नींद की कमी से टूट सकते हैं रिश्ते

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नींद की कमी को एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या के रुप में देखा जाना चाहिए.
मेंटल हेल्थ फाउंडेशन की एक रिपोर्ट ‘स्लीप मैटर्स’ में कहा गया है कि नींद की कमी का रिश्तों पर असर दिखता है. साथ ही आप में ऊर्जा की कमी नज़र आती है और आप किसी काम में ध्यान नहीं दे पाते.
नींद की कमी को पहले ही अवसाद, हृदय रोग और रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी से जोड़ कर देखा जाता रहा है.
अब ये रिपोर्ट डॉक्टरों को इसके लक्षणों की पहचान के लिए और प्रशिक्षण देने की बात कहती है.
ब्रिटेन में किए गए एक आकलन में क़रीब 30 प्रतिशत लोगों को नींद की कमी की बीमारी से पीड़ित पाया गया.
लगभग 6,800 लोगों ने एक ऑनलाइन सर्वे में भाग लिया था जोकि ब्रिटेन में अब तक का अपनी तरह का सबसे बड़ा सर्वे है.
ख़राब सेहत की निशानी
इस सर्वे से पता चला है कि आम लोगो से नींद की कमी या इंसोमनिया के शिकार चार गुना ज़्यादा लोगों को अपने रिश्तें निभाने में ज़्यादा समस्याएं सामने आती है.
तीन गुना ज़्यादा लोग अवसादग्रस्त रहते हैं और तीन गुणा लोग इस बात की शिकायत करते हैं कि वे ध्यान नहीं दे पाते.
मेंटल हैल्थ फाउनडेशन के वरिष्ठ शोधकर्ता और इस रिपोर्ट के मुख्य लेखक डॉ डैन रौबोथैम का कहना है कि होता ये है कि पहले आप को नींद कम आती है जिससे आप मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते हैं और फिर इसी की वजह से आप की नींद और कम हो जाती है.
उनका कहना था, “लोगों के लिए इस दुष्चक्र से निकलना बहुत ज़रुरी है. इसके लिए उन्हें अच्छी नींद की ज़रुरत है. साथ ही कर्मचारियों, स्कूल और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को नींद की कमी के शिकार लोगों की जानकारी रखी जानी चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए.”
नींद की कमी की गंभीरता को अब नकारा नहीं जा सकता. इसका असर स्वास्थ्य के साथ साथ हमारी अर्थव्यवस्था और हमारी रोज़ की खुशी भी इससे प्रभावित होते हैं.












