कैसा है उत्तर कोरिया का परमाणु संयंत्र?

अमरीकी परमाणु वैज्ञानिक सीफ्रीड हैकर उन चुनिंदा बाहरी लोगों में से एक हैं जिन्हें उत्तर कोरिया के परमाणु संयंत्रों को देखने के लिए आमंत्रित किया गया था.
हैकर ने बीबीसी के एक रेडियो कार्यक्रम में अपनी 2010 की यात्रा को याद करते हुए उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी.
इससे पहले, विश्व के किसी बाहरी व्यक्ति ने उत्तर कोरिया के परमाणु प्रतिष्ठानों को इतनी नज़दीक से नहीं देखा था.
उनकी इस यात्रा से उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के बारे में बाहरी दुनिया को व्यापक जानकारियां मिलीं थीं.
हैकर याद करते हैं, "सबसे पहले तो मैं बहुत चकित था क्योंकि मैं ऐसी इमारत में गया था जिसमें मैं पहले जा चुका था. अब ये पूरी तरह बदल गई थी."
उन्होंने बताया, "हम दूसरे तल पर गए और हमने निरीक्षण खिड़कियों से नीचे उस बड़े हॉल को देखा जिसमें दो हज़ार मेटल सिलेंडर थे जिन्हें एक-दूसरे से जोड़ा गया था."
वो सिलेंडर सेंट्रीफ्यूज थे जो प्राकृतिक यूरेनियम को परमाणु बम में इस्तेमाल होने लायक बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं.
हैकर याद करते हैं, "मैं हैरत में था. मेरा मुंह खुला का खुला रह गया, क्योंकि मुझे इतनी बड़ी क्षमता वाले प्रतिष्ठान को देखने की उम्मीद नहीं थी."
हैकर ने परमाणु प्रतिष्ठान का नियंत्रण कक्ष भी देखा जिसमें पुराने ज़माने के चार्ट और डायल की जगह नई तकनीक से लैस फ्लैट स्क्रीन थीं.
हैकर याद करते हैं, "स्पष्ट कहूं तो ये साफ़ ज़ाहिर था कि उत्तर कोरिया दुनिया को ये बता रहा था कि अब हम सिर्फ़ प्लूटोनियम बम ही नहीं बना सकते बल्कि अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम बम भी बना सकते हैं."

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यूरेनियम बमों को आसानी से और तेज़ी से बनाया जा सकता है. सीफ्रीड हैकर जानते थे कि अभी पूरी कहानी उनके सामने नहीं आई है.
हैकर कहते हैं, "मैं इस नतीजे पर पहुंचा कि वो ये क्षमता ऐसे ही दूसरे परमाणु प्रतिष्ठान के बिना हासिल नहीं कर सकते हैं."
सीफ्रीड की 2010 की इस यात्रा ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के बारे में बाहरी दुनिया को बेहद अहम जानकारियां दीं.
हैकर बताते हैं, "इससे पहले कोई बाहरी व्यक्ति उत्तर कोरिया के परमाणु प्रतिष्ठानों में नहीं गया था. ऐसे में जो भी अनुमान उत्तर कोरिया की यूरेनियम संवर्धन की क्षमता, हथियार बनाने की क्षमता के बारे में लगाए गए थे उन सबको उस आधे घंटे की यात्रा ने धता बता दिया."
उत्तर कोरिया ने हाल के महीनों में परमाणु और मिसाइल परीक्षण किए हैं.
संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को दरकिनार कर किए गए इन परीक्षणों के कारण एक बार फिर कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बन गया है. कई विश्लेषक इसे बेहद ख़तरनाक स्थिति मान रहे हैं.













