You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
1100 साल पुराना यूरोप का सबसे पुराना दारू का अड्डा
कुछ भी बचा न कहने को हर बात हो गई
आओ कहीं शराब पिएं रात हो गई
-निदा फ़ाज़ली
जब सब बातें ख़त्म हो गईं, तो ख़याल आया शराब का. और जब ज़िक्र-ए-मय हो तो एलान होता है कूच-ए-मयख़ाने का.
आए थे हंसते खेलते मय-ख़ाने में फ़िराक़
जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए
-फ़िराक़
अब शराब ने संजीदा कर दिया है, तो कुछ गंभीर बातें कर लेते हैं.
शराब और मयख़ानों का रिवाज़ दुनिया में हज़ारों वर्षों से रहा है. बहुत से देशों में भले ही शराबनोशी बुरा काम और गुनाह माना जाता हो. फिर भी, दुनिया शराब की शैदाई रही है.
शराब के शौक़ीनों से मयख़ाने हमेशा आबाद रहे. ये और बात है कि शराबनोशी के दुश्मनों ने बहुत से मयख़ाने उजाड़े. लेकिन, एक मयख़ाना ऐसा है, जो हज़ार से भी ज़्यादा बरस हुए तब से शराब के शौक़ीनों की प्यास बुझाता आ रहा है.
आयरलैंड के शॉन्स बार को यूरोप का सबसे पुराना पब माना जाता है. बड़े-बड़े इतिहासकार और स्थानीय लोग इस बात की शहादत देते हैं. साल 2004 में इसे गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफ़िकेट भी मिला है. शॉन्स बार आयरलैंड की राजधानी डब्लिन में है. कहते हैं कि शॉन्स बार यूरोप के 'अंधकार युग' में शुरू हुआ था.
हालांकि अभी तक अधिकारिक तौर पर इसे दुनिया का सबसे पुराना बार होने का दर्जा नहीं मिला है. इसके लिए कोशिशें जारी हैं.
एक ज़माने में शॉन्स पब में देर रात तक रौनक़ रहती थी. आज भी इसका आर्किटेक्ट वैसा ही है, जैसा 11 सौ साल पहले था. इसकी छतें और दीवारें बेंत से बनी हैं. सजावट में घोड़े के बालों का इस्तेमाल हुआ है.
आयरलैंड के ही टिमी डोनोवन मयख़ानों पर पिछले तीस साल से रिसर्च कर रहे हैं. उनका कहना है कि अभी तक उन्हें शॉन्स बार जितना पुराना कोई और पब नहीं मिला है. ये ख़ुद में तारीख़ है और अपने साथ ये इतिहास का एक बड़ा अध्याय समेटे हुए है.
यूरोप में बहुत से मयख़ाने हैं, जो ऐतिहासिक हैं. जैसे ब्रिटेन का द बिंगले आर्म्स, जो 953 ईस्वी में शुरू हुआ था. इसी तरह 'द स्किरिड माउंनटेन इन' (1110 ईस्वी), ये ओल्ड ट्रिप टू येरूशलम (1189 ईस्वी) और डब्लिन का ही ब्रैज़ेन हेड (1198) है. सभी बहुत पुराने हैं. सभी का दावा है कि वो सदियों से बदस्तूर शराब परोसते आ रहे हैं.
लेकिन, नेशनल म्यूज़ियम ऑफ़ आयरलैंड की रिसर्च कहती है कि शॉन्स बार ज़बानी तौर बताए जाने वाले समय से भी पुराना है. इस रिसर्च के मुताबिक़ ये 900 ईस्वी में शुरू हुआ था. ये दौर आयरलैंड में वाइकिंग्स के उत्थान और पतन दोनों से पहल का था. यही वो दौर था जब यूरोप ने व्हिस्की और ब्लैक बीयर बनानी सीखी. एमराल्ड द्वीपों के शराबख़ानों को इन्हीं की वजह से शोहरत हासिल है.
आयरलैंड के लोग ज़िंदगी में तीन बातों पर अमल करते हैं, संगीत, गप-शप और मन मुताबिक़ काम. और सिएन्स बार में ये तीनों चीज़ें साफ़ तौर पर नज़र आती हैं.
आयरलैंड में ढेरों पब हैं. हरेक मयख़ाने में इसी तरह संगीत, हंसी मज़ाक़ और बातों के बीच जाम छलकते हैं. शॉन्स बार की कहानी भी इनसे जुदा नहीं. यहां की मोटी, गद्देदार कुर्सियों पर लोग आकर बैठते हैं, मद्धम रोशनी में बातों का सिलसिला शुरू करते हैं और महफ़िल सजाते हैं. इस बार में लकड़ी के खंभे पर बहुत सी यादें लिखी हैं. कुछ नक़्शे बने हैं. कुछ यादगार ख़त और बहुत सी कविताएं लिखी हैं. क़िस्सागोई यहां की मेहमाननवाज़ी का अहम हिस्सा है.
लेकिन अफ़सोस की बात है कि इन ऐतिहासिक मयख़ानों पर संकट के बादल छा गए हैं. ड्रिंकिंग इंडस्ट्री ग्रुप ऑफ़ आयरलैंड के हालिया आंकड़े बताते हैं कि यहां पिछले दस वर्षों में तेज़ी से बार बंद हुए हैं. इसकी एक वजह है सेहत के प्रति जागरूकता और आयरलैंड में मंदी का दौर. मंदी की वजह से अल्कोहल पर एक्साइज़ ड्यूटी बहुत ज़्यादा है. महंगी शराब ख़रीदने की सकत लोगों में नहीं है. लेकिन बुरे हालात के बावजूद शॉन्स बार अपने इतिहास की चमक बनाए हुए हैं.
शॉन्स बार की बुनियाद कब रखी गई, कोई नहीं जानता. लेकिन यहां बहने वाली नदी शेनन से इसका रिश्ता गहरा है ये बात सब जानते हैं. रिसर्चर डोनोवन कहते हैं कि वो, अपने परिवार के साथ 32 साल पहले यहां आकर बसे थे. आज भी यहां सब-कुछ वैसा ही है, जैसा 32 साल पहले था. डोनोवन कहते हैं कि उन्हें इस बार से इतना गहरा लगाव है कि जब वो रिटायर होंगे, तो भी यहां स्टूल डाल कर बैठे रहा करेंगे. उनके मुताबिक़ यहां आने वाला हरेक शख़्स खुशियां और कोई ना कोई कहानी साथ लाता है.
शॉन्स बार को दुनिया के सबसे पुराने बार का दर्जा दिलाए जाने के लिए कोशिशें जारी हैं. ये मुकाम जब हासिल होगा तब होगा. तब तक तो शराब के शौक़ीन यहां पहुंचकर यही कहेंगे
''आए कुछ अब्र औ कुछ शराब आए
इसके बाद आए जो अज़ाब आए.''
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)