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इसराइल का गज़ा पर जवाबी हमला,4 की मौत
इसराइल की सेना के मुताबिक गज़ा पट्टी से चरमपंथियों ने इसराइली क्षेत्र में 200 से ज़्यादा रॉकेट दागे जिसके जवाब में सेना ने फ़लस्तीनी क्षेत्र में हवाई हमले किए और टैंक के जरिए गोले दागे.
सेना ने जानकारी दी है कि गज़ा से दागे के रॉकेटों की चपेट में आकर तीन लोग घायल हो गए वहीं इसराइल की जवाबी कार्रवाई में फ़लस्तीनी क्षेत्र में एक महिला और उसकी 14 महीने की बच्ची समेत चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.
दक्षिण इसराइल पर रॉकेट हमलों के दौरान सायरन बजने लगे और लोग छिपने के लिए सुरक्षित ठिकानों की ओर भागे.
इसके पहले शुक्रवार को हुए एक हमले में इसराइल के दो सैनिक घायल हो गए थे. इसके जवाब में की गई कार्रवाई में फ़लस्तीन के चार लोगों की मौत हो गई. इनमें से दो हमास के लड़ाके थे.
इसराइल में अप्रैल में हुए चुनाव के दौरान दोनों ओर संघर्ष विराम की स्थिति थी लेकिन फ़िलहाल तनाव बढ़ गया है.
यरुशलम में मौजूद बीबीसी संवाददाता टॉम बैटमैन के मुताबिक मिस्र और संयुक्त राष्ट्र प्रयास कर रहे हैं कि दोनों पक्षों के बीच संघर्ष विराम को लंबे वक्त तक प्रभावी बनाया जाए लेकिन इन कोशिशों से परे तनाव बढ़ रहा है.
शनिवार को क्या हुआ?
गज़ा पट्टी के सीमावर्ती इसराइल के इलाके में शनिवार को दागे गए रॉकेटों ने कई घरों को नुकसान पहुंचाया. इसमें रहने वाले लोगों को सुरक्षित ठिकानों में शरण लेनी पड़ी.
राकेट हमले में एक बुजुर्ग महिला समेत तीन लोग घायल हो गए.
इसराइल डिफेंस फोर्सेज़ (आईडीएफ) के मुताबिक आयरन डॉम मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने कई रॉकेटों को गिरा दिया.
इस हमले के जवाब में आईडीएफ ने हमास के प्रभाव वाले गज़ा के तीन स्थानों पर हवाई और टैंक से हमले किए. हमले में जिन समूहों को निशाना बनाया गया, उनमें इस्लामिक जिहाद भी शामिल है.
फ़लस्तीन के अधिकारियों का कहना है कि हमले में 22 साल के एक युवक की मौत हो गई. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने हमास समर्थित एक चरमपंथी समूह के हवाले से बताया है कि मारे गए व्यक्ति का संबंध इस समूह से था. हमले में गज़ा में रहने वाले कई लोग घायल भी हुए.
गज़ा में मौजूद फ़लस्तीनी अधिकारियों ने बताया कि गज़ा पट्टी के पूर्व में हुए हवाई हमले में एक महिला और उनकी 14 महीने की बच्ची की मौत हो गई.
गज़ा में रहने वाले कई अन्य लोग घायल हुए हैं. आईडीएफ प्रवक्ता ने हवाई हमले में महिला की ओर बच्ची की मौत होने के दावे पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि ऐसे संकेत मिले हैं कि महिला और बच्ची की मौत 'चरमपंथियों की गतिविधियों के कारण हुई है.'
इस्लामिक जिहाद का कहना है कि उसने शुक्रवार को हुई हिंसा के जवाब में रॉकेट हमला किया.
इस समूह ने अपने बयान में इसराइल पर आरोप लगाया है कि वो बीते महीने हुए संघर्ष विराम समझौता का पालन नहीं कर रहा है. ये समझौता मिस्र की मध्यस्थता में हुआ था.
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हिंसा की शुरुआत कैसे हुई?
हिंसा की शुरुआत शुक्रवार को गज़ा के साप्ताहिक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई. ये प्रदर्शन इसराइल की ओर से क्षेत्र की नाकेबंदी के ख़िलाफ था. इसराइल का कहना है कि नाकेबंदी गज़ा तक हथियारों की पहुंच रोकने के लिए जरुरी है.
सीमा की बाड़ के करीब फ़लस्तीन के हथियारबंद शख्स ने इसराइल के दो सैनिकों को गोली मारकर घायल कर दिया.
इसके जवाब में इसराइल ने हवाई हमले किए जिनमें हमास के दो लड़ाकों की मौत हो गई. सीमा के करीब इसराइल की ओर से की गई गोलीबारी में दो अन्य फ़लस्तीनियों की भी मौत हो गई.
फ़लस्तीन ने हमले में मारे गए दोनों लोगों को शनिवार को दफ़न किया और रॉकेट हमला भी तभी हुआ.
हमास के प्रवक्ता अब्देल लतीफ अल क़नोआ ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा, "कब्ज़ा करने वालों की ओर से किए जाने वाले अपराधों का इस क्षेत्र के लोग जवाब देते रहेंगे और हम अपने लोगों का ख़ून बहाए जाने की इजाज़त नहीं देंगे."
उन्होंने हमास की ओर से रॉकेट दागे जाने को लेकर कोई दावा नहीं किया.
गज़ा में करीब 20 लाख फ़लस्तीनी रहते हैं. इसराइल की ओर से की गई नाकेबंदी से इस इलाके को आर्थिक तौर पर काफ़ी मुश्किलों को सामना करना पड़ा रहा है. हाल में यहां विदेशी मदद में भी कटौती हुई है.
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