कोविड-19 वैक्सीन का 447 मरीज़ों पर दिखा साइड इफेक्ट: स्वास्थ्य मंत्रालय

कोरोना वायरस वैक्सीन

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देश में कोरोना वायरस वैक्सीन 16 जनवरी से लोगों को दिए जाने के बाद कुछ इलाकों से इसके साइड इफेक्ट की ख़बरें आ रही थीं.

रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक संवाददाता सम्मेलन कर इसकी जानकारी दी और कहा है कि कोरोना वायरस टीकाकरण दिए जाने के बाद 16 और 17 जनवरी को 447 एइएफ़आई (एडवर्स इवेंट फॉलोइंग इम्युनाइजेशन) रिपोर्ट किए गए हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर मनोहर अगनानी ने बताया कि अधिकांश मामलों में इसका प्रतिकूल प्रभाव मामूली स्तर का था.

अगर टीकाकरण के बाद किसी को अस्पताल में भर्ती करना पड़े तो उसे सीरियस एएफ़आई में दर्ज किया जाता है.

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उन्होंने बताया कि केवल तीन ऐसे मामले हुए जिसमें लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

उनके मुताबिक इनमें से एक मामले में, जिन्हें नॉर्दर्न रेलवे अस्पताल में भर्ती किया गया था, 24 घंटे के भीतर डिस्चार्ज किया जा चुका है. वहीं एक अन्य मरीज़ को भी एम्स दिल्ली से छुट्टी दी जा चुकी है. जबकि तीसरे मरीज़ एम्स ऋषिकेश में हैं और उनकी स्थिति भी अच्छी है.

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वैक्सीन के साइड इफेक्ट के बारे में उन्होंने बताया कि ज़्यादातर मामलों में लोगों को हल्का बुखार, सिरदर्द और जी मिचलाने की शिकायत रही.

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पहले दो दिनों में दो लाख से अधिक लोगों को दिया गया टीका

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि "पहले दिन 2,07,229 लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है. यह किसी भी देश में पहले दिन वैक्सीन दिए जाने का सबसे बड़ा आंकड़ा है. भारत इस मामले में अमेरिका, ब्रिटेन और फ़्रांस से आगे रहा."

"दूसरे दिन वैक्सीन छह राज्यों में दी गई. आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मणिपुर और तमिलनाडु में कुल 553 सत्र आयोजित किए गए. रविवार को क़रीब 17 हज़ार लोगों को टीका दिया गया है."

इस दौरान स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि पहले दो दिनों में कुल दो लाख 24 हज़ार लोगों का टीकाकरण किया गया है.

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पहले चरण में 30 करोड़ लोगों को मिलेगी वैक्सीन

गौरतलब है कि पहले चरण में कोरोना वायरस वैक्सीन 30 करोड़ लोगों को लगाने की योजना है. इस वैक्सीन की दो डोज़ होंगी. इसमें पहली डोज़ और दूसरे डोज़ के बीच का अंतर 21 से 28 दिन का होगा.

पब्लिक हेल्थ फ़ाउंडेशन की उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति कुमार ने बीबीसी से बातचीत में कहा था कि वैक्सीन दिए जाने के बाद मामूली बुख़ार, सिरदर्द या इंजेक्शन लगाने वाली जगह पर दर्द होता है. उन्होंने कहा था कि अगर कोई वैक्सीन 50 फ़ीसदी तक प्रभावी होती है तो उसे सफल माना जाता है.

डॉ. प्रीति कुमार के मुताबिक पहला डोज़ लगने के 10-14 दिन के बाद असर होना शुरू हो जाता है और यह बढ़ता चला जाता है.

हालाँकि उनका कहना है कि वैक्सीन लगाने के बाद भी मास्क लगाना ज़रूरी है. वो कहती हैं वैक्सीन एक अतिरिक्त सुरक्षा उपाय है. सामाजिक दूरी, मास्क और वायरस से बचने के अन्य उपाय करना वैक्सीन लगवाने के बाद भी ज़रूरी होगा.

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