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दिलजीत दोसांझ विदेशों में भी इतने लोकप्रिय कैसे हुए?
- Author, मनीष पांडेय
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़बीट
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
"पंजाबी आ गए ओए"
अगर आप दिलजीत दोसांझ हैं तो शो शुरू करने का सिर्फ़ यही एक तरीक़ा है.
पिछले कुछ सालों में इस पंजाबी कलाकार ने जबरदस्त सफलता हासिल की है.
सिया, एड शीरन और रैपर स्वीटी सहित पश्चिमी कलाकारों के साथ गाना गाने के कारण उन्हें दुनिया भर में सुना गया है.
दिलजीत अमेरिकी म्यूज़िक फ़ेस्टिवल कोचेला में परफॉर्मेंस देने वाले पहले पंजाबी सिंगर बने और इसी के साथ उन्होंने अपनी मेगास्टार वाली छवि को और मज़बूत कर लिया. इसके बाद वो जिमी फॉलन के 'द टुनाइट शो' में दिखे.
लेकिन हर शो की शुरुआत में उनके द्वारा किया जाने वाला पारंपरिक अभिवादन बताता है कि वो दुनिया में जहां भी जाते हैं, हमेशा पंजाब को अपने साथ लेकर आते हैं.
उनके फ़ैन्स, साथ काम करने वाले सिंगर और दोस्तों का कहना है कि यही उनकी अपील का सीक्रेट है.
पंजाबी पावर
20 वर्षीय ब्रिटिश पंजाबी सिंगर खु़शी कौर कहती हैं, "उन्होंने दिखाया है कि सशक्त तरीक़े से अपनी संस्कृति से जुड़े रहना ज़रूरी है."
इंग्लैंड के नॉटिंगम की रहने वालीं खु़शी दिलजीत को अपना प्रमुख रोल मॉडल मानती हैं और उनका मानना है कि पंजाबी संस्कृति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उनकी सफलता का एक कारण है.
खु़शी कहती हैं, "उन्होंने पश्चिमी कलाकारों के साथ काम किया है लेकिन सांस्कृतिक पहलू को बरक़रार रखा है. यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि जब हम युवा पीढ़ी इसे देखते हैं और पाते हैं कि उन्होंने क्या किया है... तो यह हमें बताता है कि हम भी इसका हिस्सा बन सकते हैं. हमारा संगीत या हमारा पहनावा हमें यह कहने के लिए प्रेरित करता है कि 'हम ये कर सकते हैं'."
'द टुनाइट शो' में अपनी मौजूदगी के दौरान, दिलजीत ने अपनी मूल भाषा में और पारंपरिक पंजाबी पोशाक में भांगड़ा से भरपूर मनोरंजन किया.
उन्होंने जो गाने गाए, उसमें से एक था G.O.A.T., जिस पर उन्होंने ब्रिटिश-एशियाई प्रोड्यूसर जी-फंक के साथ काम किया था.
जी-फंक का कहना है कि दिलजीत की अपील रहस्य और जिज्ञासा की भावना से आती है और फंक को लगता है कि अगर दिलजीत अंग्रेज़ी में गाते तो पश्चिमी दर्शक उन पर उतना ध्यान नहीं देते.
वे कहते हैं, "जो लोग पंजाबी नहीं हैं, वे सोच रहे हैं कि वह क्या कह रहे हैं और इसमें इतना हंगामा क्यों हो रहा है. इससे दिलजीत को मदद मिली है."
जी-फंक का कहना है कि दिलजीत उन दर्शकों के साथ भी जुड़ते हैं जो अपनी परंपराओं और मूल भाषा से जुड़े रहकर पंजाबी विरासत को साझा करते हैं.
उन्होंने बताया कि द टुनाइट शो में आने के बाद उन्होंने कहा था, "हमारे लोगों को नक़्शे पर लाने के लिए धन्यवाद."
जी-फंक कहते हैं, "अपने लोगों का प्रतिनिधित्व करना और अपनी संस्कृति से दूर न भागना एक बड़ी बात है."
अमेरिकी रैपर स्वीटी का कहना है कि दिलजीत एक 'सम्मानजनक और विनम्र' सहयोगी हैं और जी-फंक का कहना है कि उन्होंने कई सालों तक उनके साथ काम करते हुए ऐसा अनुभव किया है.
जी-फंक का कहना है कि एक सफल संगीतकार, अभिनेता और फ़िल्म निर्माता होने के बावजूद दिलजीत एक "सामान्य और व्यावहारिक व्यक्ति" हैं और उनकी पहली मुलाक़ात एक डिनर के दौरान हुई थी.
जी-फंक कहते हैं, "वह लोगों को 'पाजी' (बड़े भाई) कहकर संबोधित करते हैं जबकि मैं उनसे बहुत छोटा हूं और मैंने उनके लेवल जितना बड़ा कुछ भी नहीं किया है. वह उन लोगों को तुरंत जवाब देते हैं, जिनके पास उनका नंबर होता है.''
जी-फंक बताते हैं, "उन्हें अपने वॉयसनोट्स बहुत पसंद हैं और दो इमोजी हैं, जिनका उपयोग करना उसे पसंद है. पहली प्रार्थना करते हुए हाथ और दूसरी आपकी आँखों तक जाता हुआ मुस्कुराता हुआ चेहरा."
एक उभरती कलाकार खु़शी का कहना है कि विवादों से दूर रहना और दिलजीत की विनम्रता उनके जैसे युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा है.
वह कहती हैं, "उन्होंने अपनी नैतिकता और व्यवहार को बनाए रखा है और वे विनम्र रहते हैं, जिसे देखना अद्भुत है. मुझे लगता है कि यह एक ऐसी चीज़ है, जिसे मैं निश्चित रूप से बनाए रखती हूँ, चाहे मैं कितना भी कुछ कर लूं."
'विदेश में अपने घर जैसा महसूस कराते हैं'
लेकिन दिलजीत का प्रभाव सिर्फ म्यूज़िक इंडस्ट्री तक ही सीमित नहीं है.
पंजाब में जन्मे और दिलजीत के शुरुआती दौर के गाने सुनकर बड़े हुए भाई-बहन वैभव और तान्या हैपी कहते हैं कि वह उन्हें विदेश में घर जैसा अहसास देते हैं.
अब स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में रह रहे उनके परिवार ने बीबीसी न्यूज़बीट को बताया कि उन्हें उनकी कहानी पर "गर्व" है.
20 साल के वैभव कहते हैं, "जब उन्होंने कोचेला में परफॉर्मेंस दी, तो वह पंजाबियों के लिए गर्व का पल था. ऐसा लगता है कि वो यह सब हमारे लिए कर रहे हैं. दिलजीत सांस्कृतिक कपड़े पहने हुए थे और एक पंजाबी के रूप में आनंद ले रहा थे. ऐसा नहीं था कि वो दूसरों के लिए अपने लुक में बदलाव कर रहे हों."
25 वर्षीय तान्या का कहना है कि दिलजीत में जो जोश है, वह बेजोड़ है.
तान्या कहती हैं, "जब आप बड़े होते हैं, तो आप अपनी संस्कृति का एक हिस्सा खो सकते हैं क्योंकि आप नई संस्कृतियों के साथ तालमेल बिठाना शुरू कर देते हैं. ब्रिटेन जैसे अंग्रेजी भाषी देश में लोगों के लिए पंजाबी बोलना कठिन है, जब तक कि वे अपने घर में न हों. इसलिए यह देखकर अच्छा लगता है कि लोग दिलजीत के गाने गा रहे हैं क्योंकि वह पंजाबी में गाते हैं और तब ऐसा लगता है, जैसे आप अपने ही देश में गाना गा रहे हैं.''
उनका कहना है कि ऐसा महसूस ही नहीं होता कि आप विदेश में हैं.
तान्या और वैभव उन हज़ारों लोगों में शामिल होंगे जो दिलजीत को 'लवर्स', 'वाइब' और 'लक 28 कुड़ी दा' जैसे हिट गाने गाते हुए देखेंगे.
वैभव के लिए यह पहली बार होगा कि जब वो उन्हें लाइव गाते हुए देखेंगे और उनका कहना है कि वह 'बहुत उत्साहित' हैं.
वैभव बताते हैं, "मैं अपनी बहन और मां के साथ जा रहा हूँ, जिससे यह और भी बेहतर हो गया है. मैं अपने माता-पिता के साथ और प्रोग्राम्स में उन्हें सुनते हुए बड़ा हुआ हूँ. उन्हें देखते हुए समय बिताना और भी अधिक सुंदर होगा."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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