2जी घोटाले में ज़मानत की अर्ज़ी

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2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले का आरोप झेल रहे कॉरपोरेट जगत के पांच अधिकारियों ने बुधवार को दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत में ज़मानत की अर्ज़ी दाखिल की.
पांचों अभियुक्त, रिलायंस के एडीए ग्रुप के तीन अधिकारी, गौतम दोषी, सुरिंदर पिपारा, हरि नायर, स्वॉन टेलिकॉम के विनोद गोयंका और यूनिटेक कंपनी के संजय चंद्रा अदालत में मौजूद थे.
ज़मानत की अर्ज़ी सुनने के बाद, अदालत ने अगली सुनवाई के लिए शुक्रवार का दिन तय किया और सीबीआई को इस पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है.
सीबीआई ने 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा समेत नौ लोगों और तीन कंपनियों के खिलाफ़ दो अप्रैल को पहला आरोपपत्र दाखिल किया था.
इनमें से पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, उनके निजी सचिव आर के चंदोलिया, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा और स्वान टेलीकॉम के प्रचारक शाहिद बलवा इस वक्त न्यायिक हिरासत में हैं.
इन्हें बुधवार को अदालत में पेश भी किया गया था.
शुक्रवार को होगी सुनवाई
विनोद गोयंका के वकील विजय अग्रवाल ने बताया कि सीबीआई ने जांच के दौरान उनके मुवक्किल को गिरफ्तार नहीं किया इसलिए वो ज़मानत के हकदार हैं.
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकारी वकील नियुक्त किए जाने के बाद यू यू ललित ने बुधवार को पहली बार अदालत में अपनी दलील पेश की और ज़मानत का पुरज़ोर विरोध किया.
सीबीआई के आरोपपत्र में अभियुक्तों पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत धोखाधड़ी, जालसाज़ी और आपराधिक साज़िश का आरोप है.
राजा पर आपराधिक साज़िश, धोखाधड़ी, जालसाज़ी और भ्रष्टाचार के आरोप है.
सीबीआई के मुताबिक 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले से राजकोष को लगभग 31 हज़ार करोड़ रुपए का नुक़सान हुआ.
इस मामले में सीबीआई दूसरा आरोपपत्र 25 अप्रैल तक दाखिल करेगी.
































