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जिसे एलियन की ममी समझा, वो इंसान की निकली
चिली ने 6 इंच की ममी की जांच कर इस बात की पुष्टि की है कि ये कोई एलियन नहीं बल्कि एक नरकंकाल है.
जांच में पता चला है कि ये अवशेष एक नवजात शिशु के हैं, जिसके जीन्स में कई तरह की असमानताएं थीं. भ्रूण के साइज़ का होने के बावजूद भी इसके शुरुआती टेस्ट में माना जा रहा था कि हड्डियां छह से आठ साल के बच्चे की थीं.
इसमें कई तरह के असामान्य लक्षण होने की वजह से ही इसके मूल का पता नहीं लग पा रहा था.
अब डीएनए टेस्ट से पता चला है कि हड्डियों और अन्य असमानताओं की अनुमानित उम्र का इसलिए पता नहीं चल पा रहा था क्योंकि कंकाल में कई तरह के आनुवांशिक बदलाव थे.
ये रिसर्च 'जिनोम रिसर्च' नाम की एक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.
नवजात शिशु की थी केवल 10 पसलियां
अपने छोटे साइज़ के अलावा कंकाल में और भी कुछ असमानताएं थी जैसे, अपेक्षाकृत कम पसली होना और शंकु के आकार का सिर होना.
चिली के अटाकामा रेगिस्तान के निर्जन कस्बे में यह कंकाल एक थैले में बरामद हुआ था, जिसे अटा नाम दिया गया. वहां से इसे स्पेन ले जाया गया.
कुछ लोगों का मानना था कि ये अवशेष किसी एलियन का हो सकता है. लेकिन नये शोध में ये साफ हो गया है कि ये इंसान के ही अवशेष हैं. वैज्ञानिकों की टीम ने इसके जीनोम का विश्लेषण किया और इंसान के भ्रूण की कोशिकाओं का अनुवांशिक खाका तैयार किया.
वे पहले ही साफ कर चुके थे कि ये कंकाल इंसान का ही है. अब टीम के पास प्रमाण है कि अटा एक नवजात बच्ची का कंकाल था, जिसके जीन्स में कई तरह के परिवर्तन के साथ बौनापन और रीढ़ की हड्डी में भी टेढ़ापन था.
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में सूक्ष्म जीव विज्ञान और इम्यूनोलॉजी के प्रोफेसर गैरी नोलन ने कहा, "शुरुआत में समझ नहीं आ रहा था. हड्डियों को देखकर थोड़ा अजीब लग रहा था."
उन्होंने बीबीसी को बताया कि हड़्डियां पूरी तरह परिपक्व नहीं थी. नवजात बच्ची को एक विचित्र बीमारी थी जिस पर लम्बा रिसर्च किया गया है.
आमतौर पर इंसान में 12 पसलियां होती है लेकिन इस कंकाल में केवल 10 ही थी. नोलन कहते हैं कि ये लगभग 40 साल पुराना और नवजात बच्ची का कंकाल है, जो शायद पैदा होते ही मर गई थी.
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया-सैन फ्रांसिस्को से इस अध्ययन के सह-लेखक अतुल बटे ने कहा, "जब असामान्य सिंड्रोम के साथ रोगियों के जिनोम पर अध्ययन करते हैं तो एक से अधिक जीन भी हो सकते हैं, जिसका हमेशा ध्यान रखना चाहिए."
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