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मुंबई इंडियंस की दसवीं हार कैसे भारतीय क्रिकेट टीम के लिए है ख़तरे की घंटी?
- Author, विधांशु कुमार
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
मुंबई इंडियंस ने शुक्रवार रात आईपीएल 2024 में दसवीं बार हार का सामना किया. लखनऊ सुपरजायंट्स के 214 रनों के जवाब में मुंबई की टीम 20 ओवर में 196 रन ही बना सकी और 18 रनों से मैच हार गई.
आईपीएल 2024 में मुंबई और लखनऊ के बीच आख़िरी लीग मैच का असर टूर्नामेंट पर तो कुछ नहीं पड़ता, लेकिन ये उनके गौरव की लड़ाई थी.
दोनों ही टीमें प्लेऑफ़ की रेस से बाहर हो चुकी थीं और इस आख़िरी मैच में जीत के साथ वो थोड़ी बहुत शोहरत के साथ इस सीज़न को अलविदा कहना चाहती थीं.
इस कोशिश में लखनऊ को तो सफलता मिली लेकिन मुंबई 14 मैचों में 10 हार के साथ टूर्नामेंट में आख़िरी स्थान हासिल कर सकी.
मुंबई के फ़ैंस और उनके मैनेजमेंट के लिए ये एक कड़वा सच है जिसे वो कबूल नहीं कर पा रहे हैं.
आख़िर पांच बार की चैंपियन टीम के साथ ऐसा क्या हुआ कि इस साल हर दूसरी टीम उनसे बेहतर प्रदर्शन कर पाई?
अर्श से फ़र्श पर मुंबई इंडियंस
मुंबई इंडियंस आईपीएल की सफल टीमों में से एक है. आख़िरी बार मुंबई इंडियंस ने 2020 में आईपीएल का टाइटल जीता था. उस सीज़न में उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स को दुबई में 5 विकेटों से हराकर ट्रॉफ़ी पर कब्ज़ा जमाया था.
शुरुआती वर्षों में मुंबई इंडियंस की कप्तानी सचिन तेंदुलकर और रिकी पोंटिंग जैसे दिग्गजों ने की थी लेकिन टीम की किस्मत का ताला रोहित शर्मा को कप्तानी मिलने के बाद खुला.
हिटमैन रोहित शर्मा की कप्तानी में मुंबई ने सबसे पहले 2013 में ख़िताब जीता. उसके बाद 2015, 2017, 2019 और फिर 2020 में मुंबई के सिर आईपीएल का ताज सजा.
पांच बार ट्रॉफ़ी जीतकर मुंबई इंडियंस आईपीएल की सबसे सफल टीम बनी जिसकी बराबरी चेन्नई सुपरकिंग्स ने पिछले साल अपनी पांचवीं ट्रॉफ़ी जीतकर की.
मुंबई ना सिर्फ़ आईपीएल की सबसे सफल टीम रही है, उसका फ़ैन बेस भी बहुत बड़ा है. टीम पूरे भारत में तो लोकप्रिय है ही, जहां भी क्रिकेट खेला जाता है वहां भी उन्हें बढ़िया समर्थन मिलता है.
लेकिन इस बार के ढुलमुल प्रदर्शन ने मुंबई मैनेजमेंट को ये सोचने पर मजबूर कर दिया होगा कि अगले सीज़न किसको रिटेन किया जाए और किन खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाए.
एक नज़र डालते हैं उन कारणों पर जिसकी वजह से मुंबई इस बार अंक तालिका के आख़िरी पायदान पर रही.
नए कप्तान का ठंडा प्रदर्शन
मुंबई इंडिंयस ने इस सीज़न में अपने सबसे सफल कप्तान रोहित शर्मा को रिप्लेस किया और उनकी जगह हार्दिक पांड्या को नया कप्तान बनाया.
शुरुआती दिनों में मुंबई के लिए खेलने वाले पांड्या ने पिछले दो सीज़न गुजरात में बतौर कप्तान बिताए थे जिसमें एक बार टीम चैंपियन बनी और एक बार फ़ाइनल में पहुंची.
लेकिन इस साल उनकी मुंबई की वापसी सफल नहीं रही. उन्हें दर्शकों ने हूट किया और उनका प्रदर्शन भी भूलने वाला रहा.
गुजरात के लिए दो सीज़न में 38 रन की औसत से 800 से ज़्यादा रन बनाने वाले पांड्या ने मुंबई के लिए 14 पारियों में सिर्फ़ 216 रन बनाए और उनका औसत महज़ 18 का रहा. गेंदबाज़ी में उन्होंने 35 रनों की औसत से 11 विकेट लिए.
पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने याद दिलाया कि पांड्या ने कप्तान बनने के बाद सोशल मीडिया की एक पोस्ट में कहा था कि "रिश्ते में हम तुम्हारे कप्तान लगते हैं, नाम है पांड्या."
ये टैगलाइन उन पर उल्टा पड़ा क्योंकि फ़ैंस ने रोहित शर्मा को हटाए जाने को सही नहीं माना.
ओपनर्स की असफलता
इस साल आईपीएल बल्लेबाज़ों के नाम रहा है और टीमों की सफलता में ओपनर्स का अहम योगदान रहा है.
ट्रैविस हेड, फिल सॉल्ट, सुनील नारायण और ऋतुराज गायकवाड जैसे बल्लेबाज़ों ने अपनी टीमों को लगातार अच्छी शुरुआत दिलवाई. लेकिन मुंबई के दो प्रीमियम ओपनर्स रोहित शर्मा और ईशान किशन अपनी टीम को ज़बरदस्त शुरुआत दिलाने में असफल रहे.
हालांकि रोहित शर्मा एक शतक और एक अर्धशतक के साथ थोड़ा योगदान दे पाए लेकिन वो टीम के लिए नाकाफ़ी रहा.
एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने याद दिलाया कि रोहित शर्मा ने एक मैच में शतक तो लगाया लेकिन मुंबई वो मैच भी हार गई थी. मुंबई इंडियंस की पिछली सफलताओं में कप्तान रोहित शर्मा का बहुत बड़ा हाथ रहा था लेकिन इस बार वो चैंपियन की तरह नहीं खेल पाए और असर टीम पर भी दिखा.
वहीं टीम के दूसरे ओपनर ईशान किशन 22 की औसत से 14 पारियों में 320 रन ही बना पाए.
मिडिल ऑर्डर में स्थिरता की कमी
मुंबई के मिडिल ऑर्डर में सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा ने रन तो बनाए लेकिन वो अक्सर शुरुआती झटकों के बाद टीम के स्कोर को बड़ा करने की ज़िम्मेदारी में फंसे दिखे.
इन दोनों ने मिलकर 750 के क़रीब रन बनाए लेकिन ये संख्या किसी चैंपियन टीम के सर्वाधिक रन स्कोरर से काफ़ी कम रही.
इसके अलावा मुंबई की मिडिल ऑर्डर में स्थिरता की कमी दिखी और उनके दूसरे बल्लेबाज़ों के लिए ये समय भूल जाने वाला रहा.
हालांकि हार्दिक पांड्या ने 14 पारियों में 216 रन बनाए 11 विकेट लिए लेकिन एक कप्तान के तौर पर उनकी बैटिंग कमतर रही और गेंदबाज़ी में भी धार नदारद रही.
बुमराह के साथ कौन?
अंग्रेज़ी में एक कहावत है कि ‘फ़ास्ट बॉलर्स हंट इन पेयर्स’ – यानी तेज़ गेंदबाज़ जोड़ी में शिकार करते हैं. लेकिन इस सीज़न मुंबई इंडियंस को ऐसी कोई सुविधा नहीं मिल पाई.
मुंबई इंडियंस के लिए इस सीज़न की सबसे बड़ी कमज़ोरी रही जसप्रीत बुमराह को गेंदबाज़ी में साथ ना दे पाना. हालांकि बुमराह ने 13 पारियों में 20 विकेट लिए और पर्पल कैप की रेस में भी रहे लेकिन दूसरी छोर पर टीम को सफलता नहीं मिल पाई.
यहां तक कि कई मैचों में हार्दिक पांड्या ने बुमराह से ओपनिंग भी नहीं करवाई और कमेंटेटर्स की आलोचना का शिकार बनें.
बुमराह को छोड़कर मुंबई के तेज़ गेंदबाज़ विकेट लेने में असफल रहे और रन खर्च करने में अव्वल. इन कारणों ने मुंबई को टूर्नामेंट में आख़िरी स्थान पर रखा और भारतीय सिलेक्टर्स के सिरदर्द को बढ़ा दिया है.
क्यों मुंबई का फ़्लॉप होना भारतीय टीम के लिए ख़तरे की घंटी?
मुंबई इंडियंस का आईपीएल में फ़्लॉप होना सिर्फ़ उनकी टीम के लिए ही नहीं बल्कि भारतीय टी-20 टीम के लिए भी बुरी ख़बर है.
मुंबई टीम के चार खिलाड़ी टी-20 वर्ल्ड कप की भारतीय टीम में शामिल हैं और अहम भूमिका में हैं.
रोहित शर्मा कप्तान हैं, हार्दिक पांड्या उप-कप्तान की भूमिका निभाएंगे, सूर्यकुमार यादव के पास मिडिल ऑर्डर बैटिंग की ज़िम्मेदारी होगी जबकि जसप्रीत बुमराह स्ट्राइक बॉलर की भूमिका में नज़र आएंगे.
हालांकि बुमराह ने लगातार विकेट लिए और सूर्यकुमार यादव ने भी धीमी शुरुआत के बाद लय पकड़ ली, लेकिन रोहित शर्मा और कप्तान हार्दिक पांड्या, दोनों का फ़ॉर्म मुंबई के लिए चिंता की बात है.
एक स्पोर्ट्स वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में पूर्व खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग ने तो यहां तक कह डाला है कि "इन दोनों को मुंबई की टीम से रिलीज़ कर देना चाहिए. फ़ैंस के लिए यह सोचने की बात है कि जब इन दोनों की जगह मुंबई की ही टीम में ना बनती हो तो भारतीय टीम में वो कैसे जगह बना पाएंगे और भारत को मैच जिता पाएंगे?"
आईसीसी के टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम 5 जून को अपना पहला मैच आयरलैंड के ख़िलाफ़ खेलेगी जबकि 9 जून को मेन इन ब्लू का मुक़ाबला चिर-प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से होगा.
भारतीय खिलाड़ियों के आईपीएल में प्रदर्शन को देखते हुऐ ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान टिम पेन जैसे खिलाड़ी कह रहे हैं कि इस साल भी टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ट्रॉफ़ी से महरूम रहेगी.
हालांकि काग़ज़ पर अगर नाम देखे जाएं तो रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या, सूर्यकुमार यादव बहुत बड़े नाम दिखते हैं लेकिन वर्ल्ड कप में कहीं ये कहावत ना सच हो जाए कि नाम बड़े और दर्शन छोटे!
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