ट्रेन से गिरकर 20 युवक मरे

ट्रेन
इमेज कैप्शन, भारत में ट्रेनों में बहुत भीड़ होती है.
    • Author, रामदत्त त्रिपाठी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

उत्तर प्रदेश में शाहजहानपुर में भारत-तिब्बत सीमा बल के एक भर्ती अभियान से लौट रहे लगभग 20 युवक जम्मू-तवी एक्सप्रेस ट्रेन से गिर कर मारे गए हैं. गुस्साए युवकों ने ट्रेन को आग लगा दी है.

जम्मू-तवी ट्रेन से बरेली से लौट रहे ये लड़के वहाँ आईटीबीपी के भर्ती अभियान के लिए गए थे.

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी एके जैन ने बीबीसी को बताया कि ये युवक उस समय ट्रेन से गिरे जब ट्रेन हथौदा ब्रिज पर थी ये ब्रिज के ऊपरी हिस्से से टकरा गए.

अधिकारी के अनुसार कम से कम सात युवकों की मौत हो गयी है , जबकि 17 घायल हैं , जिनमे से कई की हालत गंभीर है.

लेकिन स्थानीय सूत्रों का कहना है कि मरने वालों की संख्या कहीं ज्यादा है.

विशेष डीजी पुलिस ब्रज लाल ने अव्यवस्था के लिए आईटीबीपी पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है , जो केंद्र सरकार के अधीन है. उनका कहना है कि स्थानीय पुलिस को बताये बिना भर्ती का आयोजन किया गया.

आईटीबीपी ने 416 रिक्त पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे जिसके लिए लगभग दो लाख युवक बरेली पहुँचे थे. लेकिन उल्लेखनीय है कि रेलवे राजकीय पुलिस राज्य सरकार के अधीन है और स्थानीय प्रशासन कि अपनी इंटेलिजेंस पुलिस भी होती है , जिसने अपना काम नही किया.

लेकिन बरेली में उचित इंतज़ाम न होने के कारण वहाँ ख़ासी अफ़रा-तफ़री मच गई. इस सब को देखते हुए प्रशासन ने आवेदन की तिथि चार हफ़्ते के लिए बढ़ा दी.

इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने-जाने की उचित व्यवस्था न होने के कारण कई युवक ट्रेन के ऊपर भी सवार हो गए क्योंकि ट्रेन की सभी बोगियाँ खचाखच भरी हुई थीं.

जब लखनऊ से लगभग 150 किलोमीटर दूर शाहजहांपुर के पास तेज़ गति से जा रही ट्रेन ओवरब्रिज के नीचे से गुजर रही थी तब ट्रेन के ऊपर बैठे युवक ओवरब्रिज से टकरा गए और इधर-उधर गिरने लगे.

लेकिन ट्रेन काफ़ी आगे जाकर ही रुकी.

पुलिस और चिकित्सक दल घटनास्थल पर पहुँच गए हैं. फ़िलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि हताहतों की संख्या कितनी है क्योंकि कई युवकों के शव दूर-दूर जाकर गिरे हैं.

इस हादसे के कारण दिल्ली और लखनऊ के बीच कई रेलगाड़ियों को हरदोई और बरेली में रोक दिया गया है.