You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
बांग्लादेशः एक महीने में 20 साल की मां ने तीन बच्चे जन्मे
बांग्लादेश में एक ऐसी घटना घटी है जिससे वहां के चिकित्सा जगत के साथ-साथ आम लोग भी चकित हैं.
यहां 20 साल की एक लड़की ने 26 दिन बाद जुड़वां बच्चे को जन्म दिया है. पहले बच्चे के जन्म के समय डॉक्टरों को जुड़वां बच्चों का पता नहीं चल पाया था.
क़रीब एक महीने बाद आरिफ़ सुल्ताना नाम की इस लड़की ने सिजेरियन से अन्य जुड़वां बच्चों को जन्म दिया.
फिलहाल तीनों बच्चे और मां सही सलामत हैं.
उनका इलाज करने वाली डॉ. शीला पोद्दा ने एएफ़पी से कहा कि "पहली डिलीवरी के बाद उन्हें यह महसूस नहीं हुआ कि वो बच्चे के जन्म देने के बाद भी गर्भवती थीं. 26 दिन बाद अचानक कुछ परेशानी हुई और वो हमारे पास आई."
आरिफ़ सुल्ताना का पहले बच्चा नॉर्मल डिलीवरी से हुआ. हांलाकि उनका यह बच्चा समय से पहले जन्मा था.
डॉक्टरों के मुताबिक यह दुलर्भ घटना है क्योंकि महिला के अंदर दो गर्भाशय हैं.
आरिफ़ा शारशा के श्यामलागाछी गांव की रहने वाली हैं.
- यह भी पढ़ें | एक बिना बच्चे की मां की कहानी
दो गर्भाशय
बांग्लादेश की न्यूज वेबसाइट बीडीन्यूज 24 से आरिफ़ा के पति सुमोन विश्वास ने कहा, "पहले बच्चे के जन्म के 26 दिन बाद वो दोबारा बीमार पड़ गई. उसे अस्पताल ले गया, जहां उसने दो और बच्चों को जन्म दिया."
आरिफ़ा ने पहले बेटे को जन्म दिया था. दूसरी बार उन्होंने एक बेटे और एक बेटी को जन्म दिया है.
डॉ. शीला पोद्दार के मुताबिक दूसरी बार अस्पताल लाए जाने के बाद आरिफ़ा का अल्ट्रासोनेग्राफी टेस्ट कराया गया, जिसमें उनके अंदर दो गर्भाशय होने की बात सामने आई.
"पहला बच्चा पहले गर्भाशय से और जुड़वां बच्चे दूसरे गर्भाशय से जन्मे हैं."
डॉ. पोद्दार कहती हैं, "यह दुर्लभ घटना है. मैंने पहली बार ऐसा होते देखा है. ऐसा हुआ हो, इसके बारे में कभी सुना भी नहीं है."
- यह भी पढ़ें | कैसे तय होता है कि बच्चा सीज़ेरियन से होगा?
'अल्लाह का चमत्कार'
तीन बच्चों और मां को मंगलवार को सरकारी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
सरकारी डॉक्टर दिलीप रॉय कहते हैं कि उन्होंने अपने 30 साल के करियर में ऐसा केस नहीं देखा है. उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है और कहा कि पहली डिलीवरी के समय ही इस बात का पता लगा लिया जाना चाहिए था कि महिला के अंदर दो गर्भाशय हैं.
आरिफ़ा के पति सुमोन इस घटना को "अल्लाह का चमत्कार" मानते हैं कि सभी बच्चे और मां सुरक्षित और स्वास्थ्य हैं
सुमोन मज़दूरी करते हैं और महीनभर मे क़रीब पांच हजार रुपए कमाते हैं.
वो कहते हैं, "मैं सभी को खुश रखने की कोशिश करूंगा."
पहली बार इस तरह का मामला 2006 में आया था जब ब्रिटेन की एक महिला ने तीन बच्चों को जन्म दिया था. उनके अंदर भी दो गर्भाशय थे.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)