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तौलिये वाली ब्रा को लेकर क्यों छिड़ी है बहस?
- Author, रेबेका सील्स
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
महिलाओं के अंडर गारमेंट्स की दुनिया में टा-टा टॉवल नाम की एक ब्रा ने ख़लबली मचा दी है.
दरअसल, ये एक ऐसी टॉवल ब्रा है जो सिर्फ़ महिलाओं के स्तनों को ढकती है. और, पूरी तरह कपड़े की बनी हुई है.
इससे पहले भी कुछ कंपनियां स्टिक ऑन ब्रा जैसे तमाम उत्पादों को सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं के बीच पहुंचा चुकी हैं.
टा-टा टॉवल ब्रा पहली नज़र में तो ख़राब लगती है. कई लोगों ने इसे स्तनों के झूले की संज्ञा तक दी है. लेकिन, कई लोगों ने इसे स्तनों के लिए एक ज़रूरी चीज़ भी बताया है.
डिज़ाइन के हिसाब से देखें तो ये हॉल्टर नेक बिकनी जैसी लगती है जो पहनने वाले के गले पर टिकी रहती है.
सोशल मीडिया में छिड़ी टा-टा टॉवल पर बहस
सोशल मीडिया यूज़र्स का एक वर्ग तो इसे एक अच्छी चीज़ बता रहा है तो वहीं दूसरा वर्ग इसे बिलकुल फ़ालतू की चीज़ बता रहा है.
लेकिन एक वर्ग स्तनपान कराने वाली उन मांओं का भी है जो कुछ कारणों की वजह से इसे बेहद ज़रूरी बता रही हैं. और, ये वो कारण हैं जिन पर इस ब्रा के विरोधियों का ध्यान भी नहीं गया होगा.
फ़ेसबुक यूज़र चेरी फिट्ज़गेराल्ड स्कॉट इसे एक बेवकूफी भरा उत्पाद बताती हैं.
वहीं, ट्विटर यूज़र डेनी कहती हैं कि उन्हें इस ब्रा के 10 पीस चाहिए.
आख़िर इस ब्रा पर क्यों हो रही है चर्चा?
पश्चिमी दुनिया का पूंजीवादी समाज़ पारंपरिक रूप से कपड़ों की बिक्री के लिए स्तनों को सेक्स से जोड़ता आया है. इसी नीति के चलते कंपनियों ने भारी पैसा कमाया है.
लेकिन टा-टा टॉवल के बारे में सभी लोग अगर सिर्फ़ एक बात पर राजी हो सकें तो वो बात ये होगी कि ये ब्रा स्तनों को आकर्षक अंदाज में पेश नहीं करती है.
हालांकि, इस बात की पूरी संभावना है कि सोशल मीडिया पर जल्द ही टा-टा टॉवल पहने महिलाओं की तस्वीरों की भरमार हो सकती है.
आख़िर, दुनिया के सामने एक अजीबो-गरीब ब्रा आई है और लोग इसे हाथो-हाथ भी ले रहे हैं. जब सालों तक ब्रा के डिज़ाइन में कोई बदलाव न आए तो लोगों का ये व्यवहार चौकाने वाला नहीं है.
ये है महिलाओं की समस्या का हल
ये एक ऐसा मामला है जिसमें एक महिला ने महिलाओं से जुड़ी समस्या को अपने हाथ में लेकर उसका हल निकाल लिया है.
टा-टा टॉवल को बनाने वालीं एरिन रॉबर्टसन लॉस एंजेल्स में रह रहीं थीं और उनका एयर कंडीशन ख़राब था. ऐसे में जैसे ही वह नहाकर वॉशरूम से बाहर आईं तो उनके स्तनों के नीचे पसीना आने लगा.
एरिक अपनी वेबसाइट पर लिखती हैं, "मैंने सारी कोशिशें करक देख लीं. मैंने टॉवल को अपने स्तनों के नीचे रखा, इसके बाद बेबी पॉउडर भी डाला. यही नहीं, मैंने टीशर्ट पहनकर उसे अपने स्तनों के नीचे भी दबा लिया. लेकिन टॉवल बेहद गंदा लग रहा था. बेबी पाउडर लगाने के बाद तो मैं आटे जैसी दिख रही थी. और, टीशर्ट पहनने के बाद तो मुझे और पसीना आना शुरू हो गया."
ये भले ही अच्छा न लगे लेकिन ये पूरी तरह से सच है. खासकर, गर्मियों में बड़े साइज की ब्रा पहनने वाली महिलाओं के लिए दिक्कत होती है.
इसके साथ ही एक और शानदार चीज़ ये है कि इस ब्रा का प्रचार करने वाली महिलाएं सामान्य मॉडल से कहीं बड़ी हैं.
टा-टा टॉवल पर शुरू हुई बहस से ख़ासकर माताओं को फ़ायदा हुआ है क्योंकि ऐसे मामले सामने आए हैं जिन पर अब तक मांओं के बीच ही बातचीत होती थी.
एक मां सारा मेकगिनीस ने अपने बेबीसेंटर ब्लॉग पर लिखा है कि उन्होंने किस तरह रात में स्तनपान के दौरान लीकेज़ की समस्या का सामना किया है और हर रात अपनी टी शर्ट में टॉवल लगाकर सोईं हैं.
ये तय है कि टा-टा टॉवल पर राय ज़ाहिर करने वाला हर व्यक्ति इस अनुभव से होकर नहीं गुजरा होगा. लेकिन ये इमानदारी और संवेदनशीलता से भरी चर्चाओं का दौर शुरू कर रहा है कि मातृत्व के शुरुआती महीनों में महिलाओं को किस अनुभव से होकर गुजरना पड़ता है जब वह सबके चेहरों पर ख़ुशी लाती हैं.
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