अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा को दीजिए इजाज़त.
कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर लगी कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने मध्य पूर्व में तनावपूर्ण हालातों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से बात की है.
चंदन कुमार जजवाड़े, रौनक भैड़ा
अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा को दीजिए इजाज़त.
कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर लगी कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

इमेज स्रोत, Sean Gallup/Getty Images
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने मध्य पूर्व में तनावपूर्ण हालातों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से बात की है.
शहबाज़ शरीफ़ ने एक्स पोस्ट में लिखा, "मैंने अपने भाई राष्ट्रपति डॉक्टर मसूद पेज़ेश्कियन से बात की और उन्हें ईद-उल-फ़ितर और नवरोज़ की शुभकामनाएं दीं."
उन्होंने लिखा, "एक पड़ोसी और भाईचारे वाले देश के तौर पर, मैंने पाकिस्तान की तरफ़ से बहादुर ईरानी लोगों के साथ खड़े होने की बात कही. मैंने क़ीमती जानों के जाने पर गहरी संवेदना जताई और घायल व बेघर हुए लोगों के जल्दी ठीक होने की दुआ की."
"हमने खाड़ी क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर चर्चा की और इस बात पर सहमति जताई कि तनाव कम करने, बातचीत करने और समझदारी से हल निकालने की तुरंत ज़रूरत है."
शहबाज़ शरीफ़ ने लिखा, "मैंने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय में एकता बहुत ज़रूरी है और पाकिस्तान शांति को आगे बढ़ाने में मददगार भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है."
गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर चुके हैं कि 'अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत' हो रही है.
दूसरी ओर, बीबीसी के अमेरिकी साझेदार सीबीएस न्यूज़ के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "हम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की उस बात को नकारते हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है."

इमेज स्रोत, Harikrishna Katragadda/Mint via Getty Images
केरल में चुनाव आयोग के एक पत्र पर बीजेपी के कथित मुहर होने को लेकर जहां कांग्रेस और सीपीआई (एम) ने सवाल खड़ा किए हैं, वहीं अब चुनाव आयोग ने सफ़ाई दी है.
केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "हमें पता चला है कि चुनाव आयोग के एक पत्र में बीजेपी की मुहर लगी है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) का कार्यालय स्पष्ट करता है कि यह केवल दफ़्तर की ग़लती थी, जिसे तुरंत पहचानकर ठीक कर दिया गया."
आगे लिखा गया है, "बीजेपी की केरल इकाई ने हाल ही में सीईओ के दफ़्तर से 2019 के नियमों पर स्पष्टीकरण मांगा था, जो उम्मीदवारों के आपराधिक मामलों की जानकारी प्रकाशित करने से जुड़े थे. अपनी मांग के साथ पार्टी ने 2019 के असली आदेश की फ़ोटोकॉपी दी थी. उस कॉपी पर पार्टी की मुहर थी. दफ़्तर से चूक यह हुई कि उस दस्तावेज़ पर लगी पार्टी की मुहर पर ध्यान नहीं दिया गया और ग़लती से वही कॉपी अन्य राजनीतिक दलों को भी भेज दी गई."
"जनता और मीडिया से अनुरोध है कि इस दफ़्तर की ग़लती के आधार पर भ्रामक संदेश न फैलाएँ. चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करता है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित रहे और किसी बाहरी दबाव या असर से मुक्त हो."

इमेज स्रोत, X/@INCIndia
कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, "एक संवैधानिक संस्था पर बीजेपी की छाप दिखना उसकी निष्पक्षता और भरोसे पर गंभीर सवाल उठाता है."
सीपीआई (एम) ने एक्स पर लिखा, "यह अब कोई राज़ नहीं है कि एक ही ताक़त, भारत के चुनाव आयोग और बीजेपी को चलाती है. फिर भी, कम से कम इतना तो शिष्टाचार रखिए कि दो अलग-अलग दफ़्तर रखें."

इमेज स्रोत, ANI
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के फाफामऊ इलाक़े में एक कोल्ड स्टोरेज की इमारत गिर गई. इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है और कुछ घायल हो गए हैं. साथ ही अमोनिया गैस लीक हो गई.
प्रयागराज कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने पुष्टि करते हुए कहा, "16 लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती करवा दिया है, जबकि 4 लोगों की मौत हुई है."
पीटीआई के मुताबिक़, हादसे के बाद कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस लीक होने लगी. इसे रोकने के लिए तुरंत आपात क़दम उठाए गए. फ़ायर ब्रिगेड गैस को नियंत्रित करने में गई, वहीं ज़िला प्रशासन और पुलिस की टीमें भी मौक़े पर मौजूद हैं.
ज़िला कलेक्टर मनीष कुमार वर्मा ने बताया, "हादसे की वजह जाँच के बाद ही साफ़ होगी. कुछ लोगों का कहना है कि अंदर धमाका हुआ था, शायद गैस की वजह से. इसी कारण दीवार गिर गई. पूरे मामले की जाँच के लिए एडीएम फ़ाइनेंस की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है. यह समिति अलग-अलग पहलुओं की जाँच करेगी और अगले 24 से 48 घंटे में अपनी रिपोर्ट देगी."
पीएमओ की ओर से एक एक्स पोस्ट में लिखा गया, "पीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री राहत कोष से हर मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे. घायल लोगों को 50 हज़ार रुपये दिए जाएंगे."

इमेज स्रोत, Raju Shinde/Hindustan Times via Getty Images
ईरान ने उस दावे को ग़लत बताया है, जिसमें कहा गया था कि वह स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से गुज़रने वाले जहाज़ों से '2 मिलियन डॉलर' वसूल रहा है.
भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर बयान जारी करते हुए कहा, "कुछ दावों में कहा गया कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से गुज़रने वाले जहाज़ों से 2 मिलियन डॉलर लिए हैं, यह साफ़ किया जाता है कि ऐसे दावे ग़लत हैं."
बयान में आगे लिखा, "इस बारे में दिए गए बयान सिर्फ़ कुछ लोगों की निजी राय हैं और किसी भी तरह से ईरान सरकार की आधिकारिक राय नहीं है."
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय ने यह ज़रूर कहा कि उन जहाज़ों के गुज़रने पर रोक लगा दी है जो हमला करने वाले पक्षों से जुड़े हैं.
मंत्रालय ने कहा, "ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है, 'होर्मुज़ स्ट्रेट के तटीय देश के रूप में और अंतरराष्ट्रीय क़ानून के मुताबिक़ ईरान ने उन जहाज़ों के गुज़रने पर रोक लगा दी है जो हमला करने वाले पक्षों के स्वामित्व वाले हैं या उनसे जुड़े हैं, या फिर जो उनकी आक्रामक गतिविधियों में भाग ले रहे हैं."

इमेज स्रोत, Roberto Schmidt/Getty Images
ईरान के बिजली ढांचे को तबाह करने की 48 घंटे की डेडलाइन से पीछे हटने के बाद ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में संकेत दिया कि ईरान के 'एक शीर्ष व्यक्ति से अमेरिका की बातचीत' हो रही है.
फ़्लोरिडा के पाम बीच में डोनाल्ड ट्रंप ने अपने विमान में बैठने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "वे (ईरान) चाह रहे हैं कि समझौता हो, हम भी समझौता करना चाहते हैं. आज हम शायद फ़ोन पर बात करेंगे."
ट्रंप ने आगे कहा, "अगर सब ठीक रहा, तो हम इसे सुलझा लेंगे. नहीं तो हम बस लगातार बम बरसाते रहेंगे."
ईरान के साथ बातचीत पर उन्होंने कहा, "देखेंगे कि वे क्या करते हैं. हमारे बीच में ज़्यादातर मुद्दों पर सहमति है. मैं कहूंगा कि लगभग सभी मुद्दों पर सहमति है."
राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिक एक शीर्ष व्यक्ति से बात कर रहा है लेकिन सर्वोच्च नेता से नहीं. ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई के बारे में उन्होंने कहा, "पता नहीं वो ज़िंदा हैं या नहीं."

इमेज स्रोत, SAUL LOEB / AFP via Getty Images
'हम समझौते के लिए पूरी तरह तैयार'
ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान शांति के बदले अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम की योजनाओं को छोड़ने के लिए तैयार हो सकता है.
उन्होंने कहा, "कल सुबह, उनके समय के अनुसार, हम उनके सबसे बड़े बिजली उत्पादन प्लांटों को उड़ाने वाले थे, जिनके निर्माण पर 10 अरब डॉलर से ज़्यादा ख़र्च हुआ है."
"वह बहुत बड़ा था, पैसे की कोई कमी नहीं थी. एक वार में सब खत्म हो जाता. वह ढह जाता. वे ऐसा क्यों चाहेंगे? इसलिए उन्होंने कॉल किया, मैंने नहीं किया. उन्होंने कॉल किया. वे समझौता करना चाहते हैं."
ट्रंप ने कहा, "और हम समझौता करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. यह एक अच्छा समझौता होना चाहिए और इसमें आगे कोई युद्ध नहीं होना चाहिए, कोई परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए. वे अब परमाणु हथियार नहीं रखेंगे. वे इस बात पर सहमत हो रहे हैं. अगर इनमें से कुछ भी होता है, तो कोई समझौता नहीं होगा."
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा कि मध्य पूर्व में चल रहे टकराव को पूरी तरह ख़त्म करने को लेकर बातचीत हुई है. उन्होंने कहा कि 'पूरी तरह समाधान' के मुद्दे पर 'सकारात्मक बातचीत' हुई है.
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त

इमेज स्रोत, ATTA KENARE / AFP via Getty Images
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बातचीत वाले बयान को नकार दिया है.
बीबीसी के अमेरिकी साझेदार सीबीएस न्यूज़ के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "हम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की उस बात को नकारते हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है."
बयान में आगे कहा "हम (ईरान) अपनी उसी बात पर क़ायम हैं कि किसी भी तरह की बातचीत तभी होगी जब युद्ध से जुड़े ईरान के लक्ष्य पूरे हो जाएंगे."
बीबीसी फ़ारसी की वरिष्ठ संवाददाता घोंचेह हबीबीज़ाद के मुताबिक़, ईरान की फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने भी एक अज्ञात ईरानी स्रोत के हवाले से कहा है कि "ट्रंप के साथ कोई सीधा या अप्रत्यक्ष संपर्क नहीं है."
ये एजेंसी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी आईआरजीसी से जुड़ी है.
हबीबीज़ाद के अनुसार, स्रोत का कहना है कि "जब ट्रंप ने सुना कि हमारे निशाने पर पश्चिम एशिया के सभी पावर स्टेशन होंगे, तो वह पीछे हट गए."

इमेज स्रोत, WATSON / AFP via Getty Images
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान से बातचीत वाले बयान के बाद दुनिया भर के मार्केट्स की चाल बदल गई है.
ब्रेंट क्रूड ऑयल की क़ीमत 13% गिरकर क़रीब 96 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई.
लंदन का फ़ाइनेंशियल टाइम्स स्टॉक एक्सचेंज (एफ़टीएसई) 100 इंडेक्स अब 0.5% ऊपर चला गया है, जबकि पहले यह 2% से ज़्यादा गिरा हुआ था.
गैस की क़ीमतें 159 पेंस प्रति थर्म से घटकर क़रीब 139 पेंस हो गई हैं.
ग़ौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा कि मध्य पूर्व में चल रहे टकराव को पूरी तरह ख़त्म करने को लेकर बातचीत हुई है.
उन्होंने कहा कि 'पूरी तरह समाधान' के मुद्दे पर 'सकारात्मक बातचीत' हुई है.

इमेज स्रोत, INDRANIL MUKHERJEE/AFP via Getty Images
भारत के शेयर बाज़ार में 23 मार्च यानी सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई. सेंसेक्स 1836.57 अंक या 2.46 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 72,696.39 पर बंद हुआ. निफ़्टी भी 601.85 अंक या 2.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,512.65 पर बंद हुआ.
शेयर बाज़ार में आज निवेशकों की संपत्ति में 14 लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई है. बैंकिंग, ऑटो, मेटल और एफ़एमसीजी शेयर्स में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है.
अमेरिकी डॉलर के मुक़ाबले भारतीय रुपया अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है. एक डॉलर की क़ीमत 93.84 रुपये हो गई है.

इमेज स्रोत, Contributor/Getty Images
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने उम्मीद जताई है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल रूस आ सकते हैं.
सर्गेई लावरोफ़ ने सोमवार को एक वीडियो संदेश में कहा, "हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस साल रूस आने का इंतज़ार कर रहे हैं. रूस को उम्मीद है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल रूस आएंगे."
लावरोफ़ ने यह बात अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'रूस और भारत: द्विपक्षीय रिश्तों के नए एजेंडा की ओर' को भेजे गए वीडियो संदेश में कही.
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार और बढ़ाने पर ज़ोर है.
उन्होंने कहा, "भारत और रूस इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि मौजूदा सालाना व्यापार (68.7 अरब अमेरिकी डॉलर) को 2030 तक बढ़ाकर 100 अरब अमेरिकी डॉलर किया जाए."

इमेज स्रोत, Sonu Mehta/Hindustan Times via Getty Images
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को लद्दाख के सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली हैबियस कॉर्पस याचिका का निपटारा कर दिया. अदालत ने कहा कि 'वांगचुक पहले ही जेल से रिहा हो चुके' हैं.
बार एंड बेंच के मुताबिक़, केंद्र सरकार के हाल ही में वांगचुक को रिहा करने के फ़ैसले को देखते हुए, जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने उनकी पत्नी गीताांजली की ओर से दाख़िल याचिका को क्लोज कर दिया.
केंद्र सरकार ने 14 मार्च को लद्दाख के सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को वापस ले लिया था. सरकार ने कहा कि यह फ़ैसला लद्दाख में 'शांति, स्थिरता और आपसी भरोसे का माहौल' बनाने के लिए लिया गया.
वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल मंगलवार को वांगचुक की ओर से अदालत में पेश हुए.
उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि अंग्मो की याचिका को अभी लंबित रखा जाए और राम नवमी की छुट्टियों के बाद सुनवाई के लिए रखा जाए. लेकिन अदालत ने इस मांग को नहीं माना.

इमेज स्रोत, Leon Neal/Getty Images
ब्रिटेन की राजधानीलंदन में यहूदी कम्युनिटी सर्विस से जुड़ी चार एंबुलेंस को आग लगा दी गई है. मेट्रोपॉलिटन पुलिस का कहना है कि इन हमलों को 'यहूदी-विरोधी नफ़रत' से जुड़ा अपराध माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने इन हमलों को 'बहुत चौंकाने वाला' और 'भयानक' बताया. स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रिटिंग ने कहा, 'शुक्र है कि किसी को चोट नहीं लगी... हमें यहूदी-विरोधी नफ़रत के ख़िलाफ़ एकजुट होकर खड़ा होना होगा."
दरअसल, लंदन फ़ायर ब्रिगेड को रात 01:40 बजे गोल्डर्स ग्रीन के हाईफ़ील्ड रोड पर बुलाया गया, जहां चार हत्ज़ोला एंबुलेंस जलती हुई मिलीं.
फ़ायर ब्रिगेड ने बताया कि गाड़ियों में मौजूद कई सिलेंडर फट गए, जिससे पास की इमारत के फ़्लैटों की खिड़कियां टूट गईं.
आग पर क़ाबू पाने के लिए छह फ़ायर इंजन और क़रीब 40 फ़ायरफ़ाइटर भेजे गए. सुरक्षा के लिए पास के घर खाली कराए गए और लगभग 30 लोगों को स्थानीय शेल्टर में ले जाया गया.
सीसीटीवी में तीन संदिग्ध दिखे, जो एक एंबुलेंस की तरफ़ जाते हैं और फिर उसे आग लगा देते हैं.

इमेज स्रोत, EPA/Shutterstock
न्यूयॉर्क के ला गार्डिया एयरपोर्ट पर एक विमान ट्रक से टकरा गया. इस हादसे में दोनों पायलटों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हो गए हैं.
पोर्ट अथॉरिटी की एग्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर कैथरीन गार्सिया ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया, "एयर कनाडा का विमान 72 यात्रियों और चार क्रू मेंबर्स को लेकर जा रहा था."
उन्होंने बताया, "41 यात्री और क्रू को अस्पताल ले जाया गया. अब तक 32 लोग अस्पताल से बाहर आ चुके हैं, लेकिन कुछ लोगों को 'गंभीर चोटें' आई हैं."
अमेरिका में बीबीसी के पार्टनर सीबीएस न्यूज़ ने बताया, "यह विमान कनाडा के मॉन्ट्रियल से आ रहा था और उसने लैंडिंग कर ली थी. लेकिन जब विमान रनवे पर लैंडिंग के बाद रुकने के क्रम में था, तभी उसकी टक्कर न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी पोर्ट अथॉरिटी के एक ट्रक से हो गई. यही अथॉरिटी इस एयरपोर्ट का संचालन करती है."
हादसे का शिकार विमान सीआरजे 900 मॉडल का एक छोटा विमान था.

इमेज स्रोत, Getty Images
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में समुद्री सुरक्षा को लेकर ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है. इस बयान में होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ईरान ने अपने अधिकारों का ज़िक्र किया है, साथ ही अमेरिका, इसराइल और उनके समर्थकों से जुड़े जहाज़ों पर टिप्पणी की है.
ईरानी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, "ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों को लेकर प्रतिबद्ध एक जिम्मेदार देश के तौर पर समुद्री मार्ग की स्वतंत्रता और सुरक्षा के सिद्धांतों को लगातार बनाए रखा है."
"कई सालों से ईरान ने इस क्षेत्र में मौजूद फ़ारस खाड़ी, होर्मुज़ स्ट्रेट और ओमान सागर में इन सिद्धांतों की रक्षा करने का प्रयास किया है. यह स्पष्ट है कि व्यवहार में इन सिद्धांतों का सम्मान समुद्र तट पर स्थित देशों की संप्रभुता और अधिकारों के सम्मान के बिना संभव नहीं है."
ईरानी विदेश मंत्रालय ने आगे कहा है, "28 फरवरी 2026 से, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) और बल प्रयोग को प्रतिबंधित करने वाले नियमों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमला किया. इसके परिणामस्वरूप फ़ारसी खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज़ स्ट्रेट में एक ख़तरनाक स्थिति पैदा हो गई है. इसने नेविगेशन और शिपिंग की सुरक्षा को सीधे तौर पर प्रभावित किया है."
"ईरान ने इन हमलों की वजह से आत्मरक्षा में इस इलाक़े में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. ईरान ने कई ऐसे उपाय अपनाए हैं, जिनसे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हमलावर और उनके समर्थक ईरान के ख़िलाफ़ अपनी दुश्मनी के मक़सद को आगे बढ़ाने के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट का दुरुपयोग न कर सकें."
ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है, "होर्मुज़ स्ट्रेट के तटीय देश के रूप में और अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक़ ईरान ने उन जहाज़ों के गुजरने पर रोक लगा दी है जो हमला करने वाले पक्षों के स्वामित्व वाले हैं या उनसे जुड़े हैं, या फिर जो उनकी आक्रामक गतिविधियों में भाग ले रहे हैं."

इमेज स्रोत, X/@Iran_in_India
"बार-बार ज़ोर देकर कहा गया है कि होर्मुज़ स्ट्रेट बंद नहीं है, इसके माध्यम से होने वाला समुद्री यातायात निलंबित नहीं किया गया है. इस रास्ते से जहाज़ों का आवागमन जारी है, बशर्ते कि इसके लिए ज़रूरी उपायों और युद्ध की वजह से पैदा पहलुओं का पालन किया जाए."

इमेज स्रोत, Sansad tv
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में 'मध्य पूर्व में चल रही जंग' पर सदन को संबोधित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत के सामने भी 'अप्रत्याशित चुनौतियाँ' हैं.
पीएम मोदी ने कहा, "पश्चिम एशिया की हालत चिंताजनक है. इस संकट को तीन हफ्तों से अधिक हो रहा है. इस जंग से पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर और लोगों के जीवन पर असर पड़ रहा है."
"भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं. ये चुनौतियाँ आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हैं. साथ ही मानवीय चुनौतियाँ भी हैं."
उन्होंने कहा, "प्रभावित देशों में मौजूद भारतीय मिशन वहां गए, भारतीय पर्यटकों और वहां रह रहे लोगों के साथ 24 घंटे जुड़ा हुआ है और उनकी मदद कर रहा है. युद्ध शुरू होने से लेकर अबतक 3 लाख 75 भारतीय सुरक्षित लौटे हैं."
नमस्कार!
अब तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगी.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

इमेज स्रोत, Photo by Alexi Rosenfeld/Getty Images
इसराइली डिफ़ेंस फ़ोर्स ने अपनी ताज़ा जानकारी में बताया है कि ईरान ने इसराइल की तरफ मिसाइलें दाग़ी हैं.
आईडीएफ़ का कहना है कि उसके एयर डिफ़ेंस सिस्टम इन हमलों को इंटरसेप्ट कर रहे हैं.
इसराइल की सेना ने भी सोमवार तड़के ईरान की राजधानी तेहरान के कई ठिकानों पर "बड़े पैमाने पर" हवाई हमले किए हैं.
ईरान के सरकारी मीडिया और आईआरजीसी से जुड़ी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने बताया है कि पूरे शहर में धमाकों की आवाज़ें सुनी गई हैं.
इस बीच इसराइल पर लगातार हो रहे ईरानी हमलों की वजह से अमेरिका ने अपने नागरिकों को देश से बाहर निकालने की व्यवस्था शुरू की है.
अमेरिका ने यरूशलम में अपने नागरिकों को अपने दूतावास से बाहर जाने के लिए चार्टर्ड बसों की सुविधा शुरू की है.
अमेरिकी दूतावास सोमवार से जॉर्डन के अम्मान के लिए चार्टर्ड बसों की सुविधा दे रहा है.
दूतावास का कहना है कि यह बस सेवा उन अमेरिकी नागरिकों को दी जा रही है जो इसराइल छोड़ना चाहते हैं. दूतावास के अनुसार, ये बसें जॉर्डन इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएंगी.
दूतावास ने कहा है कि अभी यरूशलम और तेल अवीव के इलाक़ों से बसें उपलब्ध हैं. यात्रियों को अपनी आगे की यात्रा की व्यवस्था ख़ुद करनी होगी, जिसमें अम्मान एयरपोर्ट से फ़्लाइट्स लेना भी शामिल है."

इमेज स्रोत, Getty Images
न्यूयॉर्क के ला गॉर्डिया एयरपोर्ट पर एक विमान एक ट्रक से टकरा गया. इस हादसे में कई लोगों के घायल होने की ख़बर है.
अमेरिका में बीबीसी के पार्टनर सीबीएस न्यूज़ ने बताया कि यह विमान कनाडा के मॉन्ट्रियल से आ रहा था और उसने लैंडिंग कर ली थी.
सीबीएस न्यूज़ के मुताबिक़, जब विमान रनवे पर लैंडिंग के बाद रुकने के क्रम में था, तभी उसकी टक्कर न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी पोर्ट अथॉरिटी के एक ट्रक से हो गई. यही अथॉरिटी इस एयरपोर्ट का संचालन करती है.
हादसे का शिकार विमान सीआरजे 900 मॉडल का एक छोटा विमान था और जिसमें 70 से 90 लोग सवार थे. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं.
इस हादसे के बाद न्यूयॉर्क के ला गॉर्डिया एयरपोर्ट को अगली सूचना तक के लिए बंद कर दिया गया है.
अमेरिका के संघीय एविएशन प्रशासन ने रविवार देर रात एयरपोर्ट के लिए 'ग्राउंड स्टॉप' (उड़ानें रोकने का आदेश) जारी किया और कहा कि यह आदेश आगे भी बढ़ाया जा सकता है.

इमेज स्रोत, Getty Images
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व में चल रही जंग के बीच ट्रुथ सोशल पर एक छोटी सी पोस्ट में युद्ध के मक़सद पर टिप्पणी की है.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा है, ''अगर हल्के शब्दों में कहें तो ताक़त के दम पर शांति.''
हालांकि ट्रंप ने अपनी इस छोटी सी पोस्ट में ज़्यादा कुछ नहीं लिखा है, लेकिन उन्होंने होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलने के लिए ईरान को अल्टीमेटम दिया है.
इससे पहले डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और न्यूयॉर्क के सीनेटर चुक शूमर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में युद्ध को ख़त्म करने की मांग की है.
उन्होंने लिखा, “यहाँ तक कि कुछ रिपब्लिकन सीनेटर भी खुले तौर पर यह मान रहे हैं कि उन्हें ज़रा भी अंदाज़ा नहीं है कि प्रशासन मध्य पूर्व में क्या हासिल करने की कोशिश कर रहा है.”
चुक शूमर ने लिखा, "अब बहुत हो चुका. इस युद्ध को खत्म करें."
समाचार एजेंसी फ़ार्स के मुताबिक़ ट्रंप की धमकी पर ईरान की सेना ने कहा है कि वो क्षेत्र में अमेरिका और उससे जुड़े देशों के ऊर्जा केंद्रों, डीसैलिएशन प्लांट्स (पानी शुद्ध करने वाले प्लांटों) पर हमले करेगी.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था, "अगर ईरान ने बिना किसी धमकी के अगले 48 घंटों में होर्मुज़ स्ट्रेट को नहीं खोला तो अमेरिका उसके कई पावर प्लांट्स पर हमला करके उन्हें तबाह कर देगा और इसकी शुरुआत होगी उनके सबसे बड़े प्लांट से."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 21 मार्च को कहा था कि ईरान के पास 48 घंटे का समय है. अगर उसने होर्मुज़ स्ट्रेट नहीं खोला तो उसके सभी पावर प्लांट्स तबाह कर दिए जाएंगे.