हार्दिक पटेल की पत्नी का दावा- 18 जनवरी से लापता हैं पति: प्रेस रिव्यू

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गुजरात के कांग्रेस और पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को लेकर उनकी पत्नी ने दावा किया है कि उनका 18 जनवरी से कोई अता-पता नहीं है.
हार्दिक को 18 जनवरी को राजद्रोह के मामले में गिरफ़्तार किया गया था. मगर हार्दिक की पत्नी का दावा है कि पुलिस बार-बार आकर उनसे हार्दिक के बारे में पूछ रही है कि वह कहां हैं.
हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के अनुसार, सोमवार को पाटीदार नेताओं की ओर से आयोजिक एक कार्यक्रम में किन्जल ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए.
अपने पति को लेकर किंजल ने कहा, "18 जनवरी को गिरफ़्तार किए जाने के बाद से उनका पता नहीं है. हमें नहीं मालूम कि वह कहां हैं लेकिन पुलिस बार-बार आकर हमसे उनका पता पूछती है."
ठीक हो रही है पहली भारतीय कोरोना वायरस पीड़ित
कोरोना वायरस के संक्रमित पाई गई पहली भारतीय नागरिक की सेहत में सुधार हो रहा है.

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इस महिला को त्रिसूर मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वॉर्ड में रखा गया है जहां कोई आ-जा नहीं सकता.
इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार, सोमवार को केरल के स्वास्थ्य विभाग के किसी शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी है.
ताज़ा टेस्ट से संकेत मिला है कि वायरल इन्फ़ेक्शन ख़त्म हो गया है. अब एक और सैंपल पुणे भेजा गया है, जहां से रिपोर्ट अगर नेगेटिव आई तो तीसरा टेस्ट होगा.
प्रोटोकॉल के तहत, तीनों टेस्ट नेगेटिव रहने पर ही मरीज़ को छुट्टी दी जा सकती है.
दिल्ली को मिसाइलों से बचाने के लिए अमरीका का रुख़
भारत अपनी राजधानी दिल्ली की सुरक्षा के लिए अमरीका से मिसाइल शील्ड ख़रीदने की दिशा में एक और क़दम बढ़ गया है.

चीन के विदेश मंत्रालय ने अपने यहां कांग्रेस को भारत के साथ 1.86 बिलियन डॉलर में होने वाले सौदे के बारे में सूचित किया है.
इस सौदे के तहत अमरीका भारत को इंटिग्रेटेड एयर डिफ़ेंस वेपन सिस्टम (IADWS) बेचेगा.
द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर के अनुसार, भारत और अमरीका के बीच कई दौर की सौदेबाज़ी हो चुकी है. इस बात पर भी चर्चा हो चुकी है कि इस सिस्टम को दिल्ली में कहां-कहां लगाया जाना है.
कश्मीर जाएगा विदेशी राजनयिकों का दूसरा जत्था
भारत सरकार ने एक महीना पहले विदेशी राजनयिकों को भारत प्रशासित कश्मीर का दौरा करवाया था. अब सरकार ने उसी तरह से एक बार और राजनयिकों को घटी ले जाने की योजना बनाई है.

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सरकार चाहती है कि यह शिष्टमंडल घाटी जाकर अन्य शिष्टमंडलों से बात करे और अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने के छह महीने बाद ज़मीनी स्थिति का जायज़ा ले सके.
द हिंदू की ख़बर के अनुसार, सरकार ने यूरोपीय संघ के कई राजनयिकों को इस संबंध में न्योता भेजा है. इनमें जर्मनी, फ्रांस, चेक रिपब्लिक, पॉलैंड, बुल्गारिया, हंगरी और यूरोपिय संघ के राजदूत भी शामिल हैं.
दो दिन का यह दौरा 12 फ़रवरी को प्रस्तावित है. अख़बार के अनुसार, दिल्ली में मौजूद सबसे वरिष्ठ राजनयिकों में से एक, जर्मनी के राजदूत वॉल्टर लिंडनर इस शिष्टमंडल का नेतृत्व कर सकते हैं.
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