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पाकिस्तान ने अमरीका के साथ सैन्य सहयोग बंद किया
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़ुर्रम दस्तगीर ने कहा है कि अमरीका के साथ सैनिक सहयोग और खुफिया जानकारी अदला-बदली रोक दी गई है.
पाकिस्तान ने इसकी वजह उसे मिल रही अमरीकी मदद का बंद होना बताया है. पाकिस्तान सरकार ने ट्विटर पर ये जानकारी दी है.
रक्षा मंत्री ख़ुर्रम दस्तगीर का कहना है कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में अपनी जिम्मेदारियां पूरी की हैं.
पाकिस्तानी सरकार
इस महीने की शुरुआत में अमरीकी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान आतंकवाद के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा इसलिए वो सारी सुरक्षा सहायता को रोक रहा है.
अमरीकी विदेश विभाग ने कहा है कि इसका लक्ष्य पाकिस्तानी सरकार को ये बताना है कि अगर वे अमरीका के मित्र राष्ट्र नहीं बनते हैं, तो हालात पहले जैसे नहीं रहेंगे.
पाकिस्तान ने बार-बार ये दोहराया कि उसकी मदद की वजह से ही अमरीका अल-क़ायदा का सफ़ाया कर पाया है.
इससे पहले, पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमरीकी पत्रिका वॉल स्ट्रीट जर्नल से कहा था कि पाकिस्तान का अमरीका के साथ गठबंधन ख़त्म हो गया है.
नए साल की शुरूआत में अमरीका और पाकिस्तान के रिश्तों में तल्ख़ी आनी शुरू हो गई थी.
इसका सिलसिला तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि पिछले दो दशकों तक अरबों डॉलर लेने के बाद भी पाकिस्तान ने अमरीका के साथ धोखा किया.
उन्होंने कहा था, "अमरीका ने पिछले 15 सालों में पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर से ज्यादा की मदद दी और उसने बदले में झूठ और छल के सिवाय कुछ नहीं दिया. वह सोचता है कि अमरीकी नेता मूर्ख हैं. हम अफ़ग़ानिस्तान में जिन आतंकवादियों को तलाश रहे हैं, उन्होंने उन्हें पनाह दी. अब और नहीं."
डोनल्ड ट्रंप के इस ट्वीट के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने ट्वीट में कहा था, "हम जल्द ही राष्ट्रपति ट्रंप को जवाब देंगे. हम दुनिया को सच बता देंगे. तथ्यों और कल्पना के बीच का फ़र्क बता देंगे."
इस बयान के बाद अमरीका ने पाकिस्तान की सैन्य सहायता ये कहते हुए स्थगित कर दी थी कि पाकिस्तान हक़्क़ानी नेटवर्क जैसे गुटों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं करता.
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