वह जेल में रहा ताकि घर खरीद सके!

    • Author, केट ऐशफोर्ड
    • पदनाम, बीबीसी कैपिटल

घर इंसान की बुनियादी ज़रूरत है. ये उसका आशियाना होता है. हर इंसान का सपना होता है कि वो अपना घर बनाए. लेकिन ये आसान काम नहीं. इसके लिए एक मोटी रक़म की दरकार होती है.

जिन देशों में जीवन स्तर ज़रा महंगा है वहां तो ये सपना पूरा करना और भी मुश्किल है. हालांकि हर नागरिक को रहने के लिए एक कम क़ीमत पर घर मुहैया कराना सरकार की ज़िम्मेदारी होती है.

लेकिन फिर भी अमरीका और ब्रिटेन जैसे देशों में घर खरीदना आसान नहीं. जानकारों का कहना है कि अमरीका में 35 की उम्र वाले क़रीब 77 फ़ीसद लोग अपना घर नहीं ख़रीद पाते.

क्योंकि ज़मीन बहुत महंगी है. लोग सालों तक बचत करते हैं, तब जाकर वो कोई रहने लायक़ घर खरीद पाते हैं. अब चूंकि लोग जान गए हैं कि घर बनाने के लिए मोटी रक़म जुटानी होगी तो इसके लिए अपनी नौकरियों के अलावा भी कमाई के दूसरे बड़े दिलचस्प तरीक़े लोगों ने निकाल लिए हैं.

कुछ ऐसे ही लोगों के दिलचस्प तजुर्बे आपको बताते हैं. अमरीका क्रिस्टोफर गिरहार्ट जब 33 साल के थे तो उन्हों ने अरकंसास शहर की एक जेल के कैंपस में अपने लिए 25 डॉलर महीने पर एक कमरा किराये पर लिया.

इस कमरे में कई लोग एक साथ रहते थे. एक घर में ज़रूरत की जितनी चीज़ें दरकार होती हैं, वो सभी चीज़े यहां 25 डॉलर के किराए में उन्हें मिल रही थीं. यहां सस्ते में रहकर गिरहार्ट अपने घर के लिए पैसा जमा कर रहे थे.

महज़ 18 महीने में उन्हों ने घर की डाउन पेमेंट के लिए पैसा जमा कर लिया था. इस सस्ते कमरे में वो करीब पांच साल तक रहे उसके बाद उन्हें अपना घर मिल गया.

क्रिस्टोफर ने तो जेल परिसर में सस्ते कमरे में रहकर अपने घर के लिए पैसों का बंदोबस्त कर लिया. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस तरह की जगह पर नहीं रह सकते. वो फिर अपने लिए कमाई के दूसरे विकल्पों पर भी काम करते हैं.

मिसाल के लिए टेक्सस में रहने वाले डेनियल हेम्स और उनके पति जो हेम्स दोनों ही फुल टाइम जॉब करते हैं. लेकिन अपना घर ख़रीदने के लिए उन्हों ने एक और कारोबार शुरू किया है.

नौकरी के बाद घर से ही वो ये काम करते हैं. उन्होंने कुत्तों की देखभाल का काम शुरू कर दिया है. हालांकि ये काम शुरू करने के बाद उन्हें अपने परिवार के लिए समय नहीं मिल पाता.

वो साथ छुट्टियां नहीं बिता पाते हैं लेकिन इस काम से उन्हों ने दो साल में 25 हज़ार डालर जमा कर लिए हैं. इस समझौते के साथ वो खुश हैं. उन्हें उम्मीद है अगले साल मार्च महीने तक वो खुद का पांच कमरों वाला घर खरीद लेंगे.

ज़्यादा कमाई के लिए ऐसे ही और भी बहुत से काम हैं. जैसे रात में पब वगैरह में बारटेंडिंग का काम किया जा सकता है. या फिर टैक्सी चलाने का काम किया जा सकता है.

रियल एस्टेट फाइनेंस कंपनी के सह-संस्थापक ईवान हैरिस का कहना है कि उनके बहुत से ग्राहक ऊबर कैब चलाकर छह से सात महीने में 17 हज़ार डॉलर जमा कर लेते हैं. और ये रक़म एक छोटे से घर की डाउन पेमेंट के लिए काफ़ी है.

आरामदायक जीवन हर कोई जीना चाहता है. हर कोई चाहता है कि घर में हर तरह की सहूलियत नसीब हो. लेकिन अपना घर खरीदने के लिए कुछ लोग इन सहूलियतों को भी दरकिनार कर देते हैं और पैसे बचाने पर ज़ोर देते हैं.

जैसे जॉर्जिना कैनयोन और उनके साथी 2009 में एक किराये के घर में रहते थे. किराया देने के बाद उनके पास पैसे ही नहीं बच पाते थे. एक वक़्त के बाद उनके लिए ये किराया अदा करना मुसीबत बनने लगा.

उन्होंने सोचा कि अपना घर खरीदना है तो किराये का ये घर छोड़ना ही पड़ेगा. लिहाज़ा वो एक बोर्डिंग हाउस में रहने लगे. जहां रहना आसान नहीं था. किसी तरह का कोई आराम यहां नहीं था.

दो मंज़िलों पर रह रहे लोगों के लिए एक ही टॉयलेट और बाथरूम था. चूंकि घर के लिए पैसे बचाने थे तो यहां रहना ही था. बहरहाल एक साल यहां रहने के बाद वो अपने घर के लिए कुछ पैसा जुटाने में कामयाब रहे.

इसके अलावा ऐसे भी लोग हैं जो अपने रोज़मर्रा के ख़र्चों में कटौती करके पैसे बचाते हैं. लेकिन कुछ जानकार पैसे बचाने के लिए इस तरह के तरीक़ों का समर्थन नहीं करते हैं.

उनके मुताबिक़ आप पैसे बचाने के लिए अपने जीवन स्तर से समझौता करते हैं. पैसे बचाने के लिए आप कहीं ज़्यादा आते-जाते नहीं. पार्टी नहीं करते हैं. घूमने फिरने से बचने लगते हैं.

इससे आपके पैसे तो बच जाते हैं लेकिन कभी कभी ये सब तनाव की वजह भी बन जाता है. इसीलिए पैसे बचाने के लिए अपने जीवन स्तर से समझौता करने का फ़ैसला ज़रा सोच समझ कर करिए.

वैसे लोगों ने अपना घर ख़रीदने का एक और तरीक़ा निकाल लिया है. जो लोग बहुत मेहनत के बाद भी पैसा नहीं बचा पाते हैं वो अपने दोस्तों के साथ मिलकर घर खरीद लेते हैं फिर जिसके पास पैसा जमा होता जाता है, वो अपने अलग घर का इंतेज़ाम कर लेता है.

इस तरह वो किराये के घर में रहने से बच जाते हैं. लेकिन कुछ लोग इसे अक़्लमंदी का सौदा नहीं मानते. इनके मुताबिक़ ये ज़रूरी नहीं जिस किसी के साथ मिलकर आप घर खरीद रहे हैं, उसके साथ आपके रिश्ते हमेशा ही अच्छे रहें.

चूंकि घर पर सभी का हक़ बराबर होगा तो जिसका जो दिल चाहेगा जैसे चाहेगा रहेगा. ऐसे में हो सकता है झगड़े शुरू हो जाएं. और घर बेचने की नौबत आ जाए. इसीलिए ऐसा कोई फ़ैसला ज़रा सोच समझ कर ही लीजिए.

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