थकावट रोके जमा की गई नींद

नींद
इमेज कैप्शन, शोध के नतीजे बताते हैं कि अधिक नींद लेने से बाद में थकावट भी जल्दी दूर होती है

ऐसा अक्सर होता है कि थकावट उसी समय महसूस होती है जब हमारे पास ढेर सारा काम होता है लेकिन अब एक ख़ुशख़बरी है कि इस अहसास से छुटकारा पाया जा सकता है.

एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि नींद जमा की जा सकती है और भविष्य में थकावट के समय के लिए इसे बचाकर रखा जा सकता है.

अमरीका में शोधार्थियों ने कुछ लोगों को नींद के तौर-तरीकों में बदलाव के लिए आमंत्रित किया ताकि इससे मिलने वाले नतीजों की पड़ताल की जा सके.

प्रयोग

समूह के आधे लोगों को एक हफ्ते के लिए अतिरिक्त नींद लेने की इजाज़त दी गई जबकि बाक़ी लोगों से कहा गया कि वे अपने सोने के तौर-तरीक़े पहले जैसे ही रखें.

इसके बाद उन सभी लोगों को सोने से वंचित रखा गया.

वाल्टर रीड आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च की ट्रेसी रप ने बताया, ‘‘एक हफ़्ते रोज़ाना अधिक समय तक या सामान्य नींद लेने के बाद सभी भागीदारों को अगले हफ्ते सोने के लिए रोज तीन घंटे का समय दिया गया.’’

सोते हुए सैनिक
इमेज कैप्शन, सैनिकों के लिए यह शोध फ़ायदेपूर्ण हो सकता है

इसके बाद इन सभी लोगों को अलग-अलग तरह के जटिल काम दिए गए.

उनका कहना है कि परीक्षणों से पता चलता है कि जिन लोगों ने अपनी नींद जमा की हुई थी वे ‘नहीं सोने देने के दौरान कहीं अधिक क्षमता से काम कर सकते थे.’

ट्रेसी रप ने कहा, ‘‘इनकी कार्यक्षमता में गिरावट उनकी तुलना में कम रही जिन लोगों ने पहले सामान्य रूप से नींद ली हुई थी.’’

प्रयोग के बाद यह नतीजा भी सामने आया कि उन लोगों की थकावट जल्दी दूर हो गई जिन्होंने पहले अधिक समय तक सोकर अपनी नींद जमा की हुई थी.

नींद लड़ती है

इस शोध का मतलब है कि कारोबारी लोगों के लिए दिन के बाद आई थकावट का अंत. लेकिन सैनिकों के लिए यह जीवन रक्षक हो सकता है.

शोधार्थियों का कहना है कि कुछ और परीक्षणों के बाद इन नतीजों को तैनाती से पहले सैन्य बलों के ऊपर लागू किया जा सकता है.

ट्रेसी रप का कहना है, ‘‘उम्मीद करें कि ऑपरेशनल प्लानिंग इस सूचना को ध्यान में रखेगी और सैनिकों को लंबे समय के किसी मिशन पर भेजने के पहले अतिरिक्त समय तक सोने की इजाज़त दी जाएगी.’’

उनका कहना है कि शोध के अगले चरण में यह पता लगाया जाएगा कि अतिरिक्त समय तक नींद लेने से यह जमा क्यों हो जाती है.

शोधकर्ता का कहना है, ‘‘हम जानना चाहेंगे कि असल में उस समय मस्तिष्क में क्या घट रहा होता है और अगले चरण का अध्ययन इसी पर केंद्रित किया जाएगा जिसमें मस्तिष्क की तस्वीर लेकर इसकी वजह जानने की कोशिश होगी. ’’

झपकी लेने का समय

फिलहाल शोध टीम अभी यह बता पाने में सक्षम नहीं है कि अधिकतम नतीजे पाने के लिए कितने समय तक नींद जमा करने की जरूरत पड़ती है.

ट्रेसी रप कहती हैं, ‘‘मेरा मानना है कि अलग-अलग लोगों के लिए यह अलग-अलग होगा. इसके अलावा शोध के जरिए इस बात का पता लगाने की ज़रूरत है कि कितनी रातों तक अतिरिक्त नींद की जरूरत है.’’

उनका कहना है, ‘‘हालांकि इस अध्ययन में झपकी लेने के नतीजे को शामिल नहीं किया गया, फिर भी इसने काफी प्रभावी नतीजे दिखाए हैं, ख़ासकर कम अवधि में प्रदर्शन सुधारने में.’’