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अमरीकाः महाभियोग मामले में सीनेट ने ट्रंप को किया बरी
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग की सुनवाई में अमरीकी सीनेट ने उन्हें बरी कर दिया है. इसी के साथ उन्हें व्हाइट हाऊस से बाहर करने का अभियान भी ख़त्म हो गया है.
राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत वाली सीनेट ने बुधवार को उन पर लगा सत्ता के दुरुपयोग का आरोप 52-48 वोटों से ख़ारिज कर दिया जबकि 53-47 वोटों से कांग्रेस को अवरुद्ध करने का आरोप भी ख़ारिज कर दिया गया.
डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप पर आरोप लगाया था कि उहोंने यूक्रेन पर आगामी राष्ट्रपति चुनावों में अपने संभावित प्रतिद्वंदी को बदनाम करन के लिए दबाव बनाया.
इसी साल नवंबर में अमरीका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं. महाभियोग का सामना करने के बाद चुनाव लड़ने वाले ट्रंप देश के पहले राष्ट्रपति उम्मीदवार हैं.
बुधवार को हुए ऐतिहासिक मतदान में सीनेट ने राष्ट्रपति ट्रंप को पद से न हटाने का निर्णय लिया है. उन पर यूक्रेन के साथ संबंधों में अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने के आरोप लगे थे.
यदि ट्रंप पर लगा कोई भी आरोप सिद्ध हो जाता तो उन्हें अपना कार्यभार उप-राष्ट्रपति माइक पेंस को सौंप कर पद से त्याग पत्र देना पड़ता.
डेमोक्रेट पार्टी के नेतृत्व वाली हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स (अमरीकी कांग्रेस की प्रतिनिधि सभा) ने 18 दिसंबर को महाभियोग को मंज़ूरी दे दी थी.
राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या प्रतिक्रिया दी?
दूसरी बार राष्ट्रपति बनने की कोशिशों में लगे ट्रंप ने उन पर लगो आरोपों से हमेशा ही इनकार किया था.
उनके चुनाव अभियान की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, "राष्ट्रपति ट्रंप पूरी तरह से बरी हुई हैं और अब फिर से उनके अमरीकी लोगों की सेवा में लगने का समय है. डेमोक्रेट जानते हैं कि वो उन्हें हरा नहीं सकते, इसलिए वो उन्हें पद से हटाना चाहते हैं."
बयान में कहा गया, "यह कठोर परीक्षा" और "बकवास" बस डेमोक्रेट पार्टी का एक चुनावी एजेंडा भर थी.
बयान में कहा गया, "महाभियोग का ये नाटक अमरीकी राजनीतिक इतिहास की सबसे ख़राब गणना साबित होगा."
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक ट्वीट करके कहा है कि वो इस मुक़दमे के बारे में गुरुवार को सार्वजनिक बयान देंगे.
गैलप की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ इस सप्ताह ट्रंप ने अमरीकी वोटरों की नज़र में अब तक की अपनी सबसे शानदार रेटिंग हासिल की है. उनकी स्वीकार्यता दर अब 49 प्रतिशत तक पहुंच गई है.
महाभियोग पर कैसा रहा मतदान?
यूटा से सीनेटर मिट रोमनी रिपब्लिकन पार्टी के एकमात्र सीनेटर रहे जिन्होंने पक्ष बदला और पद के दुरुपयोग के आरोप में ट्रंप के ख़िलाफ़ मतदान किया.
2012 में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रहे रोमनी ने इससे पहले सीनेट में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप Cजनता के विश्वास का दुरुपयोग करने के दोषी हैं."
डेमोक्रेट सीनेटरों को उम्मीद थी कि रिपब्लिकन पार्टी की दो उदारवादी नेता माएन की सीनेटर सुज़ैन कोलिंस और अलास्का की मुरकोव्स्की ट्रंप के ख़िलाफ़ वोट कर सकती हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
कुछ रिपब्लिकन सीनेटरों ने हाल के दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप के व्यवहार का विरोध किया था लेकिन उन्होंने कहा कि ये इतनी बड़ी बात नहीं है कि ट्रंप को पद से ही हटा दिया जाए.
ट्रंप को पद से हटाने के लिए सीनेट में दो तिहाई सीनेटरों का ट्रंप के ख़िलाफ़ होना ज़रूरी था, जो शुरू से ही दूर की कौड़ी लग रहा था.
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