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पाकिस्तान सुपर लीग में स्टेडियम में नहीं होंगे दर्शक, आईपीएल को लेकर पीसीबी ने ये कहा
- Author, रशीद शकूर
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए
- ........से, कराची
- पढ़ने का समय: 7 मिनट
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) के 11वें एडिशन को सिर्फ़ दो शहरों में कराने का फ़ैसला किया है, लेकिन सबसे अहम बात यह है कि यह पूरा टूर्नामेंट दर्शकों के बिना होगा.
यानी क्रिकेट प्रशंसकों को स्टेडियम आने की बिल्कुल भी इजाज़त नहीं होगी.
पीएसएल, पाकिस्तान क्रिकेट का एक अहम ब्रांड है, जो हर साल नियमित रूप से आयोजित होता रहा है. दस साल पूरे होने के बाद अब यह एक नए दौर में दाख़िल हो रहा है. इस बार पीएसएल 26 मार्च से 3 मई तक आयोजित होना है.
पहले जारी शेड्यूल के मुताबिक पीएसएल के 44 मैच छह शहरों- कराची, लाहौर, रावलपिंडी, मुल्तान, फ़ैसलाबाद और पेशावर में होने थे. पेशावर और फ़ैसलाबाद पहली बार पीएसएल का हिस्सा बने थे.
लेकिन इस वक्त के असाधारण हालात को देखते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को अलग-अलग तरह के कदम उठाने पड़े हैं, जिनके तहत अब ये 44 मैच सिर्फ़ दो शहरों, कराची और लाहौर, में खेले जाएंगे. दोनों शहर 22-22 मैचों की मेज़बानी करेंगे.
सबसे बड़ा फ़ैसला यह किया गया है कि किसी भी मैच में दर्शकों को स्टेडियम में दाख़िल होने की इजाज़त नहीं होगी. यानी यह पीएसएल पूरी तरह से क्लोज़्ड डोर आयोजित की जा रहा है. इस बार यह इवेंट बिना किसी उद्घाटन समारोह के भी शुरू हो रहा है.
'संसाधनों को ज़ाया होने से बचाने के लिए फ़ैसला'
इस बार पीएसएल में आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें हैदराबाद और रावलपिंडी की टीमें पहली बार इस इवेंट का हिस्सा बनी हैं. वहीं मुल्तान सुल्तान्स की टीम को नए मालिकों ने खरीदा है, और ये तीनों टीमें नीलामी में भारी बोली लगाकर हासिल की गई हैं.
यह दूसरा मौका है जब पीएसएल बिना दर्शकों के खेला जा रहा है. इससे पहले कोविड के दिनों में भी पीएसएल के दौरान प्रशंसकों को स्टेडियम आने की इजाज़त नहीं दी गई थी.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की तरफ़ से पीएसएल को सिर्फ़ दो शहरों में कराने और दर्शकों का स्टेडियम में प्रवेश बंद करने के इस फ़ैसले के पीछे पाकिस्तान सरकार की वे हिदायतें हैं, जो इस वक्त इलाके की बेहद असाधारण स्थिति को देखते हुए दी जा रही हैं. ये खर्चों में कटौती के तहत उठाए गए क़दमों में से एक है.
इस समय देश में तेल की सप्लाई की स्थिति को देखते हुए स्कूल बंद हैं और वर्क फ्रॉम होम की नीति के तहत काम किया जा रहा है.
ऐसी जानकारी भी सामने आ रही है कि देश में स्मार्ट लॉकडाउन लागू किया जा सकता है, लेकिन अभी तक इस बारे में सरकारी तौर पर कोई बात सामने नहीं आई है.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नक़वी का कहना है कि इस फ़ैसले का बुनियादी मक़सद संसाधनों को ज़ाया होने से बचाना है, इसी वजह से मूवमेंट को सीमित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मुमकिन है कि पीएसएल के बाद के चरण में दर्शकों को स्टेडियम आने की इजाज़त दे दी जाए, लेकिन फिलहाल नहीं.
मोहसिन नक़वी का यह भी कहना है कि पीएसएल मैचों की गेट मनी का बहुत बड़ा हिस्सा फ्रेंचाइज़ियों को जाता है, इसलिए दर्शकों के न आने से उन्हें जो भी नुकसान होगा, उसे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पूरा करेगा.
यह फ़ैसला कितना ज़रूरी था?
पूर्व टेस्ट क्रिकेटर हारून रशीद पीएसएल को दो शहरों तक सीमित करने के फ़ैसले को सही ठहराते हैं.
बीबीसी हिन्दी से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी यह नहीं चाहेगा कि उसका इवेंट ख़राब हो या प्रभावित हो, लेकिन कुछ ऐसी मजबूरियां होती हैं जिनकी वजह से सख़्त फ़ैसले लेने पड़ते हैं.
बेशक ये हालात मायूस करने वाले हैं, लेकिन इस फ़ैसले के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था. अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए यह फ़ैसला आसान नहीं था. ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए पीएसएल को छह अलग-अलग शहरों में फैलाना बहुत महंगा साबित होता और लॉजिस्टिक्स से जुड़े मसले भी थे.
हारून रशीद का कहना है कि इस बार जो नई टीमें पीएसएल का हिस्सा बनी हैं, उन्होंने भी बहुत बड़ी रकम खर्च की है और पहली बार शामिल होने वाले ये फ्रेंचाइज़ मालिक इस इवेंट को लेकर बेहद उत्साहित नज़र आते हैं.
इसलिए इस इवेंट का किसी न किसी सूरत में आयोजित होना भी बहुत ज़रूरी है. भले ही स्टेडियम में दर्शक नहीं आएंगे, लेकिन स्टेडियम में ब्रांडिंग और टीवी के कमर्शियल नज़रिए से कुछ न कुछ आमदनी ज़रूर हो जाएगी.
प्रशंसक कितने मायूस?
पीएसएल में दर्शकों के प्रवेश पर रोक लगाने के फ़ैसले ने ज़ाहिर तौर पर क्रिकेट के प्रशंसकों को काफ़ी मायूस किया है, जो हर साल बेसब्री से पीएसएल का इंतज़ार करते हैं और अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को देखने के लिए मैदानों का रुख करते हैं. लेकिन इस बार उन्हें पीएसएल का पूरा एक्शन टीवी पर ही देखना पड़ेगा.
वैसे तो सभी शहरों के प्रशंसकों को इस फ़ैसले से मायूसी हुई है, लेकिन सबसे ज़्यादा निराश पेशावर और फ़ैसलाबाद के प्रशंसक हैं, क्योंकि बेहद लंबे इंतज़ार के बाद पेशावर और फ़ैसलाबाद को पीएसएल के दायरे में शामिल किया गया था.
पेशावर को भले ही सिर्फ़ एक मैच की मेज़बानी मिली थी, लेकिन इसके बावजूद पेशावर के क्रिकेट प्रशंसकों में ज़बरदस्त जोश दिख रहा था, जो अब मायूसी में बदल गया है.
पेशावर के वरिष्ठ पत्रकार अमजद अज़ीज़ मलिक ने बीबीसी हिन्दी से बात करते हुए कहा कि यह बात सब अच्छी तरह जानते हैं कि पेशावर में क्रिकेट का जुनून बहुत ज़्यादा है. इसकी एक झलक हालिया नेशनल टी20 टूर्नामेंट के दौरान भी देखने को मिली थी, जब रमज़ान के बावजूद इमरान ख़ान स्टेडियम में प्रशंसक पूरे जोश के साथ मैच देखने आए थे.
जब यह बताया गया था कि पीएसएल का मैच पेशावर में होगा, तो यहां के लोग बहुत खुश थे. हालांकि दूसरे शहरों के मुक़ाबले पेशावर में टिकटों की क़ीमतें ज़्यादा थीं, फिर भी सारे टिकट बिक गए थे और प्रशंसक 28 मार्च को पेशावर ज़ल्मी और पिंडी के बीच होने वाले मैच का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे.
मिशाल मलिक, जो स्पोर्ट्स डायरेक्टरेट पेशावर में सत्रहवें ग्रेड की अफ़सर हैं, उन्होंने पास के बजाय अपने और अपनी बहन के लिए दो-दो हज़ार रुपये के टिकट ख़रीदे थे. लेकिन उन्हें भी इस बात का अफ़सोस है कि पेशावर में मैच न होने की वजह से अब ये टिकट वापस करने पड़े हैं.
इक़बाल स्टेडियम फ़ैसलाबाद में सात मैच खेले जाने थे, लेकिन अब वहां भी ये मैच नहीं होंगे.
फ़ैसलाबाद भी प्रशंसकों के नज़रिए से पाकिस्तान में क्रिकेट का एक अहम केंद्र रहा है, जिसने अतीत में कई अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेज़बानी की है. इस शहर के लोग भी पीएसएल का कोई मैच न होने से मायूस हुए हैं.
अमान इदरीस मशहूर और लोकप्रिय उर्दू कमेंटेटर मोहम्मद इदरीस के बेटे हैं. क्रिकेट का शौक़ उन्हें अपने पिता से विरासत में मिला है. न सिर्फ़ अमान इदरीस, बल्कि उनके बेटे भी क्रिकेट के दीवाने हैं. अमान इदरीस कहते हैं कि यहां पीएसएल के मैच न होने से उनके बेटे बहुत मायूस हुए हैं और उन्हें भी खरीदे गए टिकट वापस करने पड़ रहे हैं.
आईपीएल के लिए पीएसएल छोड़ने वालों पर कार्रवाई
पीएसएल में हिस्सा लेने वाले विदेशी खिलाड़ियों का पाकिस्तान आना शुरू हो गया है, जिनमें ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ भी शामिल हैं.
इस बार पीएसएल में कई बड़े नाम मौजूद हैं, लेकिन दूसरी तरफ़ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को विदेशी क्रिकेटरों की ओर से पीएसएल छोड़कर जाने की स्थिति का भी सामना करना पड़ रहा है.
इनमें से कुछ खिलाड़ियों ने निजी वजहों से टूर्नामेंट से हटने का फ़ैसला किया है, लेकिन ज़िम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुज़ारबानी और श्रीलंका के दासुन शनाका ने पीएसएल छोड़कर आईपीएल जॉइन कर लिया है.
इस पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कहा है कि इन खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि उन्होंने आख़िरी वक़्त में पीएसएल का कॉन्ट्रैक्ट छोड़कर आईपीएल में शिरकत की है.
पाकिस्तान सुपर लीग को बिना दर्शकों के सिर्फ़ दो शहरों में कराने के फ़ैसले पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.
जहां एक तरफ़ इसे मौजूदा हालात में सही फ़ैसला बताया जा रहा है, वहीं कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया है और कहा है कि बिना दर्शकों के पीएसएल का रंग फीका रहेगा.
उनका कहना है कि बेहतर होता अगर इस हालात में इसे कराने के बजाय कुछ समय के लिए टाल दिया जाता और फिर किसी उपयुक्त समय में इसका आयोजन किया जाता.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.