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लाइव, टीएमसी का घोषणापत्र जारी करते हुए बोलीं ममता बनर्जी - 'क्या मोदी बंगाल की जनता से इतने डरे हुए हैं?'

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस मुखिया ममता बनर्जी ने 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को कोलकाता में पार्टी का घोषणापत्र जारी किया.

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह, सुरभि गुप्ता

  1. टीएमसी का घोषणापत्र जारी करते हुए बोलीं ममता बनर्जी - 'क्या मोदी बंगाल की जनता से इतने डरे हुए हैं?'

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मुखिया ममता बनर्जी ने 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को कोलकाता में पार्टी का घोषणापत्र जारी किया.

    इस दौरान उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल की जनता ने हमें अपार आशीर्वाद, शुभकामनाएं, प्रार्थनाएं और समर्थन दिया है. हमने भी उनकी सेवा करने की पूरी कोशिश की है."

    सीएम ममता ने बीजेपी पर साजिशें रचने का आरोप लगाते हुए कहा, "जब से बीजेपी सत्ता में आई है, तब से हर चुनाव में हमने कई तरह की साजिशें देखी हैं, लेकिन इस बार तो साजिश की सारी हदें पार कर दी गई हैं. ऐसा लगता है कि वे किसी भी तरह से बंगाल पर कब्ज़ा करना चाहते हैं और राज्य की सत्ता अपने हाथ में लेना चाहते हैं."

    उन्होंने कहा, "बीजेपी सरकार एक गहरी साजिश रच रही है. देश को तबाही के कगार पर धकेल दिया गया है. कई राज्यों में कानून-व्यवस्था ठीक नहीं है और लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं."

    सीएम ममता ने कहा, "बंगाल में एक 'अघोषित राष्ट्रपति शासन' थोप दिया गया है, क्योंकि बीजेपी जानती है कि होने वाले विधानसभा चुनावों में उसकी हार होगी. क्या पीएम मोदी बंगाल की जनता से इतने डरे हुए हैं?"

    पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे और 4 मई को मतगणना होगी.

  2. एलपीजी सप्लाई का मामला, केंद्र सरकार ने डिलीवरी के बारे में क्या बताया

    पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक़ मध्य पूर्व में जारी जंग के चलते स्थिति अभी भी चिंताजनक है, हालांकि, किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास से किसी भी तरह की कमी की रिपोर्ट नहीं मिली है.

    ये जानकारी मध्य पूर्व में हाल के घटनाक्रमों पर इंटर-मिनिस्ट्रियल ब्रीफ़िंग के दौरान पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग एंड ऑयल रिफ़ाइनरी) सुजाता शर्मा ने दी है.

    उन्होंने बताया, "लगभग साढ़े सात हज़ार कंज़्यूमर एलपीजी से पीएनजी पर शिफ़्ट हुए हैं...डिलीवरी ऑथेंटिकेशन बोर्ड की ओर से डिलीवरी की जा रही है. पैनिक बुकिंग में काफ़ी कमी है."

    सुजाता शर्मा ने कहा, "एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी नॉर्मल है. पिछले एक हफ़्ते में लगभग 11300 टन कॉमर्शियल एलपीजी कंज़्यूमर्स को दी गई है. सभी राज्यों के पास सप्लाई उपलब्ध हैं."

  3. ईरान ने ब्रिटेन से कहा कि अमेरिका को ब्रिटिश बेस देना 'हमले में शामिल होना' माना जाएगा

    ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान ने ब्रिटेन से कहा है कि अमेरिका को उसके मिलिट्री बेस इस्तेमाल करने की इजाज़त देना "हमले में शामिल होना" माना जाएगा.

    ईरान का कहना है कि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर से फ़ोन पर बात की.

    इस दौरान अराग़ची ने कहा कि ब्रिटेन की ओर से अमेरिका को दी गई कोई भी मदद "हालात को और बिगाड़ देगी".

    अराग़ची ने मौजूदा हालात में ब्रिटेन और दूसरे यूरोपीय देशों पर "पक्षपात वाला रवैया" अपनाने का आरोप लगाया.

    ये भी रिपोर्ट है कि अराग़ची ने ब्रिटेन की इस बात के लिए भी आलोचना की कि उसने ईरान के साउथ पार्स गैस फ़ील्ड्स पर इसराइल के हमलों की निंदा नहीं की.

    इस बारे में अभी तक ब्रिटेन की सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है. बीबीसी ने ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय से इस पर टिप्पणी मांगी है.

  4. अमेरिकी-इसराइली हमले में आईआरजीसी के प्रवक्ता की मौत, ईरान ने क्या बताया?

    ईरानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ ईरान पर अमेरिकी-इसराइली हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के प्रवक्ता और जनसंपर्क अधिकारी अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई है.

    आईआरजीसी से जुड़ी 'फ़ार्स' न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अली मोहम्मद नैनी ने चार दशकों तक आईआरजीसी में सेवा दी और पिछले दो वर्षों से वह संगठन के प्रवक्ता के तौर पर काम कर रहे थे.

    इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़) ने भी अली मोहम्मद नैनी को ख़त्म करने की जानकारी देते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया है.

    इसराइली सेना ईरान की राजधानी तेहरान पर लगातार बमबारी कर रही है.

    इसराइली सेना ने कहा कि वह ईरानी शासन के बुनियादी ढांचे को निशाना बना रही है, हालांकि उसने यह साफ़ नहीं किया कि उसका टारगेट क्या है.

    लगातार बमबारी के बावजूद, ईरान का कहना है कि वह मिसाइलों का उत्पादन जारी रखे हुए है. उसका कहना है कि उसके मिसाइल भंडार में कोई ख़ास दिक्कत नहीं आई है.

    वहीं अमेरिका और इसराइल का कहना है कि उनके हमलों ने ईरान की मिसाइल प्रोडक्शन क्षमता को कमज़ोर कर दिया है.

  5. शशि थरूर ने की संजू सैमसन की तारीफ़, बोले- मैंने कहा था कि वह अगला धोनी बनेगा

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने क्रिकेटर संजू सैमसन से जुड़ा एक क़िस्सा साझा किया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि संजू सैमसन के लिए वह 'अंकल जैसे' रहे हैं.

    शशि थरूर ने कहा, "मैंने संजू को बहुत प्रोत्साहित किया है. जब वह 14 साल का था, तब मैंने उससे कहा था कि वह अगला एमएस धोनी बनेगा."

    उन्होंने कहा, "वह अपने खेल पर फ़ोकस्ड, शांत और संतुलित नज़र आता है. मैं उसे एक बार फिर वनडे टीम में वापस देखना चाहता हूं."

    शशि थरूर ने हाल ही में हुए टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के आखिरी तीन मुक़ाबलों में संजू सैमसन की पारियों की तरीफ़ की.

    संजू सैमसन केरल के तिरुवनंतपुरम के रहने वाले हैं.

  6. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता सुरभि गुप्ता आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगी.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  7. ईरान में नवरोज़ के बीच भी हमले जारी, तेहरान में सुने गए ज़ोरदार धमाके, योलांड नेल, मध्य-पूर्व संवाददाता (यरूशलम से)

    ईरान की राजधानी तेहरान पर इसराइल लगातार हवाई हमले कर रहा है. इस बीच ईरान के लोग नवरोज़ यानी फारसी नववर्ष मना रहे हैं.

    19 मार्च की रात के दौरान ईरान ने भी यरूशलम पर कई मिसाइलें दागीं. रात भर आसमान में इंटरसेप्शन के तेज़ धमाके बार-बार सुनाई दिए.

    इससे पहले इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने पत्रकारों से कहा कि ईरान अब "पूरी तरह कमज़ोर" हो चुका है और उसके पास न तो यूरेनियम संवर्धन करने की क्षमता है और न ही बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की.

    इस हफ़्ते, साउथ पार्स गैस फ़ील्ड पर इसराइल के हमले के जवाब में ईरान की कार्रवाई के बाद वैश्विक ऊर्जा क़ीमतों में तेज़ उछाल आया था.

    अब इसराइल की ओर से ऐसे हमलों से परहेज करने के संकेत और अमेरिका की तेल उत्पादन बढ़ाने की योजना के बाद क़ीमतें कुछ कम होने लगी हैं.

    गुरुवार शाम एक संयुक्त बयान भी जारी हुआ, जिसमें ब्रिटेन, फ़्रांस, जापान और अन्य देशों ने होर्मुज़ स्ट्रेट से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए "उचित प्रयासों में योगदान देने की तैयारी" की बात कही.

  8. इसराइल ने अब दक्षिणी सीरिया में किए हमले, जानिए क्या कहा

    इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्स ने कहा है कि सीरिया के अल-सुवेदा इलाक़े में द्रूज़ आबादी पर हुए हमलों के जवाब में उनसे सीरियाई सरकार से जुड़े ठिकानों पर हमले किए हैं.

    आईडीएफ़ का कहना है कि ये हमले दक्षिणी सीरिया में किए गए.

    इसराइली सेना ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, "आईडीएफ़ ने गुरुवार रात दक्षिणी सीरिया में सरकार के सैन्य शिविरों में स्थित एक मुख्यालय और हथियारों के ठिकानों पर हमले किए. ये हमले गुरुवार की उन घटनाओं के जवाब में किए गए हैं, जिनमें अल-सुवेदा इलाक़े में द्रूज़ नागरिकों पर हमला किया गया था."

    "इसराइली सेना सीरिया में द्रूज़ लोगों को किसी भी तरह का नुक़सान नहीं होने देगी और उनकी सुरक्षा के लिए लगातार कार्रवाई करती रहेगी. आईडीएफ़ दक्षिणी सीरिया में हो रही घटनाओं पर लगातार नज़र रखे हुए है और निर्देशों के अनुसार ही कार्रवाई करेगा."

    ईरान के साथ युद्ध के बीच इसराइल लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ भी लगातार हमले कर रहा है और उसने अब सीरिया में भी हमले किए हैं.

    इसराइल ने पिछले साल भी द्रूज़ समुदाय की सुरक्षा का हवाला देते हुए सीरिया में सैन्य हमले किए थे.

    कौन हैं द्रूज़ समुदाय के लोग?

    द्रूज़ समुदाय सीरिया, लेबनान, इसराइल और इसराइल के क़ब्ज़े वाले गोलान हाइट्स में रहने वाला धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय है. ये अरबी भाषा बोलने वाले लोग हैं.

    द्रूज़ धर्म शिया इस्लाम की एक शाखा है, जिसकी अपनी अलग पहचान और मान्यताएं हैं.

    इसके क़रीब दस लाख अनुयायियों में से आधे सीरिया में रहते हैं, जहाँ वे कुल आबादी का लगभग तीन फ़ीसदी हैं.

    इसराइल में द्रूज़ समुदाय के लोग सैन्य सेवा में अपनी भागीदारी के कारण राज्य के प्रति वफ़ादार माने जाते हैं.

    इसराइल की केंद्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, इसराइल और उसके क़ब्ज़े वाले गोलान हाइट्स में क़रीब एक लाख पचास हज़ार द्रूज़ रहते हैं.

  9. क़तर के बाद अब कुवैत की तेल रिफ़ाइनरी पर हमला, अज़ादेह मोशिरी, दक्षिण एशिया संवाददाता (दुबई से)

    ईरान से हमले रोकने की अपील के बावजूद, कुवैत की सरकारी तेल कंपनी कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने कहा है कि उसकी तेल रिफ़ाइनरी पर कई ड्रोन हमले हुए हैं.

    फ़िलहाल किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है.

    सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक़, मीना अल-अहमदी रिफ़ाइनरी में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए इमरजेंसी टीमों ने काफ़ी मेहनत की. रिफ़ाइनरी की कुछ यूनिटों को बंद भी करना पड़ा है.

    खाड़ी देश ऊर्जा ठिकानों पर हमले से बचना चाहते थे. युद्ध के बीच उनके ऊर्जा ठिकाने बार-बार निशाने पर आ रहे हैं.

    इसराइल की ओर से साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की है, जिसमें खाड़ी देश सीधे तौर पर इसकी चपेट में आ गए हैं.

    रमज़ान के पवित्र महीने के अंत पर ईद उल-फितर मनाए जाने के बीच भी युद्ध थमने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं.

  10. क़तर के एलएनजी प्लांट पर हमले से भारत समेत कई देशों को हो सकता है बड़ा नुक़सान, निक मार्श, एशिया बिज़नेस रिपोर्टर (सिंगापुर से)

    क़तर के रास लाफ़ान एलएनजी प्लांट पर ईरान के हमले के असर को पहले ही बड़ा माना जा रहा था. अब क़तर के ऊर्जा मंत्री ने कहा है कि उनके देश को अरबों डॉलर का नुक़सान होगा.

    क़तर स्थित रास लाफ़ान दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी प्लांट है.

    क़तर के ऊर्जा मंत्री साद बिन शेरिदा अल काबी का कहना है कि अगले पांच साल में क़तर की लिक्विफ़ाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) निर्यात क्षमता 17 फ़ीसदी तक घट जाएगी, जिससे देश को हर साल क़रीब 20 अरब डॉलर का नुक़सान होगा.

    एलएनजी को बनाने के लिए नेचुरल गैस को बहुत कम तापमान पर ठंडा किया जाता है. इसके लिए बड़े औद्योगिक यूनिट का इस्तेमाल होता है, जिन्हें "ट्रेन" कहा जाता है. ऊर्जा मंत्री के मुताबिक़ ईरानी हमलों में प्लांट की 14 में से दो ट्रेन क्षतिग्रस्त हुई हैं.

    ईरान ने रास लाफ़ान पर हमला इसराइली हमले के जवाब में किया. इसराइल की ओर से पर्शियन गल्फ़ में स्थित साउथ पार्स गैस फ़ील्ड पर हमला किया गया था.

    सिंगापुर स्थित क्लीन फ्यूल्स मार्केट इंटेलिजेंस कंपनी हाईसाइट्स के चीफ़ कमर्शियल ऑफ़िसर सियारन रो ने बीबीसी से कहा, "पांच साल मरम्मत के लिए नहीं हैं, इनका पूरी तरह से फिर से निर्माण होगा."

    एशियाई देश क़तर के एलएनजी पर सबसे ज्यादा निर्भर हैं, ख़ासकर जापान, दक्षिण कोरिया, भारत और चीन.

    यूरोप में इटली और बेल्जियम पहले ही बड़े ग्राहक हैं, लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद रूसी गैस से दूरी बनाने की वजह से पूरा यूरोप मध्य-पूर्व की गैस पर तेज़ी से निर्भर हो रहा है.

    विश्व स्तर पर देखें तो क़तर नेचुरल गैस बाज़ार में सबसे प्रमुख देश माना जाता है.

    रो का कहना है, "बाज़ार में डर कई महीनों तक, यहां तक कि सालों तक बना रह सकता है. इससे सरकारों की एलएनजी आयात को लेकर सोच बदल सकती है."

    एलएनजी एक अहम ऊर्जा स्रोत है, जिसका इस्तेमाल घरों को गर्म रखने, खाना पकाने, जहाजों और कारखानों को चलाने में होता है. खाद बनाने के लिए भी इसकी ज़रूरत होती है.

  11. ईरान में जंग शुरू होने के बाद अब तक 3100 से ज़्यादा लोग मारे गए

    अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज़ एजेंसी (एचआरएएनए) ने ईरान में मरने वालों के आंकड़े पर नया अपडेट जारी किया है.

    एजेंसी के मुताबिक़, 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद अब तक 3,186 लोगों की मौत हो चुकी है.

    एचआरएएनए का कहना है कि मरने वालों में 1,394 आम नागरिक हैं, जिनमें कम से कम 210 बच्चे शामिल हैं.

    एजेंसी के मुताबिक़ 1,153 सैन्य कर्मी भी मारे गए हैं. इसके अलावा 639 मौतों ऐसी हुई हैं, जिनकी पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है.

  12. पश्चिम बंगाल में अधिकारियों के तबादलों पर उमर अब्दुल्लाह बोले, 'गैर बीजेपी शासित राज्यों में ही होते हैं ट्रांसफ़र'

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर वरिष्ठ अधिकारियों के हो रहे तबादलों पर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद अब जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने सवाल उठाए हैं.

    ममता बनर्जी ने गुरुवार को ट्रांसफ़र से जुड़े निर्वाचन आयोग के आदेशों की कॉपी सोशल मीडिया पर साझा की थी. उन्होंने निर्वाचन आयोग पर पश्चिम बंगाल को 'निशाना बनाने' का आरोप लगाया था.

    इसके साथ ही उन्होंने निर्वाचन आयोग के रुख़ को चिंताजनक बताया.

    अब उनकी इस टिप्पणी पर उमर अब्दुल्लाह ने प्रतिक्रिया दी है.

    उमर अब्दुल्लाह ने कहा, "इस तरह के बड़े पैमाने पर तबादले सिर्फ़ ग़ैर-बीजेपी शासित राज्यों में ही होते हैं. ख़ासकर पश्चिम बंगाल के लिए यह कोई हैरानी की बात नहीं है."

    उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल एक बार फिर साबित करेगा कि अधिकारी राजनीतिक दलों के लिए चुनाव नहीं जीतते, बल्कि राजनीतिक दलों के नेता चुनाव जीतते हैं. निर्वाचन आयोग के किसी भी प्रयास से नतीजे नहीं बदलेंगे."

    पश्चिम बंगाल में आचार संहिता लागू है. राज्य में दो चरणों में यानी 23 और 29 अप्रैल को मतदान होंगे और नतीजे चार मई को आएंगे.

  13. यरूशलम में धमाकों के बीच अलर्ट, रात में क्या कुछ हुआ, सेबेस्टियन अशर, यरूशलम से बीबीसी संवाददाता

    पूर्वी यरूशलम में जहां लोग ईद की पहली रात का जश्न मना रहे थे और सड़कों पर भारी ट्रैफ़िक था, वहीं आसमान में कई बार सायरन बजे और उसके बाद धमाकों की आवाज़ सुनाई दी.

    करीब एक घंटे तक आधी रात से पहले और बाद में मोबाइल फ़ोन पर एक के बाद एक आपात अलर्ट आते रहे.

    इसके बाद सायरन बजे. ये सब उस शहर में हुआ, जहां कई घंटों से तेज़ तूफ़ान आया हुआ है.

    फिर आसमान में एक-दो धीमे धमाके सुनाई दिए. यहां के लोग अब इसके आदी हो चुके हैं और इसराइल के कई अन्य हिस्सों की तुलना में ख़ुद को इतना ख़तरे में महसूस नहीं करते.

    लेकिन सायरन और अलर्ट की तेज़ी ने लोगों को चौंका दिया.

    ईरान के सरकारी टीवी ने पुष्टि की है कि कम समय में चार बार कई मिसाइलें दागी गईं.

    यह उस वक्त हुआ जब इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने एक लंबी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि युद्ध के पहले 20 दिनों में ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता लगभग ख़त्म कर दी गई है.

  14. डोनाल्ड ट्रंप ने जापानी प्रधानमंत्री के सामने किस 'सरप्राइज़' का ज़िक्र किया जिसकी हो रही है चर्चा

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान पर हमले की जानकारी जापान और अन्य सहयोगी देशों को इसलिए नहीं दी क्योंकि वह 'सरप्राइज़' देना चाहते थे.

    ट्रंप ने यह बात जापान की प्रधानमंत्री सनाय ताकाइची के सामने कही. दोनों नेता साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित कर रहे थे.

    दोनों नेताओं की प्रेस कॉन्फ़्रेंस का यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है और इस पर टिप्पणियाँ हो रही हैं.

    प्रेस कॉन्फ़्रेंस में राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि 'अमेरिका ने हमले से पहले अपने यूरोपीय और जापान जैसे एशियाई सहयोगियों को क्यों नहीं बताया?'

    इस पर उन्होंने कहा, "एक बात तो यह है कि आप ज़्यादा संकेत नहीं देना चाहते. और जब हम अंदर घुसे, तो हमने बहुत ज़ोरदार तरीक़े से कार्रवाई की. हमने इसके बारे में किसी को नहीं बताया क्योंकि हम सरप्राइज़ देना चाहते थे. सरप्राइज़ के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है. है ना?"

    इस दौरान ट्रंप ने पर्ल हार्बर का भी ज़िक्र किया.

    द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान ने अमेरिकी नौसेना अड्डे पर्ल हार्बर पर अटैक किया था.

    जापान की प्रधानमंत्री सनाय ताकाइची अमेरिका दौरे पर हैं. उन्होंने गुरुवार को राष्ट्रपति ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाक़ात की.

  15. नेतन्याहू ने कहा, 'मैं ज़िंदा हूं और आप लोग इसके गवाह हैं'

    इसराइल के पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने गुरुवार रात एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस की शुरुआत में कहा, "मैं सबसे पहले कहना चाहता हूं कि मैं ज़िंदा हूं और आप सब इसके गवाह हैं. और इसी के साथ मैं सारी फ़ेक न्यूज़ का खंडन करता हूं."

    वो सोशल मीडिया पर चल रही उनकी 'मौत की ख़बरों' के संदर्भ में बोल रहे थे.

    उन्होंने आगे कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप की लीडरशिप में अमेरिका और इसराइल बेहद मज़बूती से अपनी मुहिम को अंजाम दे रहे हैं."

    13 मार्च को बिन्यामिन नेतन्याहू के एक्स अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया गया था जिसमें वो ईरान के हमलों के बारे में जानकारी दे रहे थे. सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स ने इस वीडियो को एआई जेनरेटेड बताया था और दावा किया था कि नेतन्याहू की मौत हो चुकी है.

    जिसके बाद इसराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने नेतन्याहू के मारे जाने की ख़बरों को ग़लत बताया था.

  16. सीरिया के एक गाँव में गिरी ईरानी मिसाइल, देखिए तस्वीरें

    एक ईरानी मिसाइल दक्षिणी सीरिया के ऐन फरह गांव में गिरी है. वहां की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं.

    इस मिसाइल को सीरिया के एयर डिफ़ेंस सिस्टम ने मार गिराया था.

  17. पीएम मोदी और क़तर के अमीर के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले को लेकर क्या बात हुई

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और क़तर के अमीर शेख़ तमीम बिन हमाद अल थानी ने गुरुवार को फ़ोन पर बातचीत की. दोनों नेताओं के बीच मध्य-पूर्व के ऊर्जा ठिकानों पर हो रहे हमलों पर भी चर्चा हुई.

    प्रधानमंत्री मोदी ने क़तर के अमीर को ईद की शुभकामनाएँ भी दी हैं. इसकी जानकारी ख़ुद पीएम मोदी ने एक्स पर दी.

    पीएम मोदी ने बताया, "मैंने अपने भाई, क़तर के अमीर तमीम बिन हमाद अल थानी से बात की और उन्हें और क़तर के लोगों को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. हमने दोहराया कि हम क़तर के साथ एकजुटता में खड़े हैं और क्षेत्र के एनर्जी इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं."

    इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने क़तर में भारतीय समुदाय की देखभाल और सहयोग के लिए शेख़ तमीम बिन हमाद अल थानी का आभार व्यक्त किया.

    उन्होंने यह भी कहा, "हम होर्मुज़ स्ट्रेट से सुरक्षित और स्वतंत्र आवागमन के पक्ष में हैं."

  18. क़तर के प्रधानमंत्री ने देश के गैस ठिकाने पर हुए ईरानी हमले को लेकर ये कहा

    क़तर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कहा है कि ईरान की ओर से क़तर और खाड़ी क्षेत्र के नागरिक इन्फ़्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा रहा है.

    उन्होंने यह बात गुरुवार को तुर्की के विदेश मंत्री हकान फ़िदान के साथ साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कही है.

    ईरान इस युद्ध में कहता रहा है कि वह मध्य-पूर्व क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है, न कि किसी अन्य देश को.

    क़तर के प्रधानमंत्री ने कहा, "अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा है कि ईरान की ओर से लगातार यह दावा किया गया है कि ये हमले क़तर और क्षेत्र के अन्य देशों में अमेरिकी हितों या ठिकानों को निशाना बना रहे हैं. इन दावों को ख़ारिज किया जाता है और किसी भी आधार पर इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता."

    अब्दुलरहमान अल थानी ने बुधवार को क़तर के ऊर्जा ठिकाने पर हुए ईरानी हमले का भी ज़िक्र किया.

    उन्होंने कहा, "हमने कल रास लाफ़ान ऊर्जा परिसर में हुए हमले पर भी बात की. अफ़सोस की बात है कि यह कार्रवाई आक्रामक और ग़ैर-ज़िम्मेदार नीति को दिखाती है"

    क़तर के प्रधानमंत्री ने कहा कि ईरानी पक्ष की ओर से 'बढ़ती आक्रमकता ख़तरनाक है.'

    उन्होंने कहा, "कल क़तर के एक ऐसे प्राकृतिक गैस ठिकाने पर हमला हुआ जो क़तर के लोगों के लिए आजीविका का एक स्रोत है. यह सिर्फ़ क़तर के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए भी अहम है जिनकी मदद क़तर करता है."

  19. नमस्कार!

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