सऊदी अरब तेल उत्पादन बढ़ाने पर राज़ी: ट्रंप

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अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्वीट करके कहा है कि उन्होंने सऊदी अरब से तेल उत्पादन बढ़ाने का आग्रह किया था और वो इसके लिए राज़ी हो गया है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब क़रीब 20 लाख बैरल तेल उत्पादन बढ़ाएगा ताकि वेनेज़ुएला और ईरान की कमी की भारपाई हो सके.
इसी हफ़्ते समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने तेल इंडस्ट्री के सूत्रों के हवाले से ख़बर दी थी कि सऊदी अरब जुलाई महीने से हर दिन एक करोड़ दस लाख बैरल तेल का उत्पादन करेगा.
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अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्वीट में कहा है, ''अभी मैंने सऊदी किंग सलमान से बात की. ईरान और वेनेज़ुएला के कारण उनसे क़रीब 20 लाख बैरल तेल उत्पादन बढ़ाने को कहा ताकि इस कमी को पूरा किया जा सके. क़ीमत भी बहुत ज़्यादा हो गई है. वो तेल उत्पादन बढ़ाने पर राज़ी हो गए हैं.''

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शनिवार को सऊदी अरब के सरकारी मीडिया में यह ख़बर छपी थी कि किंग सलमान और राष्ट्रपति ट्रंप ने तेल बाज़ार में स्थिरता और उसकी कमी को संतुलित करने पर ज़ोर दिया है.
सऊदी अरब के मीडिया का कहना है कि दोनों नेताओं की फ़ोन पर बातचीत हुई है. हालांकि इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है कि सऊदी अरब हर दिन 20 लाख बैरल तेल उत्पादन बढ़ाएगा.
ट्रंप प्रशासन दुनिया भर के देशों पर ईरान से तेल आयात में नवंबर महीने से कटौती करने का दबाव बना रहा है.
ट्रंप ने ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते को रद्द कर दिया था और तब से ही ईरान पर अमरीका और कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है.
यूरोप, एशिया और मध्य-पूर्व में अपने सहयोगी देशों पर अमरीका ईरान से तेल आयात नहीं करने का दबाव बना रहा है ताकि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम रोक दे.
अमरीकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमरीका ने उन देशों से बातचीत शुरू कर दी है जो ईरान से तेल आयात करते हैं.

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चीन दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक देश है. चीन ईरान से हर दिन औसत 655,000 बैरल तेल ख़रीदता है.
हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि अगर ईरान के तेल पर पाबंदी लगा दी गई तो तमाम ओपेक देश बाज़ार की ज़रूरतें पूरी नहीं कर पाएंगे.
ईरान से तेल आयात रोकने का दबाव भारत पर भी है. भारत दौरे पर आईं संयुक्त राष्ट्र में अमरीका की स्थायी प्रतिनिधि निकी हेली ने कहा है कि भारत को ईरान से तेल आयात पर दोबारा सोचना चाहिए.
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