पीएसएलवी अंतरिक्ष की ओर रवाना

पोलर सेटेलाइट लॉन्च वेहिकल (पीएसएलवी) उपग्रह ओशनसैट 2 और छह अन्य नैनो सैटेलाइट को लेकर अंतरिक्ष की ओर रवाना हो गया है.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के श्रीहरिकोटा केंद्र से बुधवार सुबह छोड़ा गया. ओसनसैट 2 को पीएसएलवी पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करेगा.
ओशनसैट 2 उपग्रह मौसम की जानकारी जुटाएगा और मछली की बहुलता वाले क्षेत्रों की पहचान करेगा. इस सेटेलाइट से भारतीय मौसम विभाग और मत्स्य विभाग को काफी मदद मिलने उम्मीद जताई जा रही है.
साइंस मैगज़ीन के दक्षिण एशिया संवाददाता पल्लव बागला के मुताबिक "ओशनसैट की मदद ये होगा कि मछली पकड़ने के लिए जब मछुआरा निकलेगा उसे ये पता नहीं होता कि मछलियां कहां ज़्यादा है. पर ये सैटेलाइट यह देख पाता है कि यहां ज़्यादा मछलियां है. ओशनसेट 2 में साथ में मौसम की जानकारी देने का उपकरण भी डाला गया है जिससे हवा और दबाव के क्षेत्र भी मापे जा सकेंगे जिससे भारत चक्रवात पर और अच्छी जानकारी प्राप्त कर पाएगा."
970 किलोग्राम वज़न वाले ओशनसैट 2 उपग्रह के साथ 6 विदेशी नैनो उपग्रह भी छोड़े जाएगे. उनमें से 4 जर्मनी और एक एक स्विटज़रलैंड व तुर्की के हैं. ये सेटेलाइट यूरोपीय देशों, वहां के विश्वविद्यालयों के शिक्षा और प्रयोग के लिए इस्तेमाल में आने वाले सेटेलाइट हैं. कुल मिलाकर पीएसएलवी से सात सेटेलाइट लांच किए जा रहे हैं.
इसरो के प्रवक्ता एस सतीश ने बीबीसी को बताया कि सभी प्रणालियां सामान्य तरीके से काम कर रही हैं, उल्टी गिनती शुरु हो चुकी है और ओशनसेट 2 उपग्रह सफल प्रक्षेपण के लिए तैयार है.




























