'जस्टिस फॉर संजू सैमसन' से 'गेम चेंजर' तक का सफ़र, बार-बार ड्रॉप होने वाला ये खिलाड़ी कैसे बना हीरो

    • Author, प्रवीण
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • पढ़ने का समय: 7 मिनट

'जस्टिस फॉर संजू सैमसन'

बीते 10 सालों में ना जाने कितनी बार ये लाइन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड करते हुए नजर आई.

लेकिन रविवार को कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में संजू सैमसन ने ऐसा कमाल कर दिखाया कि अक्सर ट्रेंड होने वाली ये लाइन बदल गई.

संजू सैमसन ने टी-20 वर्ल्ड कप के वर्चुअल क्वार्टर फाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 गेंद पर 97 रन की पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल का टिकट दिला दिया.

और संजू की इस पारी के बाद सबसे ज्यादा जिक्र किसी बात का हुआ तो वो थी, 'फाइनली जस्टिस फॉर संजू सैमसन हैपन्स.'

लेकिन ट्रेंड के 'जस्टिस फॉर संजू सैमसन' से 'फाइनली जस्टिस फॉर संजू सैमसन हैपन्स' होने तक संजू सैमसन को कितना मुश्किल और लंबा सफर तय करना पड़ा है, ये शायद उनसे बेहतर कोई और बयां भी नहीं कर सकता था.

भारत की जीत वो मैदान पर घुटने के बल बैठ ऐसे आसमान को ताक रहे थे जैसे उनका सालों पुराना सपना पूरा हो गया था.

संजू सैमसन की पहचान एक ऐसे खिलाड़ी के तौर पर रही है जो बातों को खुलकर एक्सप्रेस नहीं करता. लेकिन संजू सैमसन की इस पारी के बाद बहुत कुछ बदल गया है.

उन्होंने अब खुलकर अपने इमोशंस को जाहिर किया. मैच के बाद उन्होंने कहा, "शायद ये पारी मेरे लिए पूरी दुनिया है. जिस दिन से मैंने खेलने की शुरुआत की थी, जिस दिन से मैंने देश के लिए खेलने का सपना देखा था, उसी दिन से मुझे इसका सबसे ज्यादा इंतजार था."

लंबा इंतजार

बीते दो दशक में भारत में रोहित शर्मा के बाद किसी खिलाड़ी को मोस्ट गिफ़्टेड प्लेयर के तौर पर रेट किया गया तो वो नाम संजू सैमसन का ही रहा.

रोहित शर्मा की तरह संजू सैमसन भी नेचुरल पुलर हैं और बिना कोई खास जोर लगाए सिर्फ टाइमिंग के बलबूते लंबे-लंबे छक्के लगाने की क्षमता रखते हैं.

संजू सैमसन ने 17 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था. पहले सीजन में वो कुछ खास नहीं कर पाए. लेकिन अगले ही सीजन में संजू सैमसन ने जोरदार वापसी की और पांच पारियों में दो शतक और एक फिफ्टी जड़ी.

अगले ही साल राजस्थान रॉयल्स ने उन पर दांव लगाया. संजू सैमसन को राजस्थान रॉयल्स में सिलेक्ट करते हुए उस वक्त टीम के कोच रहे राहुल द्रविड़ ने कहा था, "संजू सैमसन उन चंद खिलाड़ियों में से हैं जो टीम इंडिया का भविष्य होंगे."

आईपीएल में शुरुआती सालों में अच्छे प्रदर्शन का संजू सैमसन को इनाम मिला और साल 2015 में उन्हें जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में चुना गया.

इस दौरे पर उन्हें टीम इंडिया के लिए टी20 क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका तो मिला, लेकिन उनके बल्ले से निकली महज 19 रन की पारी.

इसके बाद उन्हें टीम में वापसी करने के लिए 2019 तक इंतजार करना पड़ा. आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद संजू सैमसन 2024 तक टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए.

2024 में वो किसी तरह टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया में जगह बनाने में तो कामयाब रहे. पर उनके हिस्से तब भी मैदान नहीं बल्कि बैंच पर इंतजार ही आया.

शायद वर्ल्ड कप के दौरान बैंच पर इंतजार करने का ही गुस्सा था कि उन्होंने इसके बाद जैसे ही प्लेइंग 11 में जगह मिली उन्होंने महज पांच टी20 इंटरनेशनल मैचों में तीन शतक जड़ दिए.

हालांकि यहां से भी उनके लिए टीम में जगह पक्की नहीं हुई और ऐसी परफॉर्मेंस के बावजूद वो टीम के लिए एक्सपरिमेंट्स का हिस्सा बनकर ही रह गए.

बीते साल शुभमन गिल को टॉप ऑर्डर में फिट करने के लिए उन्हें ओपनिंग से मिडिल ऑर्डर में शिफ्ट कर दिया गया. जब शुभमन का दांव नहीं चला और उन्हें वर्ल्ड कप से ठीक पहले दोबारा ओपन करने का मौका मिला तो फॉर्म ने साथ छोड़ दिया.

इस पारी से पहले 12 पारियों तक उनके बल्ले से अर्धशतक ही नहीं निकला.

और फिर इसी वर्ल्ड कप की शुरुआत में टीम इंडिया में उनकी जगह ले उड़े जोरदार कमबैक करने वाले ईशान किशन.

सोचिए दो मैच पहले तक उन पर तब क्या गुजरी होगी जब अभिषेक शर्मा के फ्लॉप शो के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव से प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल किया गया कि क्या संजू सैमसन को टीम में जगह मिलेगी?

और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, "मतलब आप बोल रहे हैं कि मैं अभिषेक की जगह खिलाऊं उनको, या नंबर तीन पर तिलक की जगह."

ये जवाब देकर सूर्यकुमार यादव हंसने लगे. हालांकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की हार ने संजू सैमसन के लिए वापसी का रास्ता बनाया.

फिर ना कप्तान सूर्यकुमार की ज़ुबां के शब्द बदले बल्कि उन्होंने मैच के बाद मैदान पर एंट्री करते हुए कैप उतारकर और सर झुकाकर संजू सैमसन की काबिलियत का लोहा भी माना.

जब संजू सैमसन ने भारत को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया तो सूर्यकुमार यादव ने कहा, "मैं हमेशा कहता हूं कि अच्छे लोग जो इंतजार करते हैं उनके साथ अच्छा होता है. ये उनकी कड़ी मेहनत है जो उन्होंने तब की जब वो टीम इंडिया के लिए नहीं खेल रहे थे. और अब उनके उसका फल मिला है."

खुद पर डाउट करना

इन 10-12 साल में टीम से अंदर बाहर होने के बीच संजू सैमसन के दिल पर क्या गुजरी है उसके बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, "मेरा सफर बहुत खास रहा है, जिसमें ना जाने कितने उतार और चढ़ाव रहे हैं. मैं हमेशा अपने आप पर डाउट करता रहा. लगातार सोचता रहा. क्या अगर, क्या अगर, क्या मैं कर सकता हूं, क्या मैं कर सकता हूं."

"लेकिन इन तमाम डाउट के बीच कुछ था जो खत्म नहीं हुआ और वो था विश्वास का बने रहना. अब मुझे ब्लेसिंग मिल गई है. मैं बहुत खुश हूं."

"मैं इतने सालों से इस फॉर्मेट में खेल रहा हूं. 12 साल से आईपीएल और 10 साल से टीम इंडिया के साथ हूं. भले ही मुझे खेलने का ज्यादा मौका नहीं मिला. पर इस दौरान में डगआउट में रहा. मैंने रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों से बहुत कुछ सीखा है. इसे देखना बहुत जरूरी था कि वो क्या कर रहे हैं. इससे मुझे बहुत ज्यादा मदद मिली है."

संजू सैमसन अपने करियर के लंबे हिस्से में इस वजह से भी निशाने पर रहे क्योंकि अक्सर वो अच्छी शुरुआत के बावजूद गैर जिम्मेदारना शॉट खेलकर ही आउट हुए.

लेकिन रविवार को उनके खेल मैं बदलाव नजर आया. मैच के बाद हॉटस्टार के शो में पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने कहा, "आज से पहले तक उन्होंने संजू सैमसन को इस अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए नहीं देखा. उन्होंने हवा में लंबे शॉट खेलने की बजाए जमीन पर ही शॉट खेलने की कोशिश की और अपना विकेट नहीं गंवाया."

वहीं इसी शो में आकाश चोपड़ा ने कहा, "संजू सैमसन ने तब धैर्य बनाए रखा जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी. जब से उन्होंने वापसी की वो अलग तेवर के साथ मैदान में आए हैं. ये पारी शानदार है, क्योंकि भारत ने जल्दी विकेट गंवा दिए थे. उन्होंने खेलने का तरीका बदला है, कंपजोर यही वो शब्द है जिसने सब कुछ बदला है."

संजू सैमसन ने भी अपने खेल में लाए गए बदलाव के बारे में मैच के बाद बात की. उन्होंने कहा, "शुरुआत में हम विकेट गंवा रहे थे. मैंने पार्टनरशिप बनाने की कोशिश की. मैंने उस वक्त सिर्फ अगली गेंद के बारे में ही सोचा. तमाम सवालों के बीच मैंने खुद पर विश्वास किया और बॉल को उसी हिसाब से खेला, जैसी वो थी. ये मेरे लिए काम कर गया."

'और फिर संजू सैमसन, क्या स्टोरी है'

संजू सैमसन भारत की ओर टी20 वर्ल्ड कप में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी पारी खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं.

इससे पहले विराट कोहली ने 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और 2022 में पाकिस्तान के खिलाफ 82 रन की नाबाद पारी खेली थी. जो टी20 वर्ल्ड कप में भारत की ओर से लक्ष्य का पीछा करते हुए उच्च स्कोर था.

इसलिए भी संजू सैमसन की इस पारी की सोशल मीडिया पर भी बहुत तारीफ देखने को मिली.

खेल पत्रकार भरत सुंदरेशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "सभी खूबसूरत बाउंड्रीज के बीच संजू सैमसन की कामनेस ने उनकी पारी को आगे बढ़ाया. उन्होंने भारत को आगे बढ़ाया और वर्ल्ड कप की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली."

पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "करो या मरो के मैच में संजू सैमसन भारत की उम्मीद साबित हुए. उन पर कभी फोकस नहीं था, लेकिन वो गेम चेंजर साबित हुए."

हिंदुस्तान टाइम्स के साथ जुड़े खेल पत्रकार आशीष मगौतरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "और फिर, संजू सैमसन, क्या स्टोरी है."

"गिल के लिए संजू सैमसन को ओपनिंग स्लॉट से ड्रॉप किया गया. गिल नहीं चले. संजू को दोबारा चुना गया. फिर ईशान के लिए उन्हें ड्रॉप किया गया. अभिषेक के खराब फॉर्म और राइट-हैंड लेफ्ट-हैंड कॉम्बिनेशन ने वापसी करवाई. और अब वो स्टार ऑफ द शो हैं."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.