. यहां राजा अपने पुत्र युवराज वजीरालोंगकोन और अन्य संगीतकारों के साथ हैं.